देश की सुरक्षा में गुड़गांव हमेशा रहा आगे

Gurgaon Updated Wed, 15 Aug 2012 12:00 PM IST
गुड़गांव। स्वतंत्रता संग्राम ही नहीं, यहां के रणबांकुरे देश की सुरक्षा में हमेशा आगे रहे हैं। बात चाहे भारत-चीन युद्ध की रही हो या फिर पाकिस्तान के साथ हुई तीन लड़ाइयों की। यहां के जांबाजों ने अपने आपको देश की आन पर कुर्बान किया है। उनकी याद के लिए रक्षा मंत्रालय ने गुड़गांव वासियों को एक टैंक उपहार स्वरूप दिया है। केवल लड़ाइयों में ही नहीं, कृषि क्षेत्र में गुड़गांव ने अपना परचम लहराकर अंग्रेजी हुकूमत का ध्यान आकर्षित किया है। यही कारण है कि अंग्रेजी हुकूमत ने यहां एक कृषि भवन का निर्माण कराया था। बाद में भले ही उसका इस्तेमाल दूसरे कार्यों के लिए किया जाने लगा हो। यहां बना स्मारक बरबस ही शहादत को याद दिलाता है।
विजयंत टैंक : यहां के रणबांकुरों के देश के प्रति जज्बे को देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने यहां के निवासियों को विजयंत टैंक उपहार में दिया है। इस टैंक का निर्माण 1968 में तमिलनाडु के आंवड़ी आयुध कंपनी में कराया गया था। इसे 66 आर्म्ड सेना में शामिल किया गया था। इसकी लंबाई 28, चौड़ाई 10.6 और ऊंचाई 10.3 फुट है। इसका वजन 40.5 टन है। इस टैंक ने 1971 के भारत-पाक युद्ध में पाकिस्तान के पेंटन टैंकों को नष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। विभिन्न लड़ाइयों में शहीद हुए यहां के 128 रणबांकुरों की याद में रक्षा मंत्रालय ने वर्ष 2006 में इस टैंक को गुड़गांववासियों को उपहार में दिया था। साथ ही प्रशासन ने विजयंत के नाम पर एक पार्क का निर्माण भी किया था। यह टैंक वहीं रखा है।
जोन हॉल : जोन हॉल का निर्माण गुड़गांव की कृषि में उपलब्धियों को लेकर कराया गया था। 1910 से लेकर 1935 तक कृषि की सिल्वर जुबली मनाते हुए अंग्रेजी हुकूमत ने इसका निर्माण 1925 में कराया था। उस समय इस हॉल के निर्माण पर 55 हजार 806 रुपये लागत आई थी। इसे यहां के जमींदारों ने चंदे के रूप में एकत्र किया था। इसका निर्माण उस समय यहां के डिप्टी कमिश्नर एसएल ब्रायन ने अपने दूसरे बेटे जोहन गोबल ब्रायन की याद में कराया था। यह हॉल गुड़गांव में अकेला ऐसा स्थान है जो अंग्रेजी हुकूमत का जीवंत नमूना है।
शहीद स्मारक : जोन हॉल में बने नए शहीद स्मारक का निर्माण जिला प्रशासन ने वर्ष 1998 में कराया था। इससे पूर्व यहां छोटा शहीद स्मारक था। यहां हर साल विभिन्न राष्ट्रीय पर्व या सेना की बड़ी उपलब्धियों के दिन शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा जाती है। इसे बड़े ही सुंदर और भव्य तरीके से बनाया गया है।

Spotlight

Most Read

Champawat

एसएसबी, पुलिस, वन कर्मियों ने सीमा पर कांबिंग की

ठुलीगाड़ (पूर्णागिरि) में तैनात एसएसबी की पंचम वाहिनी की सी कंपनी के दल ने पुलिस एवं वन विभाग के साथ भारत-नेपाल सीमा पर सघन कांबिंग कर सुरक्षा का जायजा लिया।

21 जनवरी 2018

Related Videos

गुरुग्राम में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, तीन महिलाओं समेत पांच गिरफ्तार

गुरुग्राम में आए दिन सेक्स रैकेट पकड़े जा रहे हैं। शनिवार को गुरुग्राम पुलिस ने स्पा की आड़ में चल रहे एक सेक्स रैकेट पर छापा मारा। पुलिस ने इस मामले में तीन महिलाओं और पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

21 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper