बन गए हैं मेट्रो पिलर, नहीं डल पा रहे स्लैब

Faridabad Updated Fri, 21 Dec 2012 05:30 AM IST
फरीदाबाद। फरीदाबाद को मेट्रो का लंबे समय से इंतजार है, लेकिन जापानी गुड़िया के कदम शहर की ओर बढ़ते-बढ़ते ठिठक रहे हैं। अब जबकि मेट्रो का काम शुरू हुए भी नौ माह हो चुके हैं, लेकिन पर्यावरण मंत्रालय ने इसकी रफ्तार पर ब्रेक लगा दिए हैं। जब तक पेड़ नहीं कटेंगे, मेट्रो का काम रफ्तार कैसे पकड़ेगा? दोषी अकेला पर्यावरण मंत्रालय भी नहीं है। नये पौधे लगाने के लिए सरकार ने अभी तक जगह उपलब्ध नहीं करा सकी है। जब तक पौधारोपण के लिए जगह नहीं मिलेगी, पर्यावरण मंत्रालय पेड़ काटने की अनुमति नहीं देगा।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बदरपुर-वाईएमसीए मेट्रो कॉरिडोर का एमओयू 26 मार्च 2012 को साइन हुआ था। जिसके तहत 13.875 किलोमीटर कॉरिडोर की लाइन बिछाई जाएगी। प्रोजेक्ट पर सरकार 2,494 लाख रुपये खर्च कर रही है। प्रोजेक्ट को 2014 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके लिए डीएमआरसी ने निर्माण कंपनी (एलएंडटी) को मेट्रो लाइन बिछाने के लिए 25 माह की समय सीमा निर्धारित की हुई है।
मेट्रो लाइन में वन विभाग के 2,975 पेड़ बीच में आ रहे हैं। जिन्हें बिना हटाए मेट्रो लाइन नहीं बिछाई जा सकती है। काटे जाने वाले पेड़ों के बदले में वन विभाग को 29,820 पेड़ लगाने है। जिसके लिए करीब 29.82 हेक्टेयर (करीब 80 एकड़) जमीन की मांग हुडा से की गई है। जिसका मामला अभी तक हल नहीं हो सका है।

पर्यावरण मंत्रालय की ओर से स्पष्ट आदेश है कि मेट्रो निर्माण के दौरान हटाए जाने वाले पेड़ों को लगाने के लिए पहले हुडा करीब 80 एकड़ जमीन उपलब्ध कराए। उसके बाद ही मेट्रो प्रशासन को पेड़ काटने की अनुमति दी जाएगी। -वास्वी त्यागी जिला वन अधिकारी, फरीदाबाद

दिल्ली से सटे अनंगपुर क्षेत्र में हुडा की 75 एकड़ जमीन वन विभाग को देने का प्रस्ताव तैयार कर सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। जिसकी मंजूरी के आदेश अभी तक नहीं आए हैं।
-एनके सोलंकी, हुडा प्रशासक, फरीदाबाद

इन दिक्कतों की ओर भी रहे ध्यान

पार्किंग व स्टेशन के लिए नहीं हुआ अधिग्रहण
बदरपुर-वाईएमसीए मेट्रो कॉरिडोर निर्माण में डीएमआरसी को शहर में नौ स्टेशन व पार्किंग को बनाना है। जिसमें सराय ख्वाजा, सेक्टर-27 ए, मेवला महराजपुर, एनएचपीसी, बड़खल, ओल्ड फरीदाबाद, अजरौंदा, न्यू टाउन, वाईएमसीए शामिल है। इसके लिए हुडा 23 एकड़ जमीन उपलब्ध करा चुका है। लेकिन करीब 11.6 एकड़ जमीन का अधिग्रहण अतिरिक्त करना है। जिसकी सेक्शन चार की प्रक्रिया को दो माह पूरा हो चुका है। लेकिन आज तक सेक्शन छह की कार्यवाई को पूरा कर जमीन का अवार्ड घोषित नहीं किया जा सका है।

एनएचएआई भी बड़ा रोड़ा
बदरपुर से सराय ख्वाजा तक मेट्रो लाइन एनएच टू के बाई ओर आनी है। ऐेसे में करीब 1.7 किलोमीटर की इस लाइन को बिछाने को लेकर एनएचएआई व डीएमआरसी के बीच विवाद चल रहा है। जिसे हुडा अधिकारी निपटाने की बात कह रहे हैं। लेकिन इस जगह पर मेट्रो निर्माण कंपनी बेरिकेडिंग तक नहीं कर सकी है। क्योंकि एनएचएआई अनुमति नहीं होने की बात कह रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है बदरपुर टोल के पास से इस मेट्रो लाइन को एनएच-दो के ऊपर से कैसे पार कराया जाएगा।

नगर निगम का ढीला रवैया
मेट्रो की लाइन बिछाने में सबसे अधिक दिक्कत जमीन में खुदाई के दौरान आ रही है। क्याेंकि जगह-जगह सीवर व पानी की लाइन आ रही है। जिसको बिना ट्रांसफर कराए आगे की खुदाई नहीं की जा सकती है। निगम अधिकारी मेट्रो निर्माण में मुस्तैदी दिखा नहीं रहे हैं।

बिजली के तार भी बने परेशानी
मेट्रो लाइन को बिछाने की प्रक्रिया राष्ट्रीय राजमार्ग दो की दाहिनी ओर हो रही है। ऐसे में मेट्रो निर्माण कंपनी पिलर, कैप रखने का काम कर रही है। लेकिन दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के तार मेट्रो लाइन के बीच में आ रहे हैं। जिन्हें अभी तक ट्रांसफर नहीं किया गया है।

Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी में नौकरियों का रास्ता खुला, अधीनस्‍थ सेवा चयन आयोग का हुआ गठन

सीएम योगी की मंजूरी के बाद सोमवार को मुख्यसचिव राजीव कुमार ने अधीनस्‍थ सेवा चयन बोर्ड का गठन कर दिया।

22 जनवरी 2018

Related Videos

हरियाणा के उद्योग मंत्री ने प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए इस तरह जुटाए 2.5 करोड़

हरियाणा के उद्योग मंत्री विपुल गोयल द्वारा फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड के सिल्वर जुबली हॉल में उपहारों की प्रदर्शनी लगाई। उपहारों की इस प्रदर्शनी के जरिए पीएम राहत कोष के लिए 2.5 करोड़ की धन राशि जुटाई गई।

15 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper