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निशानदेही पर असमंजस, प्रशासन नहीं छुडवा सका 40 एकड़ जमीन पर कब्जा

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Tue, 21 May 2019 12:59 AM IST
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बराड़ा (अंबाला)। कस्बा के गांव राऊमाजरा में सोमवार को कोर्ट के आदेश पर करीब 40 एकड़ पंचायती जमीन से कब्जा छुड़ाने के लिए बड़ा प्रशासनिक अमला एवं भारी पुलिस बल तैनात रहा। मगर पूर्व में कभी इस जमीन की निशानदेही न होने के चलते प्रशासन असहाय नजर आया। वहां बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीणों ने इस पर अपने कागजात रखते हुए विरोध भी जताया और आगे के लिए कुछ समय की मांग की। अंत में पंचायती जमीन चिह्नित न होने से ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर मौजूद रहे तहसीलदार महेंद्र सिंह ने कानूनगो से निशानदेही करने के आदेश दिये। इसके बाद कब्जा हटाने की कार्रवाई अगली तारीख तक लटक गई।
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एक पुराने मामले में हाईकोर्ट द्वारा एसडीएम बराड़ा की कोर्ट को गांव राऊमाजरा से करीब 40 एकड़ पंचायती जमीन से कब्जा हटवाने के निर्देश दिए गए थे, जिसके चलते एसडीएम बराड़ा ने तहसीलदार बराड़ा को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया था। साथ में खंड विकास अधिकारी दिनेश शर्मा, पंचायत सचिव नेत्रपाल राणा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को कब्जा हटाने के लिए नियुक्त किया गया। इस दौरान बराड़ा थाना प्रभारी के नेतृत्व में काफी संख्या में दल बल मौजूद रहा। हालांकि मौके पर विरोध करने पहुंचीं महिलाओं की संख्या को देखते हुए महिला पुलिस बल काफी कम दिखाई दिया। इस दौरान कब्जाधारी पक्ष ने अपने कागजात पेश किए, लेकिन स्टे आर्डर न होने से प्रशासन ने उनकी एक न सुनी। इस दौरान ग्रामीणों ने कुछ विरोध भी जताया। बाद में पहले से ही इसकी निशानदेही न होने से कब्जा छुड़वाने की प्रक्रिया नहीं हो सकी, क्योंकि पंचायती जमीन के बीच में ही ग्रामीणों की निजी जमीन भी मौजूद थी।

यह बोले अधिकारी
खंड विकास अधिकारी दिनेश शर्मा ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर पंचायती जमीन से कब्जा हटवाना था। इसमें करीब 40 एकड़ पर कब्जा था। करीब 6-7 एकड़ पर जंगल है। मगर निशानदेही न होने से पंचायती जमीन की पहचान नहीं हो सकी है। इसलिए अगली कार्रवाई तक जमीन चिह्नित करवाने के आदेश ड्यूटी मजिस्ट्रेट द्वारा दिये गये हैं।

बराड़ा तहसीलदार महेंद्र सिंह ने कहा कि एक पुराने मामले में हाईकोर्ट द्वारा एसडीएम बराड़ा को गांव राऊमाजरा में पंचायती जमीन से कब्जा हटवाने के निर्देश दिए गए हैं। जमीन पूर्व में चिह्नित न होने से पहले कानून गो को निशानदेही के लिए बोला है। अगली तारीख पर आदेशानुसार कार्रवाई होगी।

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