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बोरवेल की तलाश में खाक छान रहा डीटीपी

Gurgaon Updated Thu, 23 Aug 2012 12:00 PM IST
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गुड़गांव। अवैध रूप से हो रहे भूजल दोहन को रोकने के लिए जिला नगर योजनाकार विभाग (डीटीपी) बिल्डरों की साइट का खाक छान रहा है। उधर, विभाग की टीम को चकमा देने के लिए अधिकांश बिल्डरों ने अपनी साइट के सामने टैंकर खड़ा कर रखा है। उनकी नजरों से बचाने के लिए बोरवेल पूरी तरह ढक दिए गए हैं। कई जगह तो बोरवेल का स्टार्टर साइट से करीब 500 मीटर दूरी चाय के खोखे में छुपा दिया गया है।
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बादशाहपुर क्षेत्र में एक बिल्डर ने हरे पेड़ के बीच से तार निकाल कर जमीन के भीतर स्टार्टर दबा दिया है। इसी तरह एक जानी-मानी बिल्डर कंपनी ने अपनी साइट के सामने पांच ट्राली मिट्टी डालकर उसके बीच एक लोहे की पाइप खड़ी कर दी है। जरूरत पड़ने पर पाइप को नीचे ओर दबाने पर बोरवेल का स्टार्टर काम करने लगता है और बोरवेल की मोटर चल पड़ती है।
मामले की पड़ताल करने के लिए जिला नगर योजनाकार विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि एक साइट के नजदीक एक खोखे वाले से कहा कि वे भू-जल विभाग से हैं। यहां का पानी खारा होने की सूचना मिली है। वे इसकी जांच करने आए हैं। फिर उन्होंने कहा कि सामने वाली साइट की बोरिंग का स्टार्टर नहीं मिलने पर वह इसका पता नहीं लगा पा रहे हैं। इस पर दुकानदार ने तुरंत खोखे के भीतर से यह कहते हुए स्टार्टर चालू कर दिया किया यहां का पानी खारा नहीं है। आप चेक कर सकते हैं। एक अन्य साइट पर अचानक पहुंची टीम ने खुद को मैकेनिक बताकर बोरवेल तलाश किया। डीटीपी विभाग की टीम अब तक यह पता नहीं लगा पाई है कि बिल्डरों की साइट पर खड़े टैंकर कहां से पानी ला रहे हैं। उनसे बात करने पर कहते हैं पानी खरीदकर आ रहा है। कहां से इसका माकूल जवाब उनके पास नहीं है?

बोरवेल सील करने को 25 टीमें गठित
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने कसी कमर
गुड़गांव। जिला प्रशासन ने अवैध बोरवेल सील करने के लिए बुधवार को 25 टीमों का गठन कर दिया। प्रशासन ने दावा किया कि हाईकोर्ट में अगली सुनवाई तक सूचीबद्ध सभी अवैध बोरवेल को सील करने की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।
जिला उपायुक्त पीसी मीणा ने बताया कि अवैध बोरवेल को लेकर हाईकोर्ट ने जो भी निर्देश जारी किए हैं, उनका पूरी गंभीरता से पालन किया गया है। हाईकोर्ट ने 21 अगस्त को मामले की सुनवाई करते हुए आदेश दिया है कि सभी सूचीबद्ध अवैध बोरवेल को जल्द से जल्द सील किया जाए। सूची में 168 बोरवेल का हवाला दिया गया है। जिला नगर योजनाकार विभाग की दो टीमें और हुडा की एक टीम ने मिलकर 13 से 20 अगस्त तक 80 से ज्यादा बोरवेल सील किए। उल्लेखनीय है कि 21 अगस्त से पहले केवल तीन टीमें ही अवैध बोरवेल को सील करने की कार्रवाई कर रही थी।

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