साइबर सिटी पर सवार पेट डॉग का शौक

Gurgaon Updated Sat, 01 Dec 2012 05:42 PM IST
यशलोक सिंह
गुड़गांव। साइबर सिटी दुनिया का एक ऐसा नायाब शहर है जहां वह सब कुछ है जिनकी हम कल्पना कर सकते हैं। यहां रहने वाले सिंगापुर, शंघाई और न्यूयार्क वालों से किसी मामले में कम नहीं है। जब बात शौक हो तो ये उन पर भी भारी पड़ते हैं। यहां किसी का शौक कब जुनून में बदल जाए, कुछ नहीं कहा जा सकता। इस समय कुत्ते पालने की दीवानगी शहर वासियों के सिर चढ़कर बोल रही है।

इसके लिए हजारों क्या लाखों रुपये कुर्बान करने वालों की फेहरिस्त काफी लंबी है। गुड़गांव वालों के लिए पेट डॉग किसी स्टेटस सिंबल से कमतर नहीं है। वैश्विक शहर के रूप में उभर रहे गुड़गांव में कुत्ते पालने का शौक तेजी से परवान चढ़ रहा है। पहले जहां यह गिने चुने लोगों का शौक होता था, आज यह आम होने लगा है। जिस रफ्तार से लोगाें में पेट डॉग के प्रति दीवानगी बढ़ रही है उसी रफ्तार से कैनलों की संख्या भी बढ़ने लगी है।

गुड़गांव के पालम विहार निवासी जॉनी का कहना है कि गुड़गांव में ब्रांडेड कुत्तों का शौक तेजी से बढ़ रहा है। रोजाना कई लोगों के कॉल पूछताछ के लिए आते रहते हैं। यहां 8,500 से लेकर चार लाख रुपये तक के कुत्ते खरीदने के शौकीन आते हैं। अब तो पुराने गुड़गांव में भी खूब डिमांड हो गई है।

युवाओं में कुत्ते पालने का शौक तेजी से बढ़ रहा है। चाहे वह कामकाजी हाें या बिजनेस में सभी कुत्ते रखना चाहते हैं। सुबह-शाम हर सेक्टर और कॉलोनी में सैकड़ों की संख्या में लोग अपने कुत्तों को सैर कराते दिखाई देने लगे हैं। अगर शहरी क्षेत्र की बात छोड़ दी जाए तो गांवों में भी लोग विदेशी ब्रीड के कुत्ते पालने का शौक बढ़ रहा है। गुड़गांव के कन्हेई, घाटा, नाथूपुर, मानेसर, पंचगांव, वजीराबाद, गढ़ी, बहरामपुर, टीकली और फाजिलपुर में भी कुत्ते पालने का शौक तेजी से बढ़ा है। गुड़गांव में ऐसे लोग भी हैं जो कुत्तों पर हर महीने 30 से 40 हजार रुपये खर्चने से नहीं कतराते। दिल्ली में केनल चलाने वाले संजीव का कहना है कि गुड़गांव से काफी डिमांड आती है। यहां सप्लाई भी सबसे अधिक है।

शौक बनी बड़ी चीज
-एक्सपोर्ट कंपनी में सीनियर जनरल मैनेजर डीएन त्रिपाठी को ब्रांडेड नस्ल के कुत्ते पालने का शौक है। उनका कहना है कि खर्चा नहीं शौक बड़ी चीज है। वह अपने कुत्ते को अपना अच्छा दोस्त भी समझते हैं। उनका कहना है वह अपने कुत्ते पर हर माह कम से कम 10 हजार रुपये तक खर्च कर देते हैं। मेडिकल से लेकर उसके खाने-पीने और परिधानों में यह खर्चा होता है।
-अमेरिकन मल्टीनेशनल कंपनी में प्रोफेशनल सुशील कुमार ने पांच महीने पहले जर्मन शेफर्ड 25 हजार रुपये में खरीदा था। आज उसे अपने कुत्ते से इतना लगाव हो गया कि ड्यूटी के बाद सारा वक्त उसी के साथ बिताता है। छुट्टी वाले दिन की तो बात ही निराली है। सारा दिन उसी के साथ। सुशील महीने में 15 हजार रुपये तक अपने कुत्ते पर खर्च करता है।

गुड़गांव का था हच वाला कुत्ता
टेलीविजन पर आने वाले हच के विज्ञापन में जो कुत्ता कभी दिखाई देता था, वह गुड़गांव का ही था। इस पग ने विज्ञापन में आकर काफी शोहरत बटोरी थी।

मृत्यु के बाद दफनाते हैं
गुड़गांव के गढ़ी-हरसरू में फ्रैंड आईकोईज सेंचुरी है जहां मृत्यु के बाद कुत्तों का दफनाया जाता है। इस सेंचुरी की स्थापना सोसायटी फॉर द इरैडिकेशन ऑफ क्रुअल्टी टू एनिमल की ओर से की गई थी। कई लोगों ने अपने कुत्तों को यहां दफनाया है। लोग किस कदर अपने पेट एनिमल से प्यार करते हैं कि कुछ ने इन्हें अपना सर नेम तक दे दिया है।

कुत्तों की कुछ खास ब्रीड
बीगल, पग, जर्मन शेफर्ड, बुल डॉग, ऑस्ट्रेलियन केल्पी, डाबरमैन, बुल मस्टिफ, चिहुवाहुआ, चाइनीज क्रेस्टेड, चो-चो, डॉग डी बारडेबॉक्स, फ्रैंच बुलडॉग, फॉक्स हाउंड, फ्रैंच बुलडॉग, जर्मन शॉर्ट्स, जायंट सनाउवर, ग्रेट डेन, जर्मन सेटर, जर्मन स्पिट्ज, ग्रे हांड, जैक रसेल, जपनीज चिन, पपिलियन, पॉमेरेनियन, पुली, रोटरवेलर और इंडियन मस्टिफ। इनकी कीमत 8,500 से लेकर 12 लाख रुपये तक की है।
(इन सभी ब्रीड के कुत्तों की डिमांड गुड़गांव में है)

कुत्तों के परिधान
कुत्तों के शौकीन जितना प्यार अपने बच्चों से करते हैं, तकरीबन उतना ही अपने कुत्तों से भी करते हैं। यही कारण है कि उनकी देखभाल और सुरक्षा की चिंता उन्हें बार-बार परेशान करती रहती है। वह कुत्तों के लिए ब्रांडेड कपड़ों की शॉपिंग करते हैं। कुत्तों को पहनने के लिए आज काफी वैरायटी में परिधान उपलब्ध हैं। उनके लिए आज कोट, स्वेटर, रेनकोट, टॉवेल, टी-शर्ट, बरमूडा, बेबी वीयर, पजामा और स्कर्ट खूब प्रचलन में है। मॉल्स और शहर के शॉपिंग कांप्लेक्स में अक्सर यह नजारा दिखाई देता है कि मैडम की गोद में कुत्ता पूरे ड्रेस में होता है। कभी-कभी तो वह गॉगल्स भी पहन कर आते हैं।
मार्केट में यह भी
-फीडिंग बाउल
-बेड्स
-रजाई
-मैट्रेस
-ग्रूमिंग किट्स
-ट्रेनिंग एक्विपमेंट
-बॉस्केट
-चबाने वाली नकली हड्डी
-हेयर टॉनिक
-नेल कटर
-ब्रस
-प्ले डंबल
-कंघा
-प्ले बॉल

कुत्तों की ऑनलाइन शॉपिंग
लोगों में कुत्ते पालने के बढ़ते शौक का दायरा बढ़ते देख मार्केट भी इसे भुनाने में पीछे नहीं है। कुत्तों की जरूरी चीजों को घर तक पहुंचाने का जिम्मा लेने वाले भी मार्केट में आ गए हैं। पेट्स-पेट डॉट कॉम जैसी वेबसाइट्स पर ऑर्डर कर आप घर तक कुत्तों के ड्रेस सहित पेडेग्री भी मंगा सकते हैं।

गुड़गांव में क्रेच और क्लीनिक की भी सुविधा
गुड़गांव में कुछ ऐसे क्रेच भी हैं जिसमें लोग अपने कुत्तों को छोड़ जाते है। बड़ी संख्या में ऐसे लोग है जो ड्यूटी पर जाने से पहले कुत्ते को क्रेच में छोड़कर जाते हैं और वापसी में साथ लेकर आते हैं। वहीं घर से कुछ दिनों के लिए बाहर जाने वाले हफ्ते दस दिन के लिए कुत्तों को वहां छोड़ते भी हैं। गुड़गांव में पेट डॉगी के लिए क्लीनिक की भी सुविधा है।

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