स्ट्रोक से डरे नहीं, इससे लड़ें

Gurgaon Updated Mon, 29 Oct 2012 12:00 PM IST
गुड़गांव। भारत में छह व्यक्तियों में से एक को स्ट्रोक होता है। भारत में स्ट्रोक ऐसा तीसरा कारण है, जिसमें सबसे ज्यादा मौत होती है। अगर छोटे स्ट्रोक की पहचान हो जाए तो समय पर इलाज शुरू करके इसके खतरों से बचा जा सकता है।
मेदांता द मेडीसिटी में यूरोवैस्कुलर इंटरवेंसन्स इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेस प्रमुख डा. विपुल गुप्ता बताते हैं कि स्ट्रोक किसी अन्य रोग की तुलना में लंबी अवधि वाली विकलांगता का दूसरा सबसे आम कारण भी है। स्ट्रोक वाले रोगियों की संख्या हमारे देश में लगातार बढ़ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि भारत में स्ट्रोक से होने वाली मौतों की संख्या वर्ष 2000 में 58 हजार से बढ़कर वर्ष 2020 में 9 लाख 45 हजार तक हो सकती है। ऐसे में स्ट्रोक के प्रति बेहद ही संजीदा होना जरूरी है।

क्या है स्ट्रोक
मस्तिष्क रक्त वाहिका में रक्त के थक्के जमने से वाहिका अवरुद्ध हो जाती है। इससे स्ट्रोक का अटैक आता है। अगर यह रुकावट लंबे समय रहती है तो स्थायी क्षति भी हो जाती है। छोटा स्ट्रोक एक चेतावनी है। अध्ययन में सामने आया है कि 70 फीसदी मरीज छोटे स्ट्रोक के लक्षण समझ नहीं पाते। एक बार स्ट्रोक होने पर चार में से एक रोगी की एक वर्ष के भीतर ही मौत हो जाती है। 30 फीसदी ऐसे मरीज हैं, जो छोटे स्ट्रोक की पहचान करने के बाद समय पर इलाज शुरू कर देते हैं और इलाज के बाद स्वस्थ जीवन बिताते हैं।

यह हैं स्ट्रोक के चेतावनी संकेत
- चेहरे, हाथ या पैर अचानक सुन्न पड़ना
- विशेषकर शरीर के एक तरफ सुन्न पड़ना या कमजोरी
- अचानक भ्रम, बोलने या समझने में दिक्कत
- एक या दोनों आंखों से देखने में अचानक कठिनाई
- चलने में अचानक कठिनाई, चक्कर आना, संतुलन या समन्वय में कमी
- बिना किसी कारण के अचानक तेज सिर दर्द

स्ट्रोक होने के कारण और बचाव के तरीके
उच्च रक्तचाप, धूम्रपान, हृदय रोग, कैराटिड धमनी की बीमारी, मधुमेह, और शराब का अत्यधिक सेवन स्ट्रोक का कारण बनता है। डॉक्टर बताते हैं कि स्ट्रोक के खतरे वाले रोगियों के लिए प्लेटलेटरोधी एजेंट का इस्तेमाल एक मानक उपचार है। मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनियों में गंभीर संकुचन वाले रोगी में धमनी को स्टेंटिंग जैसी मिनिमली इंवैसिव इंडोवैस्कुलर तकनीकों या ओपन सर्जरी (इंडार्टरेक्टोमी) द्वारा खोला जा सकता है। संतुलित आहार का सेवन, वजन को संतुलित रखने और व्यायाम जैसे जीवन शैली में परिवर्तन कर और धूम्रपान व शराब से मुक्ति दिलाने वाले कार्यक्रमों में भाग लेकर भी इन जोखिम को कम किया जा सकता है।

Spotlight

Most Read

Chandigarh

पंजाब: कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने दिया इस्तीफा

पंजाब के कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राणा गुरजीत ऊर्जा एवं सिंचाई विभाग के मंत्री थे।

16 जनवरी 2018

Related Videos

गुरुग्राम: SPA की आड़ में चल रहे जिस्मफरोशी के धंधे का पर्दाफाश

हरियाणा के गुरुग्राम में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देहव्यापार के गोरखधंधे का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गुरुग्राम के सेक्टर-5 इलाके में चल रहे स्पा सेंटर में छापेमारी करके 6 लड़कियों और 2 लड़कों को गिरफ्तार किया है।

10 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper