किसानों ने फूंका सरकार का पुतला, पुलिस ने नेताओं को थाने में बैठाया

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Mon, 26 Oct 2020 12:15 AM IST
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प्रदर्शन कर रहे किसानों को पकड़कर ले जाती पुलिस। संवाद न्यूज एजेंसी
प्रदर्शन कर रहे किसानों को पकड़कर ले जाती पुलिस। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : Bhiwani

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भिवानी। नए कृषि कानूनों के विरोध में रविवार को किसान सड़क पर उतर आए। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र से इन कानूनों को वापस लेने की मांग की। वहीं सरकार का प्रतीकात्मक पुतला जलाने वाले किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर चार घंटे तक थाने में बैठाए रखा। हालांकि बाद में इन्हें छोड़ दिया गया। वहीं जिले के अन्य क्षेत्र तोशाम में भी किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। ओबरा व मतानी में किसानों ने सरकार का पुतला जलाया, बवानीखेड़ा में कृषि कानून की प्रतियां जलाई गईं।
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शनिवार रात से ही पुलिस और किसान नेताओं में चला लुकाछिपी का खेल
भारतीय किसान यूनियन की दशहरा पर सरकार के पुतला दहन की घोषणा के बाद से ही रात से ही किसान नेताओं और पुलिस के बीच लुकाछिपी का खेल चलने लगा। सुबह तक पुलिस ने कुछ किसान नेताओं को हिरासत में भी लिया। इसके बावजूद रविवार सुबह भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर किसान लघु सचिवालय के बाहर एकत्रित हुए और सरकार का पुतला जलाकर रोष जताया। पुलिस ने मौके पर ही पुतला जलाने वालों को हिरासत में लिया और थाने में करीब चार घंटे तक बैठाए रखा। उन्हें शाम को छोड़ा गया।
रावण रूपी सरकार का पुतला जलाया
किसान नेता जोगेंद्र तालु, राज सिंह धनाना, सुरेश नंबरदार तालु, राजकुमार जताई व अन्य किसानों ने बताया कि आज दशहरा पर्व पर किसानों के रावण रूपी सरकार का पुतला जलाया गया है। सरकार ने तानाशाही रवैया दिखाते किसानों की आवाज को दबाने के लिए 11 किसान नेताओं को गिरफ्तार किया। साथ ही जिला प्रधान राकेश आर्य को गिरफ्तार कर खरक चौकी में बंधक बनाया। इसके बाद किसान नेताओं को चार घंटे बाद रिहा किया गया। किसानों की मदद के लिए आम आदमी पार्टी के जिला प्रधान दलजीत तालु सिविल लाइन थाना पहुंचे, जहां पर उन्होंने प्रशासन से रिहाई के लिए बातचीत की।
किसानों पर थोप रहे नए कानून
किसान नेताओं ने कहा कि एक तरफ मंडियों में किसानों की फसल बाजरा, कपास, मूंग न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने में उनके सामने अनेक तरह की कठिनाईयां आ रही है। किसान तंग आकर औने पौने दामों पर अपनी फसल बेचने पर मजबूर हो रहे हैं। ट्यूबवेलों के नए कनेक्शन शुल्क दिए जाने के बाद भी नहीं मिल रहे। अब किसानों पर नए कानून थोपे जा रहे हैं।
लघु सचिवालय के बाहर केंद्र सरकार का पुतला फूंकते किसान सभा के सदस्य। संवाद न्यूज एजेंसी
लघु सचिवालय के बाहर केंद्र सरकार का पुतला फूंकते किसान सभा के सदस्य। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : Bhiwani
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