डेंगू-मलेरिया को लेकर सिर्फ खानापूर्ति

Faridabad Updated Sun, 04 Nov 2012 12:00 PM IST
फरीदाबाद। डेंगू और मलेरिया को स्वास्थ्य विभाग सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है। शहर में अधिकांश हिस्से ऐसे हैं, जहां फॉगिंग की ही नहीं गई है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि डेंगू, मलेरिया से बचाव भगवान भरोसे है। इस बारे में विभाग के अधिकारियों ने माना कि विभाग में कर्मचारियों की कमी है, जिसके कारण सभी जगह दवाओं का छिड़काव नहीं हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नगर के 35 वार्डों में से अभी तक केवल 15 वार्डों में ही फॉगिंग कराई गई है। इसमें भी स्थिति यह है कि फॉगिंग किसी इलाके में हुई व किसी में नही हुई है। अधिकारियों के अनुसार, जहां से डेंगू संभावित, पॉजिटीव व मलेरिया के मामले आ रहे हैं वहीं फॉगिंग की जा रही है।
जिला मलेरिया व डेंगू अधिकारी डॉ. रमेश ने बताया कि स्टाफ की कमी व कई बार किसी इलाके विशेष के लिए सिफारिश आने के कारण फॉगिंग नियमित तौर पर नहीं हो पा रही है।


डेंगू व मलेरिया मामलों में इजाफा
अभी तक करीब 235 डेंगू के संभावित मामले आ चुके हैं, जिनमें से 33 मरीजाें में डेंगू की पुष्टि की जा चुकी है। इसके अलावा मलेरिया को लेकर भी स्थिति चिंताजनक है। अभी तक मलेरिया के 658 मामले सामने आ चुके हैं।

इन इलाकाें में नहीं हुई फॉगिंग
छायंसा, जवाहर कॉलोनी, सेक्टर-8, 10, 22, 23, 30, 55, नेहरू ग्राउंड, डबुआ, स्प्रिंग फील्ड कॉलोनी, पर्वतीय कॉलोनी में फॉगिंग हुई ही नही है। यहां के स्थानीय निवासियों का कहना है कि यहां पर अभी तक फॉगिंग नहीं कराई है और ना ही मलेरिया की दवा छिड़की गई है।


लार्वा मिला, लेकिन नहीं काटा चालान
स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह नियम बनाया गया है कि जिन इलाकों में लार्वा पाया गया है, वहां चालान काटा जाएगा। लेकिन अभी तक एक भी इलाके में चालान नही काटा गया है, जबकि लार्वा कई जगह पाया गया है। एमसीएफ, फायर बिग्रेड, एनएच-5, सेक्टर-15, 21 ए, चावला कॉलोनी, समयपुर, शिव दुर्गा विहार, बल्लभगढ़ के कुछ इलाकाें में लार्वा पाया गया।
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संवेदनशील इलाके
छायंसा, एसजीएम नगर, सेक्टर-23, संजय कॉलोनी, पर्वतीय कॉलोनी, डबुआ कॉलोनी, राहुल कॉलोनी, जमाई कॉलोनी, राजीव कॉलोनी, इंद्रा कॉलोनी, नंगला एनक्लेव, सेक्टर-15, 16, अशोका एन्कलेव का कुछ एरिया, सैैैक्टर-31, 37, ग्रीन फील्ड कॉलोनी, स्प्रिंग फील्ड कॉलोनी।

कर्मचारी हैं कम
सर्वे के लिए जहां 104 बहुउद्देशीय कर्मचारियों को होना चाहिए। वहीं विभाग के पास केवल 30 कर्मचारी काम कर रहे हैं। फॉगिंग के लिए जहां आठ छोटी मशीनों को होना चाहिए, उसमें से केवल चार मशीनें ही सही चल रही हैं। बड़ी दो मशीनों में से भी एक मशीन खराब पड़ी हैं।

दवाइयां भी हुई कम
छिड़काव के लिए दो दवाइयों का प्रयोग किया जाता है, जिसमें पेरीफोरम खत्म हो चुकी है। वहीं टेकनीकल मेगासील मंगाई थी, जिसमें से 100 लीटर गुड़गांव भेजी दी गई। वहां से यह दवा कब मिलेगी कुछ पता नहीं है। टेमीफॉस का उपयोग नालियों में मच्छर मारने के लिए किया जाता है। लेकिन इस दवा का वितरण भी इस बार नहीं किया गया है।
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स्वास्थ्य विभाग डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए केवल खानापूर्ति कर रहा है। हमारे सेक्टर में करीबन 15 लोग मलेरिया की जद में आ चुके हैं।
-आरसी शर्मा आरडब्ल्यूए प्रधान-सेक्टर-3

जिस तरह से मलेरिया व डेंगू अपने पांव पसार रहे है। उसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को सख्त कदम उठाने चाहिए थे। विभाग के कर्मचारियाें द्वारा फॉगिंग के नाम पर केवल खानापूर्ति ही जा रही है।
सतवीर सिंह, आरडब्ल्यूए सदस्य सेक्टर-7


पूरे सेक्टर में आरडब्ल्यूए की तरफ से सकुर्लर जारी किया गया है। ताकि लोग खुद अपना बचाव कर सकें। अगर स्वास्थ्य विभाग के भरोसे रहे तो लोग मलेरिया की चपेट में आ जाएंगे।
-सुबोध नागपाल,सेक्टर-29

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