अगले महीने से प्रदेश को गुजरात से मिलेगी बिजली

Gurgaon Updated Sat, 26 Jan 2013 05:30 AM IST
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गुड़गांव। बिजली की किल्लत वाले क्षेत्रों के लिए यह अच्छी खबर हो सकती है। प्रदेश को फरवरी माह के पहले सप्ताह में गुजरात से 1724 मेगावाट बिजली मिलेगी। फरवरी में यमुनानगर से 300 मेगावाट क्षमता की दूसरी यूनिट से उत्पादन शुरू हो जाएगा। 1724 मेगावाट अतिरिक्त बिजली के बाद गर्मियों में बिजली की समस्या नहीं आएगी।
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प्रदेश के बिजली मंत्री कैप्टन अजय यादव शुक्रवार को गुड़गांव में हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के विश्राम गृह का उद्घाटन करने पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि आने वाली गर्मियों में बिजली की समस्या नहीं आएगी। फरवरी में गुजरात के अडानी ग्रुप से 1424 मेगावाट बिजली की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। यमुनानगर के थर्मल पावर प्लांट की दूसरी यूनिट से 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन फरवरी माह के अंत से शुरू हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में खेदड़ व यमुनानगर के थर्मल पावर प्लांट में चायना की तकनीक का उपयोग किया गया है। यह प्लांट खराब होने पर चायना से तकनीकी विशेषज्ञों को बुलाना पड़ता है। चायना के करीब 15 इंजीनियर हरियाणा आएंगे। यहां के इंजीनियरों को पूरा प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद तकनीकी खराबी को यहां के इंजीनियर ही दूर कर सकेंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कोयला मंत्रालय की ओर से दिए गए आश्वासन के मुकाबले आधी मात्रा में ही कोयला मिल रहा है। इस कारण प्रदेश में बिजली का उत्पादन कम हो रहा है। उन्होंने बताया कि फतेहाबाद के गोरखपुर में परमाणु आधारित प्लांट लगाने के लिए जमीन का मुआवजा वितरित कर दिया गया है। जमीन पर चारदीवारी का काम चल रहा है। छह माह में प्लांट के भवन का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। बिजली मंत्री कैप्टन यादव ने कहा कि कोल मंत्रालय से कोयला मिलने की सहमति के बाद यमुनानगर में 660 मेगावाट की तीसरी यूनिट का काम शुरू कराया जाएगा। इस मौके पर खेल मंत्री सुखबीर कटारिया, पूर्व मंत्री धर्मबीर गाबा, एचवीपीएन के एमडी अनुराग अग्रवाल, निदेशक आरआर चोपड़ा, मुख्य अभियंता आरके गर्ग, डीएचबीवीएन के महाप्रबंधक संजीव चोपड़ा, हरियाणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान प्रवीण यादव सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

आयातित कोयला मिलाकर चलाएंगे काम
बिजली मंत्री ने बताया कि झज्जर के थर्मल प्लांट के लिए प्रतिदिन 24 हजार टन कोयले की जरूरत है। इसके मुकाबले महज 18 हजार टन कोयला मिल रहा है। खेदड़ थर्मल पावर प्लांट के लिए 20 हजार टन कोयले की जरूरत के बदले 12 हजार टन कोयला मिल रहा है। कोयले की कमी को पूरा करने के लिए घरेलू कोयले में आयातित कोयला मिलाया जाएगा।

खराब कोयला बिगाड़ रहा मशीन
उड़ीसा व मध्यप्रदेश की ओर से मिलने वाले कोयले में राख की मात्रा अधिक होती है। इस कारण इससे बिजली का उत्पादन कम होता है। ऐसा कोयला बायलर व रोटर को क्षतिग्रस्त करता है। कोयले की गुणवत्ता भी मशीनों की खराबी का बड़ा कारण है।

देरी से आएगी भूटान की बिजली
बिजली मंत्री ने कहा कि भूटान से बिजली आने में अभी देर लगेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार को केंद्र सरकार से अनुमति हासिल करनी होगी। इसके बाद काफी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके बाद ही बिजली आपूर्ति पर एमओयू हो सकेगा।

दो करोड़ होगी डिमांड
गुड़गांव की बिजली की डेढ़ करोड़ यूनिट की मांग गर्मी के मौसम में करीब दो करोड़ तक पहुंच जाएगी। इस मांग को पूरा करने के लिए अडानी ग्रुप की बिजली को उपयोग में लाया जाएगा। धनौंदा, दौलताबाद के जरिए यह बिजली यहां पहुंचेगी।

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