सड़क के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे

Gurgaon Updated Sat, 26 Jan 2013 05:30 AM IST
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गुड़गांव। दौलताबाद गांव की कब्रिस्तान से होकर 60 मीटर चौड़ी सड़क निकाले जाने को लेकर लोगों में रोष है। लोगों ने अब सड़काें पर उतरने का मन बनाया है। इस बारे में हरियाणा हज कमेटी के चेयरमैन विधायक आफताब अहमद का कहना है कि इसको लेकर उन्हाेंने हरियाणा वक्फ बोर्ड में आपत्ति दर्ज कराई है।
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दौलताबाद गांव में स्थित इस कब्रिस्तान के पास कई बिल्डर कंपनियों का निर्माण कार्य चल रहा है। लोगों का कहना है कि बृहस्पतिवार को एक निर्माण कंपनी ने कब्रिस्तान का गेट बंद कर दिया था। इस पर विरोध जताने के बाद इसे दोबारा खोला गया। जबकि, 2006 के प्लान में बदलाव करने से 60 मीटर चौड़ी सड़क का रास्ता बदल गया है। अब इसकी जद में कब्रिस्तान आ गई है। नए प्लान के हिसाब से सड़क कब्रिस्तान से होकर गुजरेगी। इसके साथ ही काफी संख्या में घरों का भी अधिग्रहण होगा।

गांव के प्रमुख लोग जमालू, लाला खान, महावीर खान, रमजान अहमद, राजू खान आदि का कहना है कि पिछले छह महीने से सड़क को लेकर वे आपत्ति जता रहे हैं। फिर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब तो स्थिति यह है कि कब्रिस्तान का रास्ता भी बंद कर दिया गया है। गांव की नूरजहां ने कहा कि कब्रिस्तान का अस्तित्व मिट गया तो उन्हें मरने के बाद दो गज जमीन के लिए भी भटकना पड़ेगा। दौलताबाद के सरपंच वीरेंद्र सिंह का कहना है कि कब्रिस्तान की लड़ाई वह आखिरी दम तक लड़ेंगे।
सड़क का है विकल्प
प्रस्तावित 60 मीटर चौड़ी सड़क का विकल्प मौजूद होने के बावजूद इस पर अमल नहीं किया जा रहा है। सड़क के करीब ही तकरीबन डेढ़ सौ फुट चौड़ा गंदा नाला है। गांव वालों का कहना है कि इसके ऊपर फ्लाईओवर बनाकर रास्ता सुगम बनाया जा सकता है। इसके अलावा पुराने प्लान के हिसाब से भी यदि सड़क बनाई जाए तो कब्रिस्तान बच सकती है।
शहर में कब्रिस्तान का अभाव
साइबर सिटी कीकरीब तीन लाख मुस्लिम आबादी के लिहाज से कब्रिस्तानों की संख्या बेहद कम है। अभी शहर में छोटे बड़े चार कब्रिस्तान हैं। इस संबंध में हरियाणा अंजुमन वेल्फेयर ट्रस्ट के चेयरमैन असलम खां कहते हैं कि बढ़ती आबादी को देखते हुुए सभी धर्मों के लोगों के अंतिम संस्कार के स्थलों की संख्या बढ़ानी चाहिए। यहां तक कि आने वाले नए सेक्टरों में भी इसका प्रावधान अति आवश्यक है।

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