ट्रैफिक संचालन की असली परीक्षा कल

Gurgaon Updated Sun, 30 Sep 2012 12:00 PM IST
गुड़गांव। दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस वे के सिरहौल टोल पर पीक ऑवर्स में ट्रैफिक संचालन की असली परीक्षा सोमवार को होगी। शनिवार को वाहनों का दबाव कम होने के कारण टोल फ्री होते ही जाम खत्म हो गया।
हाईकोर्ट ने तीन अक्तूबर को होने वाली सुनवाई तक डीएससी कंपनी को पीक ऑवर्स में सुबह-शाम डेढ़-डेढ़ घंटे टोल फ्री रखने का आदेश दिया है। इसके तहत शनिवार की सुबह साढ़े आठ बजे से 10 बजे तक टोल फ्री कर दिया गया। इस दौरान सिर्फ व्यावसायिक वाहनों से टोल वसूला गया। सिरहौल टोल पर निजी वाहनों का दबाव शनिवार को क म दिखा। अवकाश होने के कारण शनिवार व रविवार को वाहनों का दबाव 50 प्रतिशत कम होता है। सुबह टोल वसूली के दौरान दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों की संख्या बहुत ज्यादा नहीं थी। साढ़े आठ बजे अचानक टोल खुलने के बाद जाम खत्म हो गया। यह वाहन आगे जाकर एंबियंस मॉल के पास रेंग-रेंगकर निकल रहे थे। ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि सोमवार की सुबह साढ़े आठ बजे टोल से निकलने वाले वाहनों का दबाव आगे बढ़ जाएगा। इससे जाम लगने की पूरी आशंका है। टोल फ्री होने के इस प्रयोग का असली पता सोमवार को ही चल सकेगा।

दुबारा आई विवाद की नौबत
गुड़गांव। टोल वसूलने वाली कंपनी को रात आठ बजकर दस मिनट के बाद 30 मिनट के लिए फिर टोल फ्री करना पड़ा। टोल वसूलने के दौरान जयपुर की ओर से आने वाले वाहनों की कतार शंकर चौक फ्लाईओवर को पार कर इफको चौक तक पहुंच गई। शंकर चौक फ्लाईओवर पर लगभग आठ सौ मीटर दूरी तक 500 सौ से अधिक वाहन खडे़ थे। इस दौरान कोई अप्रिय घटना न हो जाए, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस अधिकारी टोल पर पहुंच गए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद टोल फ्री कर दिया गया। गौरतलब है कि इसी विवाद को लेकर डीएससी ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ हाईकोर्ट गई थी। वहां पर हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि टोल को 15 दिन तक फ्री किया जाए, जो 24 दिनों तक फ्री चलता रहा है। अब भी अदालत ने पीक ऑवर्स में टोल फ्री कर रखा है।

वाहन चालकों की प्रतिक्रिया

टोल को पूरी तरह से फ्री कर दिया जाना चाहिए। इस प्वाइंट से वाहनों को निकालने के लिए प्रशासन को कोई ठोस योजना तैयार करनी चाहिए।
-राकेश कुमार

टोल लगना ही नहीं चाहिए। हाईकोर्ट के आदेश पर कंपनी कुछ कवायद तो करेगी पर उस पर पूरी तरह से भरोसा नहीं किया जा सकता है।
-आदित्य, निवासी दिल्ली

: रोज मानेसर आना-जाना होता है। कंपनी और पुलिस की ओर से किए गए लगभग सभी प्रयोग देख चुका हूं। इसका एक ही हल है कि टोल वसूलना बंद किया जाए।
-महासिंह, निवासी रोहिणी

रोजाना मानेसर आता-जाता हूं। जाम के चलते दिनचर्या अस्तव्यस्त रहती है। इसका सीधा असर काम पर पड़ता है।
- प्रवीण बहल, निवासी दिल्ली


सिरहौल टोल की समस्या का हल टोल लेन बढ़ाना है। टोल लेन तभी बढ़ेगी, जब डिजाइन में परिवर्तन किया जाएगा। इसके साथ ही टोल की दूरी भी बढ़ानी होगी। डिजाइन बदलने पर टोल लेन की संख्या दोगुनी तक की जा सकती है। फिक्स टोल प्वाइंट बनने के बाद वाहनों से टोल वसूलने में आसानी होगी। कनोपी व्यवस्था से टोल वसूलना अपने आप में परेशानी का काम होता है।
-वीके सैनी, सीनियर टाउन प्लानर, नगर निगम
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