एक छत के नीचे एलोपैथिक, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक पद्धति से होगा इलाज

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Mon, 26 Nov 2018 12:17 AM IST
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चरखी दादरी। होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक उपचार के लिए अब मरीजों को निजी केंद्रों पर जाने की आवश्यकता नहीं है। स्वास्थ्य और आयुष विभाग मिलकर यह सुविधा शहीद ऊधम सिंह सिविल अस्पताल की ओपीडी विंग (पुरानी बिल्डिंग) में शुरू करने जा रहे है। दिसंबर माह के पहले सप्ताह तक यह सुविधा शुरू होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग की प्लानिंग अनुसार आयुष विभाग मातृ-शिशु अस्पताल से शहीद ऊधम सिंह सिविल अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा। वहीं, आयुष विभाग होम्योपैथिक के अलावा आयुर्वेदिक चिकित्सक की तैनाती करेगा। स्वास्थ्य विभाग ने आयुष शाखा शुरू करने के लिए जगह चयनित भी कर ली है। आयुष विभाग अधिकारियों की मानें तो दिसंबर माह से सिविल अस्पताल में ही पंचकर्म की सेवाएं भी मरीजों को मिलने लगेंगी।
प्लानिंग धरातल पर पूरी तरह उतरने के बाद जिला मुख्यालय अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों के सामने तीन पद्घतियों से उपचार कराने का विकल्प रहेगा। अभी तक यहां केवल एलोपैथिक उपचार ही मरीजों को मिल पा रही थी। हालांकि आयुष विभाग ने सरदार झाड़ू सिंह चौक रोड स्थित मातृ-शिशु अस्पताल में एक चिकित्सक की तैनाती कर होम्योपैथिक उपचार की सेवा कुछ समय पहले ही शुरू की थी। सूत्रों की मानें तो बेहतर उपचार के लिए यहां संसाधनों का अभाव है। मौजूदा समय में स्वास्थ्य विभाग जहां एलोपैथिक पद्घति में सुधार के भरसक प्रयास कर रहा है तो वहीं आयुष विभाग ने दो तरह के उपचार (आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक) सुविधा देने की योजना तैयार कर ली है। इस सप्ताह जिला आयुर्वेदिक अधिकारी उच्चाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे जिसमें यह योजना सिरे चढ़ने की उम्मीद है। इस संबंध में सीएमओ विरेंद्र यादव के साथ भी आयुष विभाग टाइअप कर चुका है। स्वास्थ्य विभाग ओपीडी विंग में उन्हें दो कमरे देने के लिए तैयार है।
चिकित्सा सुविधाओं के लिए आठ लाख की आबादी जिला मुख्यालय सिविल अस्पताल पर ही निर्भर है। फिलहाल यहां एलोपैथिक उपचार ही मरीजों को दिया जा रहा है। अगर किसी को होम्योपैथिक उपचार चाहिए तो इसके लिए उसे मातृ-शिशु अस्पताल की भागदौड़ करनी पड़ती है। इसकी जिला मुख्यालय अस्पताल से दूरी करीब तीन किलोमीटर है। वहीं, चिकित्सा सुविधाएं भी संसाधनों की कमी से नाममात्र ही है। सरकार की तरफ से जिले में अब तक आयुर्वेदिक उपचार की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इसके चलते लोग निजी केंद्रों पर जाकर भारी-भरकम फीस चुकाने को विवश हैं। लोगों की परेशानियों को देखते हुए स्वास्थ्य और आयुष विभाग ने जो प्लानिंग तैयार की है, उसके धरातल पर पूरा होते ही मरीजों को काफी राहत मिलेगी। सिविल अस्पताल की दैनिक ओपीडी 400 से 450 के बीच रहती है। वहीं, मातृ-शिशु अस्पताल की दैनिक ओपीडी 70 से 80 है।

आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक का मिलेगा उपचार
मातृ-शिशु अस्पताल से आयुष शाखा अब जिला मुख्यालय अस्पताल में शिफ्ट हो जाएगी। इसकी प्लानिंग हो चुकी है। आयुष विभाग ने होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक उपचार ओपीडी विंग में शुरू करने के लिए दो कमरों की डिमांड की थी जिसे स्वास्थ्य विभाग ने मान लिया। सीएमओ और जिला आयुर्वेदिक अधिकारी का कहना है कि एक कमरे में होम्योपैथिक तो दूसरे में आयुर्वेदिक पद्घति से उपचार देने के लिए चिकित्सक की तैनाती की जाएगी।

ये हैं उपचार के तीन पद्घति
उपचार की तीन पद्घतियां होती हैं। ये एलोपैथिक, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक होती हैं। एलोपैथिक में बड़े ऑपरेशन, इंजेक्शन व अंग्रेजी दवाओं से उपचार किया जाता है। 60 फीसदी लोग यह उपचार लेते हैं। दूसरी पद्घति होम्योपैथिक है और इसमें सर्जरी की बजाय टेबलेट और मीठे सिरप से उपचार होता है। इस समय होम्योपैथिक उपचार डॉ. पूनम करती हैं। वहीं, आयुर्वेदिक पद्घति में माइनर सर्जरी और दवाओं जैसे भस्म, सिरप, चूर्ण, टेबलेट, काढ़ा आदि से उपचार किया जाता है।

पंचकर्मा की सुविधा भी मिलेगी जल्द
तीन तरह के उपचार के अलावा जिला मुख्यालय अस्पताल में आयुष विभाग पंचकर्मा की सुविधा भी देने जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों में व्यवस्था हो चुकी है लेकिन चरखी दादरी जिला इससे अभी अछूता है। इसे देखकर आयुष विभाग ने पंचकर्मा स्थापित करने की डिमांड भी आला अधिकारियों के पास भेजी है। पंचकर्मा में मसाज, शिरोधारा, स्टिम सहित अन्य प्रकार से मरीजों का उपचार किया जाएगा।

ओपीडी विंग में हम आयुष विभाग को दो कमरे देंगे और इसके लिए जगह का चयन कर चुके हैं। मातृ-शिशु अस्पताल से शहीद ऊधम सिंह अस्पताल में आयुष शाखा को शिफ्ट किया जाएगा और होम्योपैथिक के अलावा आयुर्वेदिक और एलोपैथिक उपचार मरीजों को एक ही छत के नीचे मिलेगा। -डॉ. विरेंद्र यादव, सीएमो, चरखी दादरी


आगामी दो-तीन दिनों में ही इस विषय में आला अधिकारियों के साथ बैठक होगी। हम दो और चिकित्सकों की तैनाती की मांग के अलावा पंचकर्मा शुरू कराने की मांग भी करेंगे। सीएमओ ने आयुष विभाग की ओपीडी शुरू करने के लिए जगह देने की हामी भरी है। - डॉ. विक्रम कपिल, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी
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