संदेह के घेरे में निगम की लीज शाखा

Ambala Updated Tue, 16 Oct 2012 12:00 PM IST
अंबाला। अंबाला छावनी के सदर क्षेत्र की सबसे बेशकीमती लीज की जमीन सर्वे नंबर 164-सी को हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय से विकास शुल्क मुक्त करवाने को लेकर निदेशालय के फर्जी आदेश तैयार करने के मामले में नगर निगम अंबाला सदर की लीज शाखा संदेह के घेरे में हैं। यह सारा मामला लीज शाखा ही डील कर रही थी।
पुलिस ने इस मामले की शिकायत करने वाले समाज सेवी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट मदन लाल शर्मा के बयान दर्ज कर लिए हैं।
मामले के अनुसार सर्वे नंबर 164 सी की करीबन 4.16 एकड़ जमीन, जिसे राबर्ट पैवेलियन के नाम से जाना है, उस पर एक स्कूल की बिल्डिंग खड़ी करने के लिए आरबीएल ट्रस्ट ने निगम में आवेदन किया था। बाकायदा इसका बिल्डिंग प्लान भी तैयार करवाकर आवेदन के साथ जमा करवाया गया था। इस मामले में नगर निगम ने चंडीगढ़ स्थित हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग से उनसे इस केस में मार्गदर्शन मांगा। इस बाबत तत्कालीन नगर परिषद (अब निगम) के अधिकारी अभी निदेशालय के जवाब का इंतजार कर ही रहे थे कि तभी निदेशक शहरी स्थानीय निकाय चंडीगढ़ की ओर से जारी एक पत्र कार्यकारी अधिकारी, अंबाला सदर को प्राप्त हुआ। इसमें विकास शुल्क नहीं लेने की बात कही गई। लेकिन इस मामले में एक समाज सेवी मास्टर मदन लाल शर्मा ने जब आरटीआई से जवाब मांगा तो मालूम चला कि ऐसे आदेश तो कभी निदेशालय से जारी ही नहीं हुए।

दस्तावेज जब्त करने की तैयारी
नगर निगम की लीज शाखा में इस वक्त हड़कंप का माहौल है और अंबाला पुलिस ने भी नगर निगम कर्मचारियों और चंडीगढ़ स्थित निदेशालय में पूछताछ एवं जांच करने और इस मामले में दस्तावेज जब्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि निगम की लीज शाखा से कुछेक र्क्लक रिटायर्ड भी हुए हैं और उनकी जगह नई कर्मचारियों को इसकी जिम्मेदारी मिली है। इस मामले में रिटायर्ड और मौजूदा सभी कर्मचारियों से पूछताछ हो सकती है।

उठते सवाल
1. लाखों रुपये का विकास शुल्क बचाने के लिए आखिरकार निदेशालय का फर्जी आदेश कैसे और किसने तैयार किया और किस तरह वो निगम की लीज शाखा तक पहुंच गया?

2. फर्जी आदेश तत्कालीन नगर परिषद की लीज शाखा में पहुंच गए और इन्हीं आदेशों को आधार बनाकर लीज शाखा ने बिना किसी जांच के अपनी आगामी कार्रवाई भी शुरू कर दी। सवाल यह है कि लीज शाखा ने अपनी ओर से पत्र की विश्वसनीयता की जांच क्यों नहीं करवाई? शाखा की ओर से ये सारा खेल हो जाता, यदि इस मामले में समाज सेवी की ओर से शिकायत न लगाई जाती।

आरटीआई एक्टिविस्ट के बयान दर्ज
अंबाला पुलिस ने सोमवार को इसी फर्जीवाड़े के मामले में आरटीआई एक्टिविस्ट एवं रिटायर्ड टीचर मास्टर मदन लाल शर्मा के बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस को दिए बयानों के बारे में उन्होंने अपने आरोप दोहराए और इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा से करवाए जाने की मांग की।

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