दूध न खरीदने की जिद पर अड़ा वीटा

Ambala Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
अंबाला। हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कारपोरेशन फेडरेशन के अंतर्गत वीटा मिल्क प्लांट ने प्लांट का दूध सरप्लस बता कर निजी दुग्ध उत्पादकाें से दूध खरीदने से साफ मना कर दिया है। इससे निजी दुग्ध उत्पादकों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है।
प्लांट के अधिकारियों के अनुसार प्लांट के पास सहकारी दुग्ध समितियों से ही सरप्लस दूध आ रहा है। ऐसे में वह प्राइवेट दुग्ध उत्पादकों का दूध कैसे ले सकते हैं। इसलिए स्थानीय वीटा अफसरों ने आला अफसरों के आगामी आदेशों तक दूध न लेने की बात साफ कर दी है। इसे लेकर प्राइवेट दूध उत्पादकाें की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। प्लांट अधिकारियों का यह भी कहना है कि वह निजी उत्पादकों से दूध लेने को बाध्य नहीं है।

मांग से ज्यादा दूध
अंबाला वीटा प्लांट कीअपने 647 के करीब सहकारी दुग्ध समितियां हैं। यहां से उन्हें 45 हजार लीटर दूध प्राप्त हो रहा है। जबकि इस समय इन सहकारी समितियों से 38 हजार लीटर दूध का ही टारगेट था। इसके अलावा 40 हजार लीटर दूध कुरुक्षेत्र प्लांट से प्राप्त हो रहा है। इसके बाद यहां इसकी विभिन्न रूपों से पैकिंग होती है और अन्य दुग्ध निर्मित सामान बनता है और उसे आगे सप्लाई किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार रोजाना प्लांट को कुल 95 हजार लीटर दूध पहुंच रहा है, जो काफी सरप्लस है। प्लांट इस वक्त सरप्लस दूध का मिल्क पाउडर भी नहीं बना रहा है, क्योंकि 250 टन पाउडर पहले से ही तैयार स्टॉक पड़ा है, जो पहले से ही बिकने के लिए तैयार पड़ा है। अब ऐसे में प्लांट प्राइवेट दूध उत्पादकों से दूध कैसे खरीद सकता है? यदि उनसे दूध खरीदता है तो वह उसका क्या करेगा? इसलिए अभी प्राइवेट दूध उत्पादकों का दूध नहीं लिया जाएगा।


‘प्लांट केवल सहकारी और रजिस्टर्ड दुग्ध समितियों से ही दूध लेने के लिए बाध्य है, प्राइवेट फार्मरों से नहीं। वैसे भी ये लोग रेगुलर दूध नहीं देते। वैसे भी दूध की सप्लाई इतनी ज्यादा है कि प्लांट का अपना दूध ही सरप्लस हो रहा है, ऐसे में प्राइवेट दूध लेकर प्लांट क्या करेगा। इसके बावजूद आला अफसरों के जो आदेश होेंगे, उसी हिसाब से काम किया जाएगा।’
-जसपाल सिंह, मुख्य अधिशासी अधिकारी, अंबाला मिल्क प्लांट



लोगों की मौज, मिला सस्ता दूध
वीटा द्वारा प्राइवेट दुग्ध उत्पादकों से दूध लेना बंद करने के विरोध में प्राइवेट दूध उत्पादकों ने शुक्रवार को विरोध स्वरूप सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की और सस्ता दूध बेचा। इस दौरान प्राइवेट दुग्ध उत्पादकों ने 2000 लीटर दूध सिर्फ 20 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से लोगों को बेचा। इस वक्त दूध की कीमत 36 रुपये लीटर है। सस्ता दूध खरीदकर लोगों की मौज हो गई। वीरवार को प्राइवेट दूध उत्पादकों ने इनेलो नेता संदीप राणा के नेतृत्व में बलेदव नगर चौक पर फड़ी लगाकर दूध बेचने का काम शुरू किया। इस दौरान हाथों हाथ दो घंटे में 2 हजार लीटर दूध बिक गया और दूध उत्पादक अपने घर चले गए। शाम के समय फिर प्राइवेट दूध उत्पादकों ने मानव चौक पर भी इसी तरह दूध बेचा। प्राइवेट दूध उत्पादकों का कहना है कि यदि वीटा प्लांट ने उनकी मांगे न मानी तो दूध उत्पादक इसी तरह रोजाना सड़कों पर ही दूध बेचेंगे, उन्होंने कहा कि दूध की खरीद बंद कर वीटा दूध उत्पादकों का शोषण करने में लगी है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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