सेवानिवृत्ति की आयुसीमा पर असमंजस

Faridabad Updated Sun, 26 Aug 2012 12:00 PM IST
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फरीदाबाद। श्रम मंत्री ने गत 10 जुलाई को घोषणा कर दी कि प्रदेश में अब श्रमिकों के सेवानिवृत्ति की उम्र 60 वर्ष हो गई है। लेकिन, असलियत यह है कि यह अभी सिर्फ प्रस्ताव तक सीमित है।
इस असमंजस की स्थिति के कारण कई कंपनियों में मालिक-मजदूरों के बीच संबंध तल्ख हो रहे हैं। जो 58 साल में सेवानिवृत्त हो रहे हैं वह अपने प्रबंधन को श्रम मंत्री की घोषणा की याद दिलाकर दो साल और नौकरी करने की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर प्रबंधन श्रम विभाग के उस नोटिफिकेशन की प्रति दिखा रहा है, जिसे पढ़ने से साफ होता है कि आदेश अब तक लागू नहीं हुआ है। अभी तो यह प्रस्ताव है और इससे जुड़े लोगों से इस बारे में आपत्तियां मांगी जा रही हैं।
श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री दबाव देकर कह रहे हैं कि इसे सभी फैक्ट्री वालों को लागू करना पड़ेगा। जबकि, उनके विभाग के नौकरशाहों ने जो नोटिफिकेशन निकाला है उसे देकर यह मसला अनिवार्य न होकर स्वैच्छिक है। ऐसे में प्रबंधन के लोगों का कहना है कि जो फैक्ट्री संचालक यह आदेश लागू नहीं करना चाहेगा उसमें श्रमिक असंतोष पनपने शुरू हो जाएंगे। इस मामले को लेकर शहर के शीर्ष औद्योगिक संगठन फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एफआईए) की बैठक हुई है, जिसमें कई उद्योगपतियों ने मंत्री के इस फैसले के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

10 जुलाई को आए नोटिफिकेशन के आधार पर 60 दिन में आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए हैं, जिसे 10 सितंबर तक श्रम एवं रोजगार विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भेजना है, ताकि इसमें जरूरी फेरबदल किए जा सकें।
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कई कंपनियों का मानना है कि इस फैसले से उनकी उत्पादकता कम हो जाएगी। क्योंकि फैक्ट्रियों में फिजिकल काम ज्यादा है। जबकि 58 साल की उम्र तक ही वर्करों मेें काम करने की क्षमता काफी कम हो जाती है। इस फैसले को लागू किया गया तो युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी कम होंगे।
-नवदीप चावला, वरिष्ठ उप प्रधान, एफआईए।
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सेवानिवृत्ति की आयु अलग-अलग कंपनियाें में 55 से लेकर 62 साल तक है। अगर 60 साल पर सेवानिवृत्ति के फैसले को स्वैच्छिक रखा गया तो कई कंपनियों में श्रमिक असंतोष पैदा हो सकता है। इसलिए इस फैसले को स्पष्ट करने की जरूरत है। अगर 60 साल पर सेवानिवृत्ति होती है तो भी वर्करों को पीएफ एवं ग्रेच्युटी का लाभ मिलता रहेगा।
-आरके चिलाना, औद्योगिक संबंध विशेषज्ञ।

बाटा में पहले से ही सेवानिवृत्ति की उम्र 60 साल है। जेसीबी ने भी अब स्वेच्छा से 60 साल कर दी है। सवाल यह है कि जब 70 फीसदी लोग कांट्रैक्ट पर काम कर रहे हैं तो 30 फीसदी लोगों के लिए ही ऐसा आदेश क्यों।
-बेचू गिरी, क्षेत्रीय सदस्य, कर्मचारी राज्य बीमा निगम।
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मेरी ओर से 60 वर्ष में सेवानिवृत्ति का फैसला लागू हो गया है। अगर कामधंधा करना है तो हर फैक्ट्री वाले को इसे बिल्कुल देना पड़ेगा।
-शिवचरण लाल शर्मा, श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

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