परिंदों से लड़ाकू जहाजों को खतरा!

Ambala Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
अंबाला। छावनी के एयरफोर्स स्टेशन 7 विंग में तैनात लड़ाकू जहाजों को इन दिनों एयरबेस की पैरीफैरी में उड़ने वाले परिंदों से खतरा महसूस होने लगा है। ये परिंदे आसमान में काफी ऊंचाई पर विचरण कर रहे हैं, जिस वजह से फाइटर एयरक्राफ्ट्स को इनसे ‘बर्ड हिट’ का खतरा बन गया है। इसकी वजह है नगर निगम की अनदेखी के चलते स्थापित कर दिए गए डंपिंग ग्राउंड। ये तमाम डंपिंग ग्राउंड एयरबेस की पैरीफैरी सीमा में ही स्थापित हो गए और इसी गंदगी की वजह से इन इलाकों में बाज, कौवे व अन्य पक्षियों की तादाद सबसे ज्यादा हो गई है।

एयरफोर्स अफसरों ने जताई चिंता
अंबाला में उत्तर भारत का सबसे बड़ा एयरफोर्स स्टेशन 7 विंग मौजूद है। आपातकालीन स्थिति में इसी एयरफोर्स स्टेशन की भूमिका सबसे अहम रहती है। लेकिन फिलहाल यहां मौजूद लड़ाकू जहाजों को परिंदों से खतरा सता रहा है। क्योंकि कई बार ऐसा देखा जा रहा है कि जैसे ही एयरक्राफ्ट टेक आफ व लैंड करता है, तो कुछ परिंदे उसकी उड़ान में डिस्टर्बेंस पैदा करते हैं। इन परिंदों का तेज रफ्तार फाइटर एयरक्राफ्ट से टकराना खतरनाक हो सकता है। इसलिए एयरफोर्स अफसरों ने कुछ डंपिंग ग्राउंड चिंह्नित करवाकर उन्हें हटवाने के लिए जिला प्रशासन से आग्रह किया है।

ये डंपिंग ग्राउंड बन रहे हैं खतरनाक
दरअसल, एयरक्राफ्ट लैंडिंग और टेकओवर की पैरीफेरी देखी जाए तो अमूमन एयरक्राफ्ट देवी नगर घग्गर नदी की ओर से टेक आफ करते हैं और दूसरी ओर टांगरी नदी की ओर से एयरबेस पर लैंड करते हैं। मगर नगर निगम अफसरों की लापरवाही का नतीजा यह है कि घग्गर नदी के पास देवी नगर इलाके में हाईवे के साथ ही मरे हुए जानवरों का डंपिंग ग्राउंड बना हुआ है। शहर में मरे हुए जानवरों को यहीं फेंका जाता है, उसके बाद बाज, कौवे व अन्य मांसाहारी पक्षी यहां विचरण करते हैं। दूसरी ओर टांगरी नदी के पास भी निगम की अनदेखी की वजह से भी बहुत बड़ा डंपिंग मैदान बन गया है। यहां भी छावनी की गंदगी व मरे हुए जानवर सफाई कर्मचारी लाकर फेंक देते हैं, इसी वजह से यहां भी बाज, कौवे व अन्य पक्षियों की तादाद ज्यादा रहती है। जैसे ही लड़ाकू जहान एयरबेस पर टेकओवर या लैंड करता हैं, आकाश में विचरण कर रहे ये परिंदे उसके लिए खतरा पैदा करते रहते हैं।

जल्द गंभीरता दिखाए प्रशासन
एयरफोर्स से रिटायर्ड सारजेंट खुशबीर दत्त व हरेंद्र शर्मा और वारंट अफसर टीएस बिंद्रा कहते हैं जिला प्रशासन एयरफोर्स अथारिटी के आग्रह पर जल्द गंभीरता दिखाए। उनके अनुसार एयरफोर्स अफसर भी इसके लिए जिला प्रशासन पर लगातार दबाव बनाकर रखें। ऐसी घटनाओं को ‘बर्ड हिट’ कहा जाता है और एयरक्राफ्ट के लिए ये बेहद खतरनाक होता है और कई बार ये हादसों का भी सबब बन चुका है। उनके अनुसार लड़ाकू जहाजों की रफ्तार वायु के वेग से बहुत ज्यादा होती है, ऐसे में यदि एक परिंदा लड़ाकू जहाज से टकरा जाए, तो एयरक्राफ्ट की बाडी को बहुत नुकसान होता है, जिस वजह से या तो जहाज क्षतिग्रस्त हो जाता है और काफी समय तक उसे ग्राउंड पर ही रखा जाता है। जबकि कई बार ऐसे हादसे से जहाज दुर्घटनाग्रस्त भी हो जाता है। इसलिए एयरबेस की पैरीफेरी में कोई डंपिंग ग्राउंड नहीं होना चाहिए।

कोट्स
एयरफोर्स अथारिटी की ओर से कुछ डंपिंग ग्राउंड को हटाने का आग्रह आया था। इस पर निगम अफसरों को निर्देश दे दिए गए हैं कि चिह्नित किए गए डंपिंग ग्राउंड हटाएं जाए। जल्द ही वह निगम अफसरों से रिपोर्ट लेंगे कि डंपिंग ग्राउंड को हटाने के बारे में कार्रवाई कहां तक पहुंची। प्रशासन इसे लेकर पूरी तरह गंभीर है और जल्द ही संबंधित डंपिंग ग्राउंड शिफ्ट कर दिए जाएंगे। जल्द ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट शुरू हो जाए, तो सारी गंदगी वहीं जाएगी।
-शेखर विद्यार्थी, डीसी अंबाला-

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