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अपहृत बच्चा यश इटावा से बरामद

Faridabad Updated Mon, 27 Aug 2012 12:00 PM IST
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फरीदाबाद। सीही गांव से 19 अगस्त की शाम 20 लाख रुपये की फिरौती के लिए अपहृत सात वर्षीय यश शर्मा को फरीदाबाद पुलिस ने यूपी पुलिस की मदद से इटावा जिले से बरामद कर लिया है। पुलिस ने अपहरण के तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।
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गौरतलब है कि सेक्टर-सात क्षेत्र के गांव सीही निवासी राजेंद्र शर्मा के बयान पर 21 अगस्त को थाना सेक्टर-सात में मामला दर्ज किया गया था। शर्मा ने बताया था कि उनका पुत्र यश शर्मा 19 अगस्त की शाम घर के बाहर खेलते समय अचानक गायब हो गया। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला।
21 अगस्त को मामला दर्ज होने के बाद पुलिस आयुक्त एसएस कपूर ने सेक्टर-सात थाना प्रभारी मनोज कुमार व सीआईए भूपानी प्रभारी अनिल कुमार को केस जल्द सुलझाने का निर्देश दिया। इसी दौरान 24 अगस्त को आरोपियों ने बच्चे की रिहाई के बदले 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी। जांच टीम को सूत्रों से जानकारी मिली कि अपहरणकर्ता व अपहृत बच्चा यूपी के औरैया जिले में हो सकते हैं। इसके बाद एक टीम को औरैया भेजा गया, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा।
इसके बाद एक सूचना पर जांच टीम में शामिल सेक्टर-8 चौकी प्रभारी ईश्वर सिंह, सेक्टर-तीन प्रभारी अजय कुमार, एएसआई ईश्वर, कांस्टेबल अमित, रवि, अरशद खान ने यूपी के दूसरे शहर इटावा के गांव सुंदरपुर में दबिश दी, जहां से यूपी पुलिस की मदद से अपहृत बच्चा यश शर्मा को सकुशल बरामद कर लिया गया।



बच्चे को पतंग दिलाने का प्रलोभन दिया था
इटावा। एसएसपी राजेश मोदक ने पत्रकारों को बताया कि शनिवार की शाम को एसओजी प्रभारी रोहित तिवारी तथा इकदिल थानाध्यक्ष देवेंद्रकुमार द्विवेदी क ो मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि तीन लोग एक बालक को गोद में लिए रेलवे लाइन के किनारे होते हुए ग्राम बमनपुर थाना इकदिल की ओर जा रहे हैं।
इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को दबोच लिया और बच्चे को बरामद कर लिया। आरोपियों ने अपने नाम अमर सिंह उर्फ रवि उर्फ भल्लू निवासी बमनपुर इकदिल, संजय कुमार यादव उर्फ संजू तथा भूरे यादव निवासी ग्राम सुंदरपुर थाना इकदिल इटावा बताए। तलाशी में इनके पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ।
एसएसपी ने बताया कि अमर सिंह के अनुसार, यश शर्मा के पिता राजेंद्र शर्मा टैक्सी का व्यवसाय करते हैं। डेढ़ वर्ष उसने राजेंद्र शर्मा की गाड़ी चलाई थी और वहीं पड़ोस में रहकर नौकरी कर रहा था। उस दौरान उनका राजेंद्र शर्मा से झगड़ा हो गया और उन्होंने उसको काम करने के पैसे नहीं दिए। इसी का बदला लेने के लिए अपने दोस्तों को बुलाकर यश शर्मा क ा अपहरण करने की योजना बनाई और 19 अगस्त की शाम को पतंग दिलाने का लालच देकर उसका अपहरण कर लिया। वह आगरा तक बस से आए और फिर मोटरसाइकिल के जरिए सुंदरपुर इटावा आ गए।

चॉकलेट, बिस्कुट खिलाकर बहलाते रहे
इटावा। रास्ते भर बालक को उक्त लोग चॉकलेट, बिस्कुट, पेस्ट्री आदि खिलाकर बहलाते रहे ताकि बस से सफर करते समय किसी को उन पर शक न हो। इटावा में रखने के दौरान भी उसके खाने पीने में कोई कमी नहीं रखी। वह जो भी खाने के लिए मांगता उसको लाकर दे देते थे। तीन दिन तक फिरौती की मांग करने के लिए सिम की व्यवस्था करने में लग गए। 24 अगस्त को मोबाइल फोन के जरिए 20 लाख की फिरौती मांगी थी।



पतंग न दिलाने की शिकायत की
बालक यश शर्मा की छह दिन बीतने के बाद भी पतंग की ख्वाहिश नहीं गई। एसएसपी राजेश मोदक ने बताया कि अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त होने के बाद भी उसने सबसे पहले यही शिकायत की कि अमर सिंह ने उसको अभी तक पतंग नहीं दिलाई है।



अब उसके तीन बच्चे पूरे हो गए
इकदिल थाने पहुंचकर यश को सकुशल देख पिता राजेंद्र शर्मा की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। बाद में एसएसपी आवास पर उन्होंने बताया कि 19 अगस्त की शाम से लेकर आज तक उनका पूरा परिवार परेशान बना रहा। यश उनके तीन बच्चों में दूसरे नंबर का है। अब उनके तीन बच्चे पूरे हो गए। शर्मा ने बताया कि उनका कारोबार रेलवे टिकट व टैक्सी चलवाने का है। उसके पास दो टैक्सी हैं। अमर सिंह उर्फ रवि उसके पास सात वर्ष पहले काम करता था। उससे किसी बात को लेकर झगड़ा होने से उन्होंने साफ मना कर दिया।


फोटो-10-पकड़े गए अपहरणकर्ता व जानकारी देते एसएसपी
फोटो-11-यश के साथ एसएसपी
फोटो-12-हरियाणा पुलिस के साथ आए यश के पापा

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