ट्रैफिक सुधारने में छूटेगा प्रशासन का पसीना

Ambala Updated Thu, 29 Nov 2012 12:00 PM IST
अंबाला। ट्विनसिटी में लोगों को ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने की प्रशासन की हर कोशिश पर पानी फिरता जा रहा है। हालांकि एक बार फिर से प्रशासन ने कवायद शुरू की है। लेकिन अब तक बनी तमाम योजनाएं फेल हो चुकी हैं। कैंट और शहर में हालात यह हैं कि कुछ मिनट के रास्ते तय करने में लोगों को लंबा वक्त लग जाता है। बीते आठ सालों से ट्रैफिक समस्या से जूझ रहे लोगों को प्रशासन द्वारा उठाए हर कदम नाकाफी साबित हुए हैं। एक बार फिर से प्रशासन ट्विनसिटी के भीतरी और बाहरी हिस्सों में ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने की कोशिश में है।
पहले की गई थी ये व्यवस्था
वर्ष 2004 में प्रशासन ने लोगों को ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने के लिए सड़कों के बीच में लोहे के पोल लगाए थे। दावा था कि सड़क को दो हिस्सों में बांटने से ट्रैफिक सुचारु होगा, लेकिन नई व्यवस्था सिरदर्द बन गई और हादसे होने लगे। साथ ही सड़क गली में तबदील हो गई।
इसके बाद सड़क के किनारे प्लास्टिक के कोण लगाए गए। ताकि सड़क की साइडों का कुछ हिस्सा बतौर पार्किंग इस्तेमाल हो सके। यह योजना भी सिरे नहीं चढ़ी और कुछ दिनों के बाद कोण टूटने लगे और इनको फिक्स करने के लिए लगाए गए नट-बोल्ट परेशानी पैदा करने लगे। इसके बाद यह योजना भी ड्राप कर दी गई। इसी तरह सड़कों के किनारे पीली पट्टी बना दी गई, लेकिन इसने भी परेशानी खड़ी कर दी। पीली पट्टी का मकसद यही था कि इस लाइन व दुकानों के बीच दुकानदार अथवा ग्राहक अपने वाहन खड़ा कर सकेंगे, लेकिन यह योजना भी समस्या से निजात नहीं दिला सकी। इसमें कई जगहों पर दुकानदारों व उनके कर्मचारियों ने अपने वाहन खड़े कर लिए, लेकिन ग्राहकों को वाहन खड़ा करने में परेशानी आती है।
इसी तरह ट्रैफिक को व्यवस्थित करने के लिए नाके लगाए गए। इससे बचने के लिए वाहन चालक भीतरी इलाकों में प्रवेश शुरू कर दिया। इसके कारण दूसरे बाजारों में ट्रैफिक इस कदर बढ़ गया कि बाजारों में जाम की स्थिति पैदा होने लगी है।
कोट

‘यदि प्रशासन को ट्रैफिक समस्या का समाधान चाहता है, तो योजनाओं और उनके क्रियान्वयन में सख्त होना होगा। वाहनों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन पार्किंग की समस्या समाप्त नहीं हो रही। अतिक्रमण को भी सख्ती से निपटना होगा। प्रशासन भी मार्केट एसोसिएशन को इन मुद्दों पर साथ लेकर चले।’
- अजय गुलाटी, प्रधान मेन सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन कैंट

‘कैंट में ट्रैफिक समस्या सबसे बड़ी है। इसके लिए जरूरी है कि भीतरी क्षेत्रों में चौपहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से रोका जाए। कामर्शियल वाहनों की एंट्री सुबह आठ बजे से पहले और रात्रि नौ बजे के बाद ही हो। पार्किंग, चाहे छोटी हो, बाजारों में इसकी व्यवस्था हो। स्टेट हाइवे के किनारे भी पार्किंग दी जा सकती है।’
- आनंद मोहन शुक्ला, प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा प्रदेश स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार जनकल्याण समिति
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‘ट्रैफिक समस्या विकराल है और इसे समय के हिसाब से सुधारने की कवायद होनी चाहिए। सबसे बड़ी परेशानी यही है कि योजनाओं को हल्के ढंग से अमलीजामा पहनाया जाता है। नियमों की पालना में सख्ती हो, तो ही ट्रैफिक के हालात सुधर सकते हैं।’
- सुनील मित्तल, महासचिव मेन सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन अंबाला कैंट
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‘ट्रैफिक जागरूकता को लेकर हुई बैठक में कई मुद्दों पर बातचीत हुई। कमेटी बनाई है, जो अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद जो भी संभावनाएं होंगी, उसके आधार पर सुधार किया जाएगा। अधिकारियों को भी इसके लिए निर्देश दिए गए हैं।’
- शेखर विद्यार्थी, डीसी अंबाला

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