फिर चलेगी 470 हरे पेड़ों पर आरी

Gurgaon Updated Thu, 29 Nov 2012 12:00 PM IST
गुड़गांव। एक बार फिर नगर निगम एरिया में 470 हरे-भरे पेड़ों की बलि चढे़गी। सड़क को फोरलेन करने के लिए इन पेड़ों को काटा जाएगा।
नगर निगम एरिया में सड़कों को फोरलेन करने के लिए व्यापक स्तर पर योजनाएं बनाई जा रही हैं, जिसमें करीब बीस करोड़ रुपये की लागत से राजीव चौक से रेलवे स्टेशन के बीच की सड़क को फोरलेन किया जाएगा। प्रमुख सड़कों को चौड़ा करने के लिए 470 पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी गई है।
वन विभाग के अनुसार, पिछले दो साल में शहरी एरिया में करीब चार हजार पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी जा चुकी है। इसमें सबसे अधिक पेड़ों की कटाई गुड़गांव-सोहना रोड पर हुई। इसके अलावा गुड़गांव-पटौदी रोड को चौड़ा करने, माता मसानी रोड, ओल्ड रेलवे रोड, न्यू रेलवे रोड, बसई रोड, खांडसा रोड को चौड़ा करने के लिए भी पेड़ों की बलि चढ़ी। करीब दस हजार पेड़ों की बलि गुड़गांव-फरीदाबाद रोड को फोरलेन करने के लिए दो साल में चढ़ाई जा चुकी है। इसके अलावा सेक्टर विकसित करने के लिए भी सैकड़ों पेड़ काटे जा चुके हैं। इससे साइबर सिटी में हरियाली का क्षेत्र लगातार कम होता जा रहा है।

नहीं बचेगी ग्र्रीन बेल्ट
राजीव चौक से रेलवे स्टेशन तक की सड़क को चौड़ा करने के बाद यहां ग्रीन बेल्ट नहीं बचेगी, जिसके बाद धूल, धुआं सीधे लोगों के घर तक पहुंचेगा। सड़क पर उड़ने वाली धूल वाहन चालकों को भी परेशानी देगी।

यहां भी कटेंगे हरे-भरे पेड़
हुडा की ओर से सेक्टर 37, सेक्टर 41, सेक्टर 46, सेक्टर 57, सेक्टर 42 की सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है, जिसके चलते करीब 800 पेड़ों की बलि चढ़ेगी। एमडीआई चौक पर बनने वाले फ्लाईओवर के लिए भी सैकड़ों पेड़ काटे जाएंगे।

पेड़ के बदले भुगतान
नगर निगम के मुख्य अभियंता बीएस सिंगरोहा ने कहा कि जनहित के लिए सड़कों को चौड़ा किया जाता है। सड़कों के बीच खड़े हर पेड़ पौधे को हटाने से पहले वन विभाग से अनुमति ली जाती है, जितने पेड़ हटाए जाते हैं, उतने पौधे लगाने के लिए निगम की ओर से वन विभाग को भुगतान किया जाता है।
पेड़ों को बचाना हमारी जिम्मेदारी
पर्यावरणविद आरपी बलवान ने कहा कि एक पेड़ रोज करीब एक हजार लोगों को ऑक्सीजन देता है। हर पेड़ को बचाना हमारी जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन पर्यावरण की कीमत पर नहीं। दोनों के बीच सामंजस्य बेहद जरूरी है। जिस एरिया से पेड़ काटे जाएं, उसी एरिया में नए पौधे लगाना सबसे बेहतर होगा।

ट्रांसप्लांट पर 35 लाख का खर्च
एक बड़े पेड़ को ट्रांसप्लांट करने पर करीब 35 लाख रुपये का खर्च आता है, जिसमें कई महीने पहले से पेड़ पर काम शुरू किया जाता है। ट्रांसप्लांट केवल जुुलाई के महीने में ही किया जा सकता है। चुनिंदा पेड़ों का ही ट्रांसप्लांट संभव है।

सबसे अधिक ऑक्सीजन देने वाले पेड़
पीपल, नीम, बड़, शीशम, शहतूत

पेड़ों के बारे में तथ्य
एक पेड़ एक साल में 1 लाख 07 हजार टन ऑक्सीजन देता है।
एक पेड़ साल में करीब 15 लाख रुपये की ऑक्सीजन प्रदान करता है।
पेड़ साल में करीब 17 लाख रुपये का पानी शुद्ध करता है।
करीब 60 लाख रुपये की हवा को शुद्ध कर ऑक्सीजन में बदलता है।
एक बड़ा पेड़ रोज करीब एक हजार लोगों के लिए ऑक्सीजन देता है।

Spotlight

Most Read

Lucknow

1300 भर्तियों के मामले में फंसे आजम खां, एसआईटी ने जारी किया नोटिस

अखिलेश सरकार में जल निगम में हुई 1300 पदों पर हुई भर्ती को लेकर आजम खा के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है।

16 जनवरी 2018

Related Videos

गुरुग्राम: SPA की आड़ में चल रहे जिस्मफरोशी के धंधे का पर्दाफाश

हरियाणा के गुरुग्राम में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देहव्यापार के गोरखधंधे का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गुरुग्राम के सेक्टर-5 इलाके में चल रहे स्पा सेंटर में छापेमारी करके 6 लड़कियों और 2 लड़कों को गिरफ्तार किया है।

10 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper