डेंगू से 12 बीमार

Ambala Updated Sat, 27 Oct 2012 12:00 PM IST
अंबाला। जिले में डेंगू बेकाबू होता दिखाई दे रहा है। पिछले आठ दिनों में ही विभिन्न क्षेत्रों से करीब एक दर्जन मरीज सामने आ चुके हैं। खास बात यह है कि इसके बारे में स्वास्थ्य विभाग को भी पता नहीं कि यह मरीज कौन हैं और कहां पर इलाज करवा रहे हैं। फिलहाल लैबोरेटरी में ब्लड चेक करवाने के बाद यह मरीज कहां इलाज करवा रहे हैं, इसके बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है।
डेंगू से लापरवाह स्वास्थ्य विभाग को नहीं पता है कि जिला में कहां पर डेंगू के मरीज हैं और उनका इलाज कहां पर हो रहा है। निजी चिकित्सकों और लैब संचालकों के अनुसार उनके पास जो ब्लड टेस्ट के लिए आ रहे हैं, उनकी प्लेटलेट्स कम हैं। निजी चिकित्सकों के द्वारा ब्लड टेस्ट के लिए जिन मरीजों में प्लेटलेट्स की संख्या कम है उसे रेफर किया जा रहा है। ऐसे में इसे डेंगू ही समझा जा रहा है।
छावनी के कॉस लैबोरेटरी में ही करीब बारह मरीजों का चेकअप हुआ, जिनको डेंगू घोषित किया गया है। यह मरीज 19 से 26 अक्तूबर तक के हैं। इनमें सौरव, अखिलेश, सुरेश, मनीष, नमन, अनुज, सुरजीत, भाविका, राजेश, प्रमोद, परीक्षित, सुकेश शामिल हैं। लेकिन यह मरीज कहां पर इलाज करवा रहे हैं और इनका एड्रेस क्या है इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को भी नहीं है। इसमें कैंट के चिकित्सक डा. तरसेम मोंगा का बेटा भी डेंगू से पीड़ित है, वहीं विभिन्न अस्पतालों में भी लगभग आठ मरीजों का इलाज किया गया है।

एलीसा टेस्ट से पता चलता है
आईएमए कैंट के पूर्व प्रधान डा. डीएस गोयल ने बताया कि यदि किसी को डेंगू हो जाए तो उसके ब्लड का एलीसा टेस्ट होता है। इस टेस्ट में पता चल जाता है कि व्यक्ति को डेंगू है या नहीं। नार्मल व्यक्ति के खून में प्लेटलेट्स की संख्या 2.50 लाख तक होती है, जबकि यदि डेंगू है, तो इसमें मरीज की प्लेटलेट्स काउंट 1.50 लाख से नीचे आ जाती है। यदि यह काउंट चालीस हजार से नीचे चला जाता है, तो मरीज खतरे में है और यदि यह बीस हजार से भी नीचे चला जाए, तो की स्थिति काफी गंभीर मानी जाती है। ऐसे में मरीज को रेफर करने के सिवा कोई चारा नहीं रहता।


‘स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सजग है और जहां पर भी डेंगू का केस पाया जाता है, तो वहां पर फॉगिंग करवाई जाती है। निजी चिकित्सकों को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसी किसी भी मरीज की सूचना विभाग को दें।’
- डा. मनोज गुप्ता, सीएमओ अंबाला

‘लैबोरेटरी में मरीजों का चेकअप के बाद कई मरीजोें का टेस्ट डेंगू पाजीटिव पाया गया है। निजी चिकित्सकों द्वारा रेफर किए गए मरीजों का डेंगू चेक किया जाता है। वे कहां से आए हैं, इसके बारे में पता नहीं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने नहीं बताया है कि डेंगू को लेकर क्या अलर्ट है और मरीज मिलने पर कहां और किसे सूचना देनी है।’
- डा. वीके चोपड़ा, संचालक कॉस लैब

‘अभी तक आईएमए व स्वास्थ्य विभाग के बीच बैठक 30 अक्तूबर को होनी है। इसी में डेंगू की स्थिति पर चर्चा की जाएगी कि किस तरह से डेंगू पर काबू पाया जाए और निजी अस्पताल व स्वास्थ्य विभाग का क्या तालमेल होगा। अभी तक मेरे पास स्वास्थ्य विभाग का कोई सर्कुलर नहीं आया है।’
- डा. कमलेश दत्ता, प्रेसिडेंट आईएमए अंबाला छावनी

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