बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

कृषि क्षेत्र में डिजिटलाइजेशन को लागू करें तो किसानों की आय हो जाएगी दोगुनी : डॉ. गौतम

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 21 Nov 2019 12:54 AM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
कृषि क्षेत्र में डिजिटलाइजेशन को लागू कर पीएम मोदी के किसानों की आय वर्ष 2022 तक दोगुनी करने के वादे को पूरा किया जा सकता है। यह बात भारतीय विस्तार शिक्षा समिति के अध्यक्ष एवं बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. यूएस गौतम ने कही। तीन दिवसीय संगोष्ठी के दौरान सभी वैज्ञानिक इस विषय पर विचार-विमर्श करेंगे और डिजिटलाइजेशन को लेकर आने वाले सभी सुझावों को एकत्रित कर उन्हें केंद्र सरकार को भेजेंगे। साथ ही सरकार से कहेंगे कि इन पहलुओं पर रिसर्च व एक्सटेंशन एजुकेशन की जाए तो तो हम किसानों की आय बढ़ा सकते हैं।
विज्ञापन

कम पढ़े-लिखे किसान भी उठा सकते हैं फायदा
डॉ. गौतम ने बताया कि उन्होंने मध्य प्रदेश में एक सर्वे करवाया था, जिसमें यह सामने आया था कि एक परिवार में औसतन पांच मोबाइल है और सभी टच स्क्रीन है। हमने एक हिंदी में वेव भी तैयार किया है, ताकि कम पढ़े-लिखे किसानों को भी इसका फायदा मिले। इसके माध्यम से ज्यादा से ज्यादा जानकारी किसानों तक पहुंचा सकते हैं। मान लिजिए किसान की फसल में कोई बीमारी लग गई है तो उस स्थिति में किसान पौधे का फोटो खींचकर हमसे मदद मांग सकता है। इसके लिए उसे हमारे पास आने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा हमने कृषि क्षेत्र में हिंदी भाषा में काफी साहित्य तैयार किया है। एचएयू में भी इस पर काफी काम हुआ है। डिजिटलाइजेशन के माध्यम से इसे भी हम किसानों तक पहुंचा सकते हैं।

डिजिटल के माध्यम से करनी होगी प्लानिंग
कुलपति ने बताया कि आज के समय में हम कृषि उत्पादन में काफी बढ़ोतरी कर चुके हैं। मगर अब लोगों की जरूरतों में बदलाव आ रहा है। जैसे पहले लोग सिर्फ बीमार पड़ने पर ही फल खाते थे, वहीं आज फल खाना रूटीन में शामिल हो गया है। इसी को लेकर हमें डाटा तैयार करना होगा और डाटा के हिसाब से प्लानिंग करनी होगी। विदेशों में किसी की वस्तु की आज की डिमांड को देखकर अगले दस साल की योजना तैयार की जाती है। हम डिजिटल इंडिया के माध्यम से ऐसी प्लानिंग कर सकते हैं, जिससे किसानों को अपनी आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि सरकार इसके लिए किसानों का प्लेटफार्म उपलब्ध करा रही है, लेकिन हम किसानों से सही ढंग से कड़ी नहीं बना पा रहे हैं। इस पर संगोष्ठी में विचार-विमर्श किया जाएगा कि कैसे किसानों तक इस सुविधाओं को पहुंचाया जाए।
कृषि को बनाना होगा व्यवसाय
डॉ. गौतम ने बताया कि कृषि को व्यवसाय बनाना होगा, ताकि जो युवा खेती की बजाय नौकरी करना चाहते हैं, वह भी खेती की तरफ जाएं। इसके लिए युवाओं को 17 साल की उम्र से ही खेती के गुर सिखाए जाएंगे, ताकि वह 30-35 की उम्र तक एक बड़ा किसान बन सके। किसानों को फसलों के सही दाम न मिलने पर उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार ई-नेम डेवलेप किया है, लेकिन किसान इसे इस्तेमाल नहीं कर रहा है। इसके लिए हमें किसानों में क्षमता का निर्माण करना होगा। मान लिजिए पांच किसानों में से एक पढ़ने में अच्छा है तो उसे मार्केटिंग में लगा दीजिए, दो बैठने में अच्छे हैं तो उन्हें प्रोससिंग में लगा दीजिए, एक मेहनत अच्छा है तो उसे प्रोडक्शन में लगा दें। इसके लिए किसान की पहचान करनी होगी, फिर देखिए कृषि एक फायदे का सौदा साबित होगी।
बुंदेलखंड में बकरी के दूध का प्लांट लगाने की प्लानिंग
कुलपति ने बताया कि उनकी यूनिवर्सिटी बुंदेलखंड में है और वहां लोगों के बकरी काफी है। अगर उन बकरियों का दूध एकत्रित कर उसे चिलिंग प्लांट लगाकर पैक कर दिया जाए तो डेंगू के समय इसे अच्छेे दाम मिल सकते हैं। क्योंकि इस समय बकरी का दूध दो हजार रुपये किलो तक बिकता है। वहीं अगर छह माह तक बच्चे को बकरी का दूध पिला दें तो वह कभी बीमार नहीं पड़ेगा। इस तरह से वहां इसकी अच्छी मार्केटिंग हो सकती है। इसके लिए उन्होंने संबंधित विभाग के मंत्री को भी इस योजना के अवगत कराया है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X