हरियाणा के किसान ध्यान दें! गेहूं की यह किस्म है सर्वोत्तम, 28.1 क्विंटल प्रति एकड़ है अधिकतम उपज

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा) Updated Sat, 12 Oct 2019 12:51 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में (एचएयू) में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कृषि अधिकारी कार्यशाला शुक्रवार को अनुसंधान निदेशक डॉ. एसके सहरावत की अध्यक्षता में संपन्न हुई। दूसरे दिन दाल व चारा वाली फसलों, तिलहनी फसलों बारानी कृषि एवं कृषि वानिकी और रबी-खरीफ फसलों की समग्र सिफारिशों के बारे में चर्चा की गई।
विज्ञापन

साथ ही कई महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं पर विचार विमर्श किया गया। गेहूं की डब्ल्यूएच 1184 किस्म की सिफारिश समय की बिजाई, अधिक उपजाऊ व सिंचित दशा के लिए वर्ष 2019 के लिए की गई है। यह किस्म हरियाणा राज्य के लिए अनुमोदित की गई है। इस किस्म की औसत पैदावार 24.5 क्विंटल प्रति एकड़ और अधिकतम उपज 28.1 क्विंटल प्रति एकड़ है।
कार्यशाला के समापन पर डॉ. सहरावत ने कहा कि किसानों को ऐसी कृषि प्रौद्योगिकी व कृषि के विविधिकरण की आवश्यकता है, जिन्हें अपनाकर वे खेती से लाभ अर्जित कर सकें। उन्होंने बदलते जलवायु के अनुरूप कृषि प्रौद्योगिकी विकसित करने व किसानों को सरकार की लाभकारी कृषि योजनाओं से अवगत कराने पर भी बल दिया।
उन्होंने वैज्ञानिकों से आह्वान किया के किसानों की जरूरत के मुताबिक शोध कार्यों व विस्तार कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाए और इनके क्रियान्वयन में बढ़चढ़ कर भाग लें, ताकि सरकार का वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुणा करने का सपना साकार हो सके। उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों व कृषि अधिकारियों के आपस के तालमेल से ही किसान का भला हो सकता है।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us