मार्बल मार्केट के आवंटियों पर शिकंजा

Gurgaon Updated Tue, 30 Oct 2012 12:00 PM IST
गुड़गांव। सेक्टर 33-34 में बनी मार्बल मार्केट के कुछ दुकानदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। आरोप है कि मार्केट में हुडा से जमीन अलॉट कराने के बाद भी यहां की बजाए सिकंदरपुर में अपना कारोबार चला रहे हैं। ऐसे 25 कारोबारियों को पहले चरण में नोटिस भेजकर एक माह के भीतर जवाब मांगा गया है। उत्तर संतोषजनक नहीं होने पर उनका भूखंड रिज्यूम भी किया जा सकता है।
हुडा संपदा अधिकारी मनोज खत्री ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में कहा गया है कि दुकानदार हुडा के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। कायदे से उन्हें प्लॉट आवंटन के एक साल के भीतर अपना कारोबार समेट कर सेक्टर 33-34 की मार्बल मार्केट में शिफ्ट हो जाना चाहिए था। सर्वे के दौरान पाया गया है कि ऐसे कारोबारी आज भी अपनी पुरानी जगह सिकंदरपुर में ही कारोबार चला रहे हैं। संपदा अधिकारी ने चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब नहीं देने पर उनका आवंटन रद हो सकता है। दूसरी तरफ मार्बल कारोबारियों का कहना है कि जब उनका मामला हाईकोर्ट में लंबित है तो वह अपना कारोबार कैसे शिफ्ट कर सकते हैं। रहा सवाल जवाब देने का तो जिन व्यापारियों को नोटिस मिला है वह जवाब में हाईकोर्ट के स्थगन आदेश की प्रति हुडा में जमा कराएंगे। इस बाबत हुडा प्रशासक डा. प्रवीण कुमार का कहना है कि हुडा को उनके जवाब का इंतजार है। जवाब आने के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।

Spotlight

Most Read

Unnao

ट्रक में भिड़ी कार, एक की मौत

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर शाहपुर तोंदा गांव के सामने ट्रक के अचानक ब्रेक लेने से पीछे आ रही तेज रफ्तार कार पीछे घुस गई। हादसे में चालक की मौत हो गई। साथी गंभीर रूप से घायल हो गया।

21 जनवरी 2018

Related Videos

छात्रों से केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने किया ये ‘अनुरोध’

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुग्राम के SGT विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में शिरकत की। यहां उन्होंने छात्रों को संबिधित भी किया।

20 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper