बीमा करने के नाम पर ठगी

Ambala Updated Fri, 02 Nov 2012 12:00 PM IST
अंबाला। यदि आप अपने खून पसीने की कमाई को इंश्योरेंस सेक्टर में लगाना चाहते हैं, तो आपको थोड़ा सजग होना पड़ेगा। इस सेक्टर में कुछ ऐसे तथाकथित एजेंट हैं, जो सही पालिसी देने के नाम पर ग्राहकों को गलत पालिसी देकर फंसाते हैं और फिर गलत पालिसी को सरेंडर करवाने के नाम पर जबरन उपभोक्ताओं के एक के बाद पालिसियां करवा देते हैं।
इन दिनों इंश्योरेंस एजेंटों का एक ऐसा ग्रुप काम कर रहा है, जो स्थानीय न होकर चंडीगढ़ और उसके आसपास के शहरों से आपरेट हो रहा है। ग्राहकों को अपने झांसे में यह एजेंट इस तरह से लेते हैं उसके लाखों रुपये फंस जाते हैं। इसके बाद शुरू होता है इन एजेंटों का खेल। हर बार नया एजेंट उपभोक्ता के घर पहुंचता है और पुरानी पालिसी को कैंसिल करवाने के लिए नई पालिसी करने का दबाव बनाता है। जानकारों के मुताबिक तथाकथित एजेंट अपने टारगेट को पूरा करने के चक्कर में ग्राहकों के साथ ये खेल खेलते हैं। अंबाला कैंट में इसी तरह से कुछ लोगों को झांसा देने की कोशिश की गई है। एक मामले में तो रिकवरी हो गई, जबकि दूसरे मामले में लाखों रुपये अटके हुए हैं।
बीएसएनएल से सेवानिवृत्त एजीएम टीएल तराका ने बताया कि कुछ दिन पहले एक इंश्योरेंस एजेंट ने पालिसी के लिए उनसे संपर्क किया। दिलचस्पी दिखाने पर एजेंट ने उनके घर पर विजिट किया। एक पालिसी जंचने पर उन्होंने पालिसी करवाई। कुछ दिनों बाद पता चला कि पालिसी ही गलत है। सरेंडर करने की बात पर एजेंट ने एक और पालिसी करवाने के बाद ही पुरानी पालिसी का सारा रुपया मिलने की बात कही। इसके बाद तो एक-एक कर उनके आवास पर नौ एजेंटों ने विजिट किया और पालिसी सरेंडर करवाने के नाम पर उनके 4.50 लाख रुपये और इनवेस्ट कर डाले। अब इन एजेंटों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ हैं। उन्होंने कहा कि अब वे इन सभी मोबाइल नंबरों, एजेंटों के नाम, कंपनी प्रोफाइल आदि को लेकर इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथारिटी(इरडा) को शिकायत भेजेंगे। तराका स्थानीय पुलिस को भी शिकायत देने की बात कह रहे हैं।
इसी तरह कैंट में रहने वाले प्रिंसिपल रमेश बंसल को भी पालिसी के नाम पर चूना लगाने की कोशिश की गई। लेकिन काफी भाग-दौड़ के बाद सारी रकम उन्हें वापस मिल गई, जबकि उनको भी एजेंटों ने दूसरी पालिसी करने का झांसा दिया था।

इरडा के नाम से करते हैं फोन
ठगी करने वाले इन कथित एजेंटों का ग्रुप चंडीगढ़ जैसे शहरों से डील करता है। चंडीगढ़ से इरडा आफिस का कर्मचारी बनकर यह फोन करते हैं और पालिसी प्रोडक्ट बताते हैं। दिलचस्पी दिखाने पर एक एजेंट उपभोक्ता के घर विजिट कर उनको पालिसी देता है। इसके बाद यह एजेंट सामने नहीं आते और बाद में किसी ऐसे कर्मचारी को भेजते हैं, जिसका इंश्योरेंस सेक्टर से कोई लेना देना नहीं है।

सावधानी बरतें उपभोक्ता
इस बारे में फाइनेंशियल एडवाइज़र आशीष सूद के अनुसार इन दिनों इंश्योरेंस सेक्टर में अच्छी खासी ठगी हो रही है। इससे बचने के लिए उपभोक्ताओं को सावधान रहना होगा। ध्यान दें-
* इरडा कभी भी इंश्योरेंस प्रोडक्ट बेचने के लिए फोन नहीं करती
* यदि कोई कंपनी का प्रतिनिधि बनकर आता है, तो उसका आईकार्ड, कोड नंबर आदि चेक करें
* एक ही बार में एजेंट के कहने पर पालिसी को फाइनल न करें
* जो भी एजेंट आपके पास आया है, उसकी क्रास वेरिफिकेशन स्थानीय आफिस से अवश्य लें
* यदि कोई इश्योरेंस एजेंट स्थानीय न होकर दूसरे शहर से आया है, तो उसके बारे में कंपनी से जानकारी अवश्य लें
* जहां तक संभव हो स्थानीय आफिस से ही डील करें, जिससे यदि कोई दिक्कत हो तो उसे स्थानीय स्तर पर ही ठीक किया जा सके

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