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जिंदगी में किया उजाला: मरने के बाद भी जिंदा रहेंगी गुभाना गांव की किशनी देवी की आंखें

संवाद न्यूज एजेंसी, बादली, बहादुरगढ़ (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 29 Nov 2022 10:47 PM IST
सार

किशनी देवी ने 10 साल पहले मरणोपरांत नेत्रदान का फार्म भरा था। मंगलवार को निधन होने पर आंखें दान कर दी। उनसे दो लोगों के जीवन में खुशियों का उजाला होगा।

किशनी देवी के मरणोपरांत कौशिक परिवार को सम्मानित करता स्वास्थ्य विभाग।
किशनी देवी के मरणोपरांत कौशिक परिवार को सम्मानित करता स्वास्थ्य विभाग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

हरियाणा के झज्जर जिले के बादली क्षेत्र के गुभाना की किशनी देवी की इच्छा थी कि उनके मरने के बाद भी उनकी आंखों से किसी नेत्रहीन की जिंदगी में उजाला हो जाए। एक सामाजिक संस्था के प्रयास से उन्होंने 10 साल पहले अपने मरणोपरांत आंखें दान करने का फार्म भर दिया था।

 

मंगलवार को उनका निधन हुआ तो परिजनों की सूचना पर उनकी आंखें दान कर दी गई। परिजनों को इस बात की खुशी है कि उनकी माता भले ही दुनिया से चली गई हैं लेकिन उनकी आंखें जिंदा रहेंगी। उनसे दो लोगों के जीवन में खुशियों का उजाला होगा।


 

राज्यपाल से सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता नरेश कौशिक की माता किशनी देवी  का निधन मंगलवार की सुबह हो गया था। जिसके बाद परिवार ने नेत्रदान के लिए पहल की। नेत्रदान करने वाली किशनी देवी के बड़े पुत्र नरेश कौशिक ने बताया कि करीब दस साल पहले श्याम लोकहित समिति ने नेत्रदान की पहल करते हुए समाज को जागरूक करने का कदम उठाया था। उसी पहल के दौरान उनकी माता किशनी देवी ने नेत्रदान का फार्म भरकर संकल्प लिया था। उनकी खुद की इच्छा थी कि मरणोपरांत भी उनकी आंखों से किसी को रोशनी मिले।


मंगलवार को किशनी देवी के निधन के बाद परिवारों ने झज्जर अस्पताल के चिकित्सकों को सूचना दी। जिसके बाद वहां से टीम ने पहुंचकर उनकी आंखें दान लेने की औपचारिकता पूरी की। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मोटिवेटर संदीप कुमार जांगड़ा, नरेंद्र दलाल और मीनाक्षी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में नेत्रदान पहली बार किया गया है जोकि समाज को नया संदेश देगा।

 

स्वास्थ्य विभाग की ओर से कौशिक परिवार को सम्मानित भी किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए बताया कि जिंदगी भर जिस शख्श ने कभी दुनिया नहीं देखी और केवल अंधेरे में ही जिया, उनकी आखों में रोशनी आ जाए तो इससे खुशी की बात और क्या हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किशनी देवी के परिजनों को सम्मानित भी किया।

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