दशहरे पर नहीं हो पाया दशानन का दहन, पुलिस ने जलाने से रोका, तुड़वाया पुतला

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Sun, 25 Oct 2020 11:18 PM IST
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रामलीला मैदान में कमेटी के सदस्यों से बात करते पुलिस थाना प्रभारी।
रामलीला मैदान में कमेटी के सदस्यों से बात करते पुलिस थाना प्रभारी। - फोटो : Jhjhar

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झज्जर। कोरोना महामारी के कारण इस बार अन्य त्यौहारों की तरह दशहरा भी फीका रहा और बिना रावण दहन के मनाया गया। इस बार भी जगह जगह रावण के पुतले बनाए जरूर गए, मगर प्रशासन की ओर से जलाने की अनुमति न होने के कारण पुलिस ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया। ऐसे में रावण पुतला दहन कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया। हालांकि, गली मोहल्लों में पुतले जलाए गए। सिलानी गेट क्षेत्र में शहर के कुछ युवकों की तरफ से तैयार किए गए रावण के पुतले को पुलिस ने मौके पर पहुंच कर तुड़वा दिया। वहीं एक पुलिस कर्मी ने खुद भी पुतले को लात मारकर तोड़ दिया। इस पर युवाओं ने रोष भी जताया। पुलिस भी दिन भर रावण के पुतले जलाए जाने से रोकने के लिए इधर से उधर दौड़ती रही।
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पुलिस के पहुंचने से पहले ही कर दिया था रावण के छोटे से पुतले का दहन
झज्जर के रामलीला मैदान में मात्र छोटे से पुतले का निर्माण कर उसका दहन करते हुए मात्र परंपरा का निर्वहन किया गया। जबकि यहां भी पुलिस की टीम पुतले को न जलाने देने के लिए पहुंची थी, लेकिन यहां पर पुलिस के पहुंचने से पहले ही रावण के पुतले का दहन कर दिया गया था। हालांकि दशहरे पर यहां रावण, कुंभकरण व मेघनाथ के करीब 50 फुट के पुतले हर साल जलाए जाते थे। बाकायदा चीफ गेस्ट बुलाकर रावण के पुतले का दहन किया जाता था। इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से प्रशासन की तरफ से रावण के पुतलों का दहन करने के लिए भी अनुमति नहीं दी।
दुजाना में लगा श्रीराम का दरबार
दुजाना गांव में रामलीला कमेटी की तरफ से भगवान श्रीराम का दरबार लगाया। यहां पर मुकुट वाले हनुमानजी आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं झज्जर के बाबा कांशी गिरी मंदिर में भी मुकुट वाले हनुमान का रूप धारण कर युवाओं ने परिक्रमा भी की। प्राचीन रामलीला कमेटी की तरफ से शहर के रामलीला मैदान में धनुष पूजा की और कुछ समय के लिए रावण वध की लीला का भी आयोजन किया गया। झज्जर के रामलीला मैदान में पिछले करीब ढाई सौ वर्षो से दिन की रामलीला का आयोजन किया जाता है, लेकिन कोरोना काल की वजह से पहली बार जिनके रामलीला का आयोजन नहीं हुआ और रावण दहन की परंपरा का भी मात्र निर्वहन किया गया।
नहीं निकाली जाएंगी झाकी
प्राचीन राम लीला के संरक्षक आजाद सिंह दिवान का कहना है कि प्रशासन के रूख को देखते हुए कोरोना संक्रमण के चलते रामलीला मैदान से निकाली जाने वाली झांकी व श्रीराम की सवारी के कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जो रूख पुलिस की तरफ से अपनाया जा रहा है। वह धर्म के विरुद्ध है। जब करीब 20 दिन से बच्चे पुतला तैयार कर रहे थे उस समय पुलिस कहां गई थी। जब बच्चों ने पुतला तैयार कर लिया उस समय उसे तुड़वा दिया।
कोरोना काल में रावण के पुतले का दहन प्रशासन से अनुमति लेकर किया जा सकता था। जिन लोगों के पास पुतला दहन की प्रक्रिया के लिए अनुमति नहीं थी। उन लोगों को पुतला दहन करने से रोका गया है।
- राजेश कुमार, पुलिस थाना प्रभारी, शहर झज्जर।
सिलानी गेट के पास रावण के पुतले को हटाने की बात कहता पुलिसकर्मी।
सिलानी गेट के पास रावण के पुतले को हटाने की बात कहता पुलिसकर्मी। - फोटो : Jhjhar
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