निगम पर हर माह पड़ेगा 62 लाख रुपये का भार

Faridabad Updated Wed, 03 Oct 2012 12:00 PM IST
फरीदाबाद। राज्य सरकार ने नगर निगम के कच्चे कर्मियों को पक्का करने संबंधी केस फिर से खोल दिया है। नगर निगम ने सरकार को बताया है कि यदि इन कर्मचारियों को नियमित किया जाता है तो हर माह निगम कोष पर करीब 62 लाख रुपये का भार पड़ेगा।
नगर निगम सदन के प्रस्ताव पर शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव रामनिवास ने नियमित किए जाने वाले कर्मचारियों के बकाया सेवाकाल और ऐसा होने पर निगम कोष पर पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय बोझ की जानकारी निगमायुक्त से मांगी थी। इस पर निगम प्रशासन ने सरकार को अवगत करवाया है कि इन 1036 कर्मचारियों में से 45 की या तो मृत्यु हो चुकी है या वे लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे हैं।
अब मात्र 991 कर्मचारियों को ही नियमित करने के लिए विचार करना है। इनमें से 22 कर्मचारियों को 5 साल तक का, 64 कर्मचारियों का 5 साल से 10 साल तक, 192 कर्मचारियों का 10 से 15 साल तक, 359 कर्मचारियों का 15 से 20 साल तक और 354 कर्मचारियों का 20 साल से अधिक सेवाकाल बाकी है। इन कर्मचारियों की सेवायें नियमित की जाती है तो निगम कोष पर हर माह 62,14,964 का वित्तीय भार पड़ेगा।
म्यूनिसिपल कारपोरेशन इंपलाइज फेडरेशन के महासचिव रतन लाल रोहिल्ला ने सरकार सरकार से मांग की है कि इन कर्मचारियों को जल्द से जल्द नियमित किया जाए क्योंकि इनमें कई को कच्ची नौकरी करते करते दो दशक से भी अधिक का वक्त बीत चुके हैं।

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