बीबीपुर के एस्टीमेट पर जींद प्रशासन की कुंडली

Hisar Updated Fri, 28 Sep 2012 12:00 PM IST
जींद। कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ अभियान छेड़कर सुर्खियों में आए गांव बीबीपुर के विकास कार्यों पर जींद प्रशासन कुंडली मारकर बैठ गया है। पंचायत विभाग के तकनीकी विंग ने दो महीने बीत जाने के बावजूद इस गांव के विकास कार्यों के बारे में एस्टीमेट प्रदेश सरकार को नहीं भेजा है। मामले का खुलासा तब हुआ जब बीबीपुर के सरपंच सुनील कुमार जागलान ने बुधवार को चंडीगढ़ पहुंचकर गांव के विकास कार्याें के एस्टीमेट के बारे में पूछताछ की। पता चला कि एस्टीमेट अभी तक प्रदेश सरकार को नहीं मिले हैं। विभाग के तकनीकी अधिकारी कह रहे हैं कि एस्टीमेट भेजने का काम कार्यालयीन मैटर है। एस्टीमेट जल्द ही सरकार को भेज दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ बीबीपुर गांव की महिलाओं के हौसले को देखते हुए इस साल 15 जुलाई को इस गांव के विकास के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए एचआरडीएफ बोर्ड ने जींद प्रशासन के पंचायत विभाग को आदेश दिए थे कि वे गांव की जरूरतों को देखते हुए एक करोड़ के विकास कार्यों का एस्टीमेट तैयार कर बोर्ड को भेजे। लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी जींद प्रशासन के पंचायत राज विभाग ने बोर्ड को एस्टीमेट नहीं भेजा। सरकार को एस्टीमेट पहुंचने के बाद ही एक करोड़ रुपये जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
यह भी खास बात है कि प्रदेश सरकार द्वारा एस्टीमेट बनाने का निर्देश जिला प्रशासन दिए जाने के तुरंत बाद बीबीपुर गांव की पंचायत ने संबंधित एसडीओ और जेई को इसकी पूरी जानकारी दे दी थी कि कौन-कौन से कार्य किए जाने हैं ताकि उनसे संबंधित एस्टीमेट सरकार को भेजा जा सके। बावजूद इसके, तकनीकी विंग ने एस्टीमेट तैयार करके सरकार को नहीं भेजा।
बीबीपुर गांव के सरपंच सुनील कुमार जागलान ने बताया कि 26 सितंबर को उन्होंने चंडीगढ़ जाकर गांव के एस्टीमेट के बारे में जांच पड़ताल की लेकिन एस्टीमेट प्रदेश सरकार के पास पहुंचे ही नहीं हैं। उन्होंने बताया कि पंचायत विभाग के तकनीकी विंग को गांव की गलियां व फिरनियों को पक्का करने के एस्टीमेट बनाने का प्रस्ताव एक महीने पहले भेज दिया गया था।
पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता नरेंद्र दलाल से जब एस्टीमेट न बनाने के संबंध पूछा तो उन्होंने कहा कि एस्टीमेट तैयार करना आफिस का मैटर है। एस्टीमेट तैयार होने के तत्काल बाद सरकार को भेज दिया जाएगा। एसडीओ अरविंद बैनीवाल ने कहा कि एक करोड़ के एस्टीमेट तैयार किए जा रहे हैं। जैसे ही एस्टीमेट तैयार होंगे उन्हें पंचायत विभाग के मुख्यालय भेज दिया जाएगा।
बॉक्स के लिए प्रस्तावित
क्या है नियम मुख्यमंत्री की घोषणाओं को पूरा करने का
जब मुख्यमंत्री प्रदेश में कोई भी घोषणा करते हैं, संबंधित जिला प्रशासन द्वारा उस कार्य को अमल में लाने की कार्रवाई शुरू की जाती है। मुख्यमंत्री की घोषणाओं को हर सप्ताह अपडेट किया जाता है। जिला प्रशासन द्वारा हर सप्ताह मुख्यमंत्री सैल को यह बताया जाता है कि घोषणा पर कितना काम किया जा चुका है। लेकिन बीबीपुर के मामले में जींद प्रशासन द्वारा शायद लापरवाही बरती जा रही है। तभी तो दो महीने बाद भी विकास कार्यों के एस्टीमेट सरकार को नहीं भेजे जा सके हैं।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

हिमाचल चुनाव में सबसे अमीर उम्मीदवार ने डेब्यू चुनाव में ही दर्ज की बड़ी जीत

हिमाचल प्रदेश में बीजेपी ने पूर्ण बहुमत से सत्ता में वापसी की। वहीं कांग्रेस को प्रदेश में बुरी पराजय मिली है। बीजेपी और नरेंद्र मोदी की लहर में भी वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य ने बड़ी जीत हासिल की है।

18 दिसंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper