शहर में वोट बनवाने में गड़बड़झाला

Ambala Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
अंबाला। शहर में वोट बनवाने के मामले में सामने आए फर्जीवाड़े में जिला निर्वाचन विभाग के अफसरों व कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल खड़ा हो गया है। इस मामले में अब ये बात भी सामने आई है, जिन लोगों के पास अपना रिहायशी प्रमाण पत्र ही नहीं है, उसके नाम से भी धड़ाधड़ वोट तैयार कर दिए गए। वे लोग कहां रहते हैं। कहां से आए हैं। इसके बारे में कोई जानकारी नहीं जुटाई गई। बस, बिना किसी तसदीक के धड़ाधड़ उनके वोट तैयार कर दिए गए।
अब जब इन मतों की वेरिफिकेशन का काम शुरू किया गया, तो सारी परतें खुलकर सामने आ रही है। उल्लेखनीय है कि इनेलो की ओर से एक शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अंबाला को दी गई। इसमें इनेलो ने शहर विधानसभा क्षेत्र की करीबन 1000 मतदाताओं के नाम देकर ये दावा किया था कि ये मत सभी फर्जी है। इसी शिकायत पर एसडीएम अंबाला और तहसीलदार की निगरानी में इन मतों की वेरिफिकेशन का काम शुरू करवाया गया।
इसमें पहले तो एक बात सामने आई कि एक फर्जी मकान के पत्ते पर 210 वोटें बनवा दी गई। जांच में पाया गया कि जिस मकान के पते पर 210 वोटें बनी, वो मकान ही वजूद में नहीं है। उसके बाद दूसरी बात यह सामने आई है कि जिन लोगों के वोट बनाए गए, उनसे उनका कोई रिहायशी प्रमाण पत्र नहीं लिया गया। वे कहां के रहने वाले हैं, क्या उनका उनके मूल शहर में वोट बना है या नहीं? बना है तो क्या उन्होंने वहां से वोट कटवाया है या नहीं? वोट कटवाया है तो उसकी रसीद कहां है? इन तमाम नियमों को ताक पर रखकर अंबाला शहर में कई वोट बना दिए गए।
दूसरी ओर इनेलो ने जिन 1000 वोटों का हवाले देते हुए ये वोट फर्जी होने का दावा किया है, सभी वोर्ट्स को सूचना देने की बात कहते हुए प्रशासन ने जब उनका वेरिफिकेशन हुआ तो कुल 1000 वोर्ट्स में से केवल 200 लोग ही पहुंचे। बाकी के 800 लोग कहां है? किसी को कोई खबर नहीं। ये लोग कहां रहते थे, ये भी मालूम नहीं। अब कहां हैं, ये भी कुछ मालूम नहीं। इनमें ऐसे लोग भी पाए गए, जिनसे सिर्फ एफिडेविट लेकर ही उनका वोट बना दिया गया, जबकि उनका रिहायशी प्रमाण पत्र चेक करने की भी जहमत नहीं उठाई गई।

कोट
शहर में वोट तैयार करने में बहुत बड़ा गड़बड़झाला हुआ है। प्रशासन पहले तो ये बताए कि एक फर्जी मकान के फर्जी पते पर 210 वोट कैसे बने? फर्जी मकान का फर्जी पत्ता किसने सुझाया। साथ ही ये भी बताए कि क्या सिर्फ एफिडेविट लेने भर से और बिना रिहायशी प्रमाण पत्र की जांच किए, क्या कोई भी वोट बनवा सकता है? इसके अलावा ये भी बताए कि वोटर लिस्ट में जिन 800 लोगों के नाम है, वो कहां हैं? यदि जिला प्रशासन उन्हें इस बात का जवाब नहीं देता और निष्पक्षता से जांच नहीं करता, तो वे चुनाव आयोग में शिकायत करेंगे। प्रभावशाली नेता इस जांच को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं।
-बलविंद्र सिंह पूनिया, जिलाध्यक्ष, इनेलो

कोट
कोई आदमी फुटपाथ पर भी रहता है, तो उसे भी वोट बनवाने का अधिकार है। कोई वोट फर्जी नहीं बनी है। हो सकता है, किसी गलती से पता गलत हो गया हो। जांच चल रही है। 1000 में से जो 800 वोटर्स वेरिफिकेशन के दौरान नहीं आए, उन्हें अगली बार सुना जाएगा और उनकी वेरिफिकेशन करवाई जाएगी।
- मुकेश आहूजा, एसडीएम अंबाला

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