विज्ञापन

जब मेयर के अंदर का कलाकार जागा

Faridabad Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
फरीदाबाद। जब पुरस्कार देते समय मुख्य अतिथि का कलाकार जाग्रत हो जाए तो क्या होगा, यह देखा हमने पिछले साल ‘अमर उजाला’ रामलीला अवार्ड में। मंच था सेक्टर-15 की रामलीला का और मुख्यअतिथि थे मेयर अशोक अरोड़ा। इसके बाद तो वहां वो शानदार परशुराम-लक्षमण और अंगद-रावण संवाद हुआ कि लोग देर तक तालियां बजाते रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला द्वारा सेक्टर-15 की श्रद्धा रामलीला के लिए पुरस्कार देने को नगर निगम के मेयर अशोक अरोड़ा को मुख्य अतिथि बनाया गया था। मेयर अरोड़ा खुद एक कलाकार हैं और लंबे समय से विजय रामलीला रामलीला में अभिनय करते आ रहे हैं। उस दिन मंच पर जब रावण का अभिनय कर रहे श्रवण चावला को पुरस्कार दिया जा रहा था तो चावला ने ‘डंका बजा दो विश्व में तुम मेरे फरमान का, बढ़ी तलवार को थामो, बहाओ खून इंसान का, मेरी इच्छा से शाही ख्वाहिशों का राज बसता है, मुझे प्रसन्न करो, शोहरत का यही एक रास्ता है’। यह संवाद सुनाया तो मेयर कहां पीछे रहने वाले थे। उन्होंने माइक पकड़कर अंगद की भूमिका में आ गए और जवाब दिया ‘न कर इतना घमंड जहां इक रोज फानी है, तेरे से आला हो गुजरे, न बाकी कुछ निशानी है।’इसके बाद निर्देशक और लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे अनिल चावला कहां रुकने वाले थी। उन्होंने कहा ‘सच्चे योद्धा, सच्चे क्षत्रिय अपमान सह नहीं सकते हैं, जिनको सुनने का ताव नहीं वे चुप कैसे रह सकते हैं। इतना सुनते ही मेयर परशुराम की भूमिका में आ गए और जवाब दिया ‘किसने इस धनुष को तोड़ा, है कौन, किसका जाया है, है कौन बता बलवान यहां, किसने यह जुल्म कमाया है।’ इन संवादों को सुन रामलीला देख रहे दर्शक देर तक तालियां बजाते रहे।
----------


रात दो बजे तक बना रहा जोश
फरीदाबाद। वर्ष 2011 में ‘अमर उजाला’ अवार्ड को लेकर रहा यहां के लोगों और कलाकारों में जबरदस्त उत्सुकता थी। पुरस्कार लेते समय कई कलाकारों की आंखें भर आई।
चाहे ओल्ड प्रेस कॉलोनी शिव धर्मार्थ ट्रस्ट की रामलीला हो, एनएच एक में विजय रामलीला कमेटी की रामलीला हो, सेक्टर 15 स्थित श्रद्धा रामलीला कमेटी की रामलीला हो या सेक्टर 37 की रामलीला। सभी में जबरदस्त जोश था। पुरस्कार देने के क्रम में सेक्टर-37 पहुंचते-पहुंचते रात करीब दो बज गए। वहां से तब तक कई फोन आ चुके थे, लेकिन पुरस्कार वितरण में देर हो ही गई। अपनी टीम को अफसोस हो रहा था कि पंडाल खाली हो चुका होगा। लेकिन वहां पहुंचने के बाद लोगों का जोश देखकर हैरान हो गए। अमर उजाला टीम को देखकर लोग खुशी से उछल पड़े। लंबा चौड़ा मंच भर गया। पुरस्कार मिलने पर लोग खुशी से झूम उठे।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Rajasthan

नितिन गडकरी का 'निजी सचिव' बनकर मेयर से मांगे 12 करोड़ रुपये, गिरफ्तार

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का निजी सचिव बताकर फर्जीवाड़ा करने वाला एक शख्स जयपुर में पकड़ा गया है। मंगलवार को वह एक सफाई कंपनी का 12 करोड़ रुपया बकाया दिलाने जयपुर के मेयर अशोक लाहोटी के पास पहुंचा था।

20 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

गब्बर जिंदा है, क्योंकि गब्बर कभी डरा नहीं

27 जुलाई 1992, वो तारीख जब गब्बर इस दुनिया से चला गया पर, गब्बर मरा नहीं है। गब्बर कभी मर भी नहीं सकता, क्योंकि गब्बर ही ये कहता था कि , जो डर गया वो मर गया और गब्बर कभी किसी से नहीं डरा।है।

27 जुलाई 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree