एमईएस अफसर और ठेकेदार आमने-सामने

Ambala Updated Sat, 18 Aug 2012 12:00 PM IST
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अंबाला। सेना की ओर से मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज विंग(एमईएस) के अधिकृत ठेकेदारों के गोदामों को सेना की जमीन से हटाने के मामले में एमईएस अफसरों और ठेकेदारों में ठन गई है। इस बात को लेकर ठेकेदारों ने एमईएस बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया अंबाला शाखा के बैनर तले मोर्चा खोल दिया है।
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ठेकेदारों ने आरोप लगाते हुए कहा कि एमईएस का ही कर्नल रैंक का एक अफसर है, जो सेना के अफसरों को ठेकेदारों के खिलाफ गुमराह करता है और उसी की वजह से सेना ने ये कार्रवाई की। इसी के चलते ठेकेदारों ने एमईएस द्वारा सैन्य क्षेत्र में करवाए जाने वाले विकास कार्यों को भी ठप कर दिया है। ठेकेदार न तो विकास कार्य कर रहे हैं और न ही कोई नया टेंडर भर रहे हैं। इसके चलते सैन्य क्षेत्र में फिलहाल एमईएस के विकास कार्य ठप पड़े हैं।
ये है मामला
एमईएस ने कई सालों से सेना की जमीन पर अस्थाई ठेकेदारों को निर्माण सामग्री रखने के लिए जगह दी हुई थी। ठेकेदारों ने वहां अपने उपकरण इत्यादि रखे, लेकिन धीरे-धीरे वहां मजदूर आकर रहने लगे। अब सेना ने सारे गोदामों को हटवा दिया है। इसी को लेकर ठेकेदारों और सेना के अफसरों में इस वक्त टकराव की स्थिति है। उधर, सेना के प्रवक्ता के अनुसार ये सारे गोदाम अवैध रूप से बने हुए थे। उनके अनुसार सेना की जमीन को इस तरह नहीं दिया जाता, लेकिन फिर भी विकास कार्यों में दिक्कत न हो, इसलिए निर्माण सामग्री और उपकरण इत्यादि रखने के लिए ठेकेदार को 11 महीने व काम पूरा होने की अवधि दोनों में से जो कम हो, उतने समय के लिए अस्थाई जगह दी जाती है। लेकिन ठेकेदारों ने यहां पूरी तरह से कब्जा ही जमा लिया था, इसलिए यहां से कब्जे को हटाया गया। वहीं ठेकेदारों के अनुसार वे लोग यहां किसी प्रकार का कब्जा करके नहीं बैठे। उन लोगों के गोदाम अस्थायी ही है, लेकिन सेना ने केवल दो दिन के नोटिस में गोदाम गिरवा दिए हैं। उन्होंने कहा कि एमईएस का ही कर्नल रैंक का एक अफसर आला अफसरों को गुमराह कर रहा है और गोदाम हटाने की कार्रवाई भी इसी वजह से हुई है।

‘ठेकेदारों ने कोई अवैध कब्जा नहीं किया है। उनका प्रदर्शन इसी विरोध में था। सेना की ये कार्रवाई उचित नहीं है, केवल दो दिन के बिना हस्ताक्षर नोटिस के बाद अचानक कार्रवाई कर दी गई है। खैर, एमईएस के चीफ इंजीनियर से एसोसिएशन पदाधिकारियों की बातचीत हुई है, उन्होंने अस्थाई गोदाम के लिए कहीं और जगह दिलवाने का आश्वासन दिया है।’
- राकेश गर्ग, चेयरमैन, एमईएस बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया, अंबाला
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