सरकार आज समझौते लागू करे, कल कर देंगे अपनी रैली रदद : यशपाल मलिक

Rohtak Bureau Updated Sat, 10 Feb 2018 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि 15 फरवरी को जींद में अमित शाह की रैली के समानांतर भाईचारा यात्रा हम रद्द कर सकते हैं, अगर सरकार हमारे साथ हुए समझौते को लागू कर दे। ऐसा नहीं होने पर अमित शाह की रैली के समानांतर अपनी रैली के जरिये हर हालत में ताल ठोंकने का काम करेगा। अब घोषणा नहीं, सीधे समझौता लागू होना चाहिए। मलिक शुक्रवार को यहां जाट धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत कर रह थे।
मलिक ने कहा कि पिछले साल जाट आंदोलन के बाद सरकार और संघर्ष समिति के बीच समझौता हुआ था। समझौते में खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय मंत्री और भाजपा के हरियाणा के प्रभारी अनिल जैन शामिल थे। समझौते को प्रदेश सरकार ने लागू नहीं किया। हरियाणा सरकार ने वह किया है, जिससे राजनीतिक लोगों से जनता का भरोसा उठ गया है। सरकार समझौते पर कुंडली मारे बैठी है। जब उनके संगठन ने 15 फरवरी को शाह की रैली के समानांतर रैली करने और भाईचारा यात्रा निकालने का एलान किया, तब सरकार ने जाट आरक्षण आंदोलन के सिलसिले में दर्ज 70 मामले वापस लेने की घोषणा की। मलिक ने कहा कि उनको आंदोलन और रैली करने का शौक नहीं है, सरकार इसके लिए मजबूर कर रही है। मलिक ने कहा कि पिंडारा के पास जहां भाजपा अध्यक्ष अमित शाह रैली करेंगे, उसी स्टेज पर उनके संगठन का कब्जा होगा। सरकार अर्द्ध सैनिक बलों की सैकड़ों कंपनियां हरियाणा में मंगवाने की बात कहकर आंदोलनकारियों को डराने का प्रयास कर रही है लेकिन उसे यह नहीं भूलना चाहिए कि जितनी कंपनियां सरकार मंगवा रही है, उनके बूते तो वह एक गांव को भी काबू नहीं कर सकती। 15 फरवरी को प्रदेश से लाखों लोग ट्रैक्टर-ट्राली यात्रा में भाग लेते हुए जींद पहुंचेंगे। इतने लोगों को रोकना किसी सरकार या किसी पुलिस और सेना के वश की बात नहीं है। 15 फरवरी से पहले जाट नेताओं की गिरफ्तारी की संभावना को लेकर पूछे सवाल के जवाब में मलिक ने कहा कि गिरफ्तारियों से आंदोलनकारी कभी डरते नहीं। यशपाल मलिक ने कहा कि वह 15 फरवरी को जींद में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की रैली में आने वाले बाइक सवारों को रोकने का काम नहीं करेंगे। किसी तरह का टकराव भी उनका संगठन नहीं चाहता। उसी दिन संघर्ष समिति की भाईचारा यात्रा में हजारों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़क पर आने से रास्ते बंद होते हैं तो जिम्मेदारी उनकी नहीं होगी। यह तय है कि 15 को जब एक ट्रैक्टर के पीछे चार ट्राली जोड़कर महिलाएं निकलेंगी। उन्होंने कहा कि सांपला में जो कुछ हुआ, उसके पीछे पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ और जींद की जाट धर्मशाला के तत्कालीन और अब पूर्व प्रधान जिम्मेदार हैं। यह लोग चाहते हैं कि हरियाणा में तनाव का माहौल बने। खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी यह चाहते हैं कि जाटों को किसी भी तरीके से बदनाम किया जाए। मलिक ने कहा कि जाट आंदोलन के दौरान बीजेपी के जिन कार्यकर्ताओं ने हरियाणा को जलाने और भाईचारे को उसकी आग में भस्म करने का काम किया था, उनके खिलाफ तो मामले भी दर्ज नहीं किए गए। इस आंदोलन के सिलसिले में जाट समुदाय के लोगों पर जो मामले दर्ज हुए, वह पूरी तरह झूठे हैं। प्रदेश सरकार इसके जरिए अपना राजनीतिक स्वार्थ साधना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार से समझौते को लेकर पांच फरवरी से ही लगातार बातचीत चल रही है। इस मौके पर उनके साथ अशोक बलहारा, सुनीता मान, कैप्टन भूपेंद्र जागलान, कैप्टन वेदप्रकाश, कैप्टन रणधीर चहल मौजूद रहे।

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