एडेड स्कूलों के शिक्षकों का करोड़ों फंसा

Ambala Updated Mon, 01 Oct 2012 12:00 PM IST
अंबाला। छावनी के एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हरियाणा अनुदान प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों के वार्षिक सम्मेलन में शिक्षकों ने पेश आ रही समस्याओं पर चिंतन किया। शिक्षकों ने अपनी समस्याआें को प्रदेश कार्यकारिणी के समक्ष रखा और फिर उसके बाद पूरे सम्मेलन में एक-एक समस्या पर चरचा हुई। सम्मेलन में सूबे के हर जिले से एडेड स्कूलों के शिक्षकों ने भाग लिया।
सम्मेलन में जहां हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों को एसीपी ग्रेड (एशयौर कैरियर प्रोग्रेशन) का लाभ न मिलने का मुद्दा छाया रहा। इसी मुद्दे को लेकर शिक्षकों ने अब फिर हाईकोर्ट जाने का ऐलान कर दिया है। एसीपी का लाभ न मिलने से शिक्षकों का करोड़ों रुपये फंसा हुआ है। इसके लिए एडेड स्कूलों के स्टाफ को टेकओवर करने में देरी, छठे वेतनमान का पूरा लाभ न मिलना, पेंशनर्स की पेंशन छठे वेतनमान के हिसाब से रिवाइज्ड न करना, समय पर वेतन न मिलना, स्कूलों में नियमित रूप से वेतनवृद्धि न होना इत्यादि समस्याओं पर गंभीरता से चरचा की गई। बाद में ये निर्णय लिया गया कि जल्द ही संघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलेगा।

यह है एसीपी का पंगा
दरअसल सरकारी शिक्षकों को एसीपी ग्रेड का लाभ मिलता है, मगर एडेड स्कूल के शिक्षकों, जिन्हें वेतन का 75 फीसदी सरकार ही देती है, उन्हें एसीपी का लाभ नहीं मिलता। शिक्षकाें ने इसके लिए संघर्ष किया और आखिरकार सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने उनकी अपील पर ये आदेश दिए कि एडेड स्कूलों का सेक्शनड स्टाफ भी एसीपी पाने का हकदार है। एसीपी ग्रेड उसे दिया जाता है, जो अपनी सर्विस के दस-दस साल तो पूरे करते जाते हैं, मगर उन्हें इस दौरान कोई प्र्रोमोशन नहीं मिलती, इसलिए हर दस-दस साल बाद उन्हें एक विशेष इन्क्रीमेंट के रूप में इस ग्रेड का लाभ दिया जाता है। अब हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को दो हफ्तों में एसीपी का लाभ शिक्षकों को देने के लिए कहा था। इस एसीपी का आकलन किया जाए, तो प्रदेश में एडेड स्कूलाें के लगभग डेढ़ हजार शिक्षक और तीन सौ गैर शिक्षक स्टाफ ऐसा है, जिसका करोड़ों रुपये एसीपी बनता है और सरकार को इसे देना है। मगर अभी तक ये लाभ शिक्षकाें को नहीं मिला।

दोबारा जाएंगे हाईकोर्ट की शरण में
प्रदेशाध्यक्ष रामभज सिंह, महामंत्री रमेश बंसल, कोषाध्यक्ष राम कुमार गर्ग, हरके राम, आज्ञा पाल सिंह, महेंद्र भटनागर, शिव निवास तिवारी, राजीव शर्मा, कृष्ण कुमार, सुभाष मित्तल के अनुसार सभी शिक्षकों ने फैसला किया है कि एसीपी के लिए फिर से हाईकोर्ट की शरण में जाएंगे। सरकार के खिलाफ अवमानना की अपील दायर करेंगे। उधर, शिक्षक अश्वनी बत्तरा, निरंजन शर्मा, एसपी चौहान, कुलदीप शर्मा, रोहतास सिंह, राकेश शास्त्री, सतीश कुमार, राकेश, अमरदीप, खुशीराम, गोपाल शर्मा, अनूप यादव, कृष्ण कुमार व केदार सिंह के अनुसार सरकार ने टेकओवर का प्रस्ताव भी तैयार किया है, उस पर भी सरकार जल्द निर्णय ले, ताकि एडेड स्कूलाें का स्टाफ आर्थिक संकट से उभर सके। शिक्षकों के अनुसार इन स्कूलों के स्टाफ को अब तक छठे वेतनमान का पूरा लाभ भी नहीं मिला है और शिक्षकों को नियमित वेतन भी नहीं मिल रहा है। इस वजह से शिक्षक परेशान हैं।

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