जाम से निपटना है तो साइकिल की करो सवारी

Gurgaon Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
गुड़गांव। शहर को स्मार्ट सिटी बनाने में अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था और बदइंतजामी प्रमुख कारण हैं। इसको लेकर बुधवार को सुशांतलोक के एक होटल में एनजीओ ‘गुड़गांव फर्स्ट’ और गुड़गांव रेनीवल मिशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘गुड़गांव के लिए ट्रैफिक समस्या की तलाश’ पर मंथन किया गया। इसमें कॉरपोरेट हस्तियां, ट्रैफिक विशेषज्ञ और ट्रैफिक प्रबंधन की कुछ बड़ी एजेंसियों के साथ ही हुडा प्रशासक डॉ. प्रवीण कुमार व शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लिया। इस दौरान यह भी सुझाव दिया गया कि शहर के अंदरूनी हिस्से में साइकिल का इस्तेमाल होना चाहिए।
राइट्स के महाप्रबंधक यश सचदेव ने कहा कि आंकड़े के मुताबिक वर्ष 2031 तक आबादी 42 लाख 50 हजार होने का अनुमान है। ऐसे में जाहिर है कि सड़कों पर ट्रैफिक का भारी दबाव बढ़ेगा। हालात यही रहे तो पैदल चलना भी मुश्किल हो जाएगा। इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। मंथन के दौरान विशेषज्ञों ने शहर के अंदरूनी हिस्सों में साइकिल के इस्तेमाल पर बल दिया। साथ ही, प्रशासन और सरकार से शहर के अंदर बेहतर यातायात संसाधन मुहैया कराने की वकालत की। इन लोगों ने कहा कि दो-दो किलोमीटर जाने के लिए लोग वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। यश सचदेव ने कहा कि हम जाम में नहीं हैं, बल्कि हम स्वयं जाम है। यह बात समझनी होगी। शैलेष पाठक ने शहर में साइकिल स्टैंड बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि शेयरिंग साइकिल का बंदोबस्त भी सुनिश्चित किया जाए। ताकि लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाकर साइकिल बदल सकें। साथ ही साइकिल के लिए अलग से लेन बनाने पर जोर दिया गया। इस पर हुडा प्रशासक ने बताया कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में 12 साइकिल स्टैंड बनाने को मंजूरी दी जा चुकी है। एक एजेंसी से डील भी तय हो गई है। इन स्टैंड पर लोगों को दस रुपये किराये में साइकिल मिलेंगी। फिलहाल इसके लिए मेट्रो स्टेशनों और शॉपिंग सेंटर जैसे दूसरे व्यस्त स्थानों को चुना गया है।
पैदल यात्रियों के लिए हो व्यवस्था
मंथन के दौरान ट्रैफिक के बीच से गुजरने वाले पैदल यात्रियों की समस्याओं को चिह्नित किया गया। इसके लिए हुडा प्रशासक से पैदल पार पथ, फुटओवर ब्रिज और फुटपाथ बनाने की मांग की गई। इस पर हुडा प्रशासक ने कॉरपोरेट हस्तियों से मदद मांगी। साथ ही नए शहर में साइकिल लेन और पैदल यात्रियों के दी जाने वाली व्यवस्थाओं के सर्वे का आदेश दिया।
सर्विस रोड और स्लिप रोड का हो निर्माण
शहर में सुचारु ट्रैफिक के रास्ते में आ रही रुकावटों पर सवाल खड़े किए गए। लोगों ने कहा कि सही तरीके से सर्विस रोड, स्लिप रोड और पर्याप्त सड़कें नहीं होना जाम लगने के प्रमुख कारण हैं। इसके लिए हुडा और नगर निगम को गंभीर होना चाहिए। साथ ही कुछ प्रमुख स्थानों जैसे इफ्फको चौक, शंकर चौक, सिग्नेचर टावर, राजीव चौक, हीरो होंडा चौक पर अंडर पास बनाए जाने की सख्त जरूरत है।
मेट्रो, रैपिड मेट्रो और दूसरे संसाधनों का हो विस्तार
लोग घरों से अपने निजी वाहनों की बजाय सामूहिक वाहनों का इस्तेमाल करें। इस बीच पुराने शहर तक मेट्रो, रैपिड मेट्रो, शहर में पॉड टैक्सी, मोनो रेल और यातायात के दूसरे संसाधनों के विस्तार की बात कही गई। इस पर हुडा प्रशासक ने मेट्रो के विस्तार की बात सरकार तक पहुंचाने को कहा तो जल्दी रोडवेज की सिटी सेवा के विस्तार की बात कही। उन्होंने कहा कि जल्दी ही गुड़गांव में सिटी सेवा के बेड़े में 200 बसें हो जाएंगी।
शहर में लगेंगे छह हजार संकेतक
हुडा प्रशासक ने कहा कि हाल में शहर में छह हजार संकेतक लगाने का फैसला किया गया है। शहर के बदलते स्वरूप के कारण सड़कों और स्थानों को पहचानना मुश्किल हो जा रहा है। ऐसे में हुडा की ओर से संकेतकलगाने का फैसला किया गया है। इनकी कमी के कारण लोगों को खासी दिक्कत हो रही है।

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