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- घर में नौकर के साले ने किया था मासूम वैष्णवी का अपहरण कर की थी हत्या

Rohtak Bureau Updated Fri, 08 Dec 2017 01:29 AM IST
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परिवार के बीच वैष्णवी को ढूंढने का नाटक करता रहा आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
कैंट के बोह एरिया में बुधवार देर शाम पांच साल की बच्ची वैष्णवी का अपहरण कर हत्या के मामले का आरोपी घर में ही नौकर का 16 वर्षीय साला निकला। 11वीं में पढ़ने वाले इस आरोपी ने वैष्णवी के शव को घर से महज 10 मीटर दूर स्थित मकान में कूलर में छिपाकर रखा था। बुधवार देर रात परिवार के साथ-साथ पुलिस उसे कई स्थानों पर खोजती रही। मामले की पुलिस को शिकायत देने के बाद हंगामा बढ़ा तो उसने वैष्णवी के मुंह में कपड़ा ठूंस कर उसका सिर पानी से भरे बर्तन में डुबोकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी परिवार के बीच ही वैष्णवी को तलाश करने की एक्टिंग करता रहा। उसने शाम को वैष्णवी की दादी से खाना लेकर भी खाया। मगर पुलिस ने जांच के दौरान जब धमकी भरा मोबाइल नंबर ट्रैस किया तो वह एक के बाद एक परतें खुलती चली गई।
पुलिस को किशोर के अपहरण मामले में लिप्त होने का आभास हुआ और सख्ती दिखाई तो किशोर ने पूरी कहानी बयान कर दी जिसे सुनकर पुलिस के भी होश उड़ गए। उसने बताया कि वैष्णवी की हत्या कर शव उसने कूलर में छिपा दिया है। पुलिस ने किशोर के खिलाफ हत्या, अपहरण व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया जहां से उसे बाल सुधारगृह भेज दिया गया है।

यह था मामला
बुधवार देर शाम यूकेजी कक्षा की छात्रा वैष्णवी का अपहरण हो गया था। वैष्णवी के पिता अमित सूद व अन्य परिवार सदस्यों ने उसकी काफी खोजबीन की, मगर बच्ची का अता पता नहीं चला था। इसी बीच पड़ोस में रहने वाले एक युवक के मोबाइल पर अपहरणकर्ता ने फोन किया और 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी। फिरौती नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। पुलिस ने कॉल डिटेल चेक कराई तो नंबर यूपी का निकला था। इसी बीच पांच वर्षीय मासूम वैष्णवी की आरोपी किशोर ने निर्ममता से हत्या कर दी।

अमीर बनने का ख्वाब देखता था किशोर
पांच साल की मासूम का हत्या आरोपी कैंट के एक स्कूल में 11वीं कक्षा का छात्र है जिसने अमीर बनने के लिए नन्हीं छात्रा का अपहरण कर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि वह यूपी में जहां रहता है, वहां पर बड़ी-बड़ी कोठियां हैं। उसका ख्वाब भी ऐसी बड़ी कोठी बनाकर उसमें रहने का था और वह बहुत जल्द पैसे कमाना चाहता था। मगर मेहनत करने के बजाए उसने गलत रास्ता अख्तियार किया। अंबाला में वह जीजा के पास अगस्त माह में आया। किशोर का जीजा बोह में ही अमित सूद के पास नौकरी करता था। अगस्त माह में ही किशोर का दाखिला 11वीं कक्षा में करा दिया गया। उसके पास लैपटॉप था जिसपर उसने कुछ दिन पहले ही ‘खतरों के खिलाड़ी’ फिल्म देखी थी, इसके अलावा सावधान इंडिया नामक नाटक भी वह अक्सर देखता था। यही से किशोर में शातिर अंदाज में अपराध करने और पैसे कमाने की सनक जाग उठी। उसने अपहरण से लेकर फिरौती मांगने का पूरा प्लान बनाया। बताते हैं कि वह तीन दिन पहले ही दिल्ली से होकर भी आया था। उसके बैग से पुलिस को दिल्ली से अंबाला का एक रेल टिकट भी बरामद हुआ है।

जादू दिखाने का लालच दिया वैष्णवी को
पुलिस जांच के अनुसार वैष्णवी को किशोर ने बीती शाम जादू दिखाने का लालच दिखाकर उसका अपहरण किया था। वैष्णवी अपने चाचा को दुकान पर चाय देकर घर लौट रही थी। उसके पिता अमित सूद ने वैष्णवी को घर की ओर गली में मुड़ते हुए भी देखा था। मगर गली में मुड़ते ही अमित का पुराना मकान है जोकि उसने नौकर को दे रखा था और यहीं पर किशोर रह रहा था। उसका जीजा विवाह समारोह में शरीक होने के लिए बाहर गया था। घर अकेला पाकर ही किशोर ने अपहरण की साजिश रची। उसने वैष्णवी को जादू दिखाने का लालच देकर घर के अंदर बुलाया और फिर उसके हाथ-पैर बांध दिए। फिर उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद किशोर छात्र से एक दुकान से मोबाइल रिचार्ज करवाया और परिवार से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी। परिवार सदस्य परेशान थे जबकि धमकी देने वाला किशोर उनके बीच ही बैठ पूरे घटनाक्रम को देख अपनी प्लानिंग बना रहा था।
मगर रात होते-होते जब मामला पुलिस तक पहुंच गया और मौके पर एक के बाद एक कई पुलिस टीमें पहुंची तो किशोर घबरा गया। इसके बाद वह फिर कमरे में गया और उसने बच्ची का मुंह और गला दबाया जिसके बाद उसका सिर पानी के बर्तन में डूबो दिया।

उसकी मौत के बाद उसने घर में ही पड़े कूलर में उसका शव छिपाकर कूलर को बंद कर दिया। हत्या उसने रात करीब नौ बजे की और इसके बाद उसने सूद परिवार के घर में आकर खाना भी खाया। वह उनका हमदर्द बनकर इधर-उधर टहलता रहा। उसकी योजना था कि तड़के चार-पांच बजे अंधेरे के दौरान आंख बचाकर वह शव को कहीं ठिकाने पर लगा देगा।

मोबाइल से पकड़ में आया किशोर
किशोर ने जिस मोबाइल से धमकी भरा फोन किया था उसी से वह पकड़ में आ गया। यह नंबर यूपी का था। पुलिस ने जब नंबर को ट्रैस किया तो वह यूपी का निकला जिसके बाद पुलिस को यह पता चल गया कि नंबर आखिरकार किसके नाम पर जारी हुआ है। पुलिस ने यह जानकारी परिवार सदस्यों को दी मगर उन्होंने ऐसे किसी नाम के व्यक्ति को जानने से इंकार कर दिया। किशोर के स्कूल के नाम को मोहल्ले में कोई नहीं जानता था और इसी नाम से सिम रजिस्टर था। मगर फिर किसी ने बताया कि किशोर भी यूपी का रहने वाला है। फिर पुलिस ने बिना किशोर को पता चले पड़ताल की तो स्थिति शीशे की तरह साफ हो गई। पुलिस किशोर के कमरे में गई जहां किशोर अपने लैपटॉप पर वीडियो गेम खेल रहा था।

तीन बार कमरे की तलाशी ली फिर भी नहीं हुआ आभास
पुलिस ने उससे पूछा कि उसका मोबाइल कहां है। इस पर किशोर ने जवाब दिया कि वह मोबाइल नहीं रखता। उसने पहले ही मोबाइल से सिम निकालकर मोबाइल छिपा दिया था। पुलिस ने सख्ती से पूछा कि ‘तेरे पास लैपटॉप है, मोबाइल कैसे नहीं है’, इसके बाद पुलिस की सख्ती देख उसने कूलर की ओर इशारा करते हुए बताया कि ‘वैष्णवी का शव इसके अंदर पड़ा है, निकाल लो’। यह सुन पुलिस के होश भी फाख्ता तो गए। पुलिस ने तुरंत कूलर खोला तो वैष्णवी का शव मिला। इससे पहले पुलिस इस कमरे की तीन बार तलाशी ले चुकी थी, लेकिन पुलिस ने सोचा तक नहीं था कि कूलर में उसका शव भी हो सकता है। पुलिस ने जांच के बाद किशोर का लैपटॉप और तीन मोबाइल बरामद किए।

अन्य स्कूली छात्र भी शामिल हो सकते हैं वारदात में !
पुलिस को जांच के दौरान किशोर के पास से चार अन्य स्कूली छात्रों की लीव एप्लीकेशन मिली है। अलग-अलग छात्रों के नामों से यह लीव एप्लीकेशन लिखी गई। हैरानी की बात है कि चारों लीव एप्लीकेशन पर सात दिसंबर की तारीख अंकित थी। यानि चारों छात्रों ने सात दिसंबर को छुट्टी लेनी थी। सूद परिवार के सदस्य इस मामले में अन्य छात्रों के संलिप्त होने का आरोप भी लगा रहे हैं। मगर मामला किशोर से जुड़ा होने की वजह से पुलिस भी पूरे केस में फूंक फूंक कर कदम रख रही है।

पोस्टमार्टम में दम घुटने से आए मौत के कारण
सीएमओ डॉ. विनोद गुप्ता ने बताया कि मेडिकल बोर्ड ने बच्ची का वीरवार सुबह पोस्टमार्टम किया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने की वजह मौत का कारण बताई गई है। उधर पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के सुपुर्द किया गया। दोपहर बोह स्थित शमशानघाट में वैष्णवी का अंतिम संस्कार किया गया। बोह क्षेत्र से सैकड़ों लोग इस दौरान मौजूद रहे। मौके पर पहुंचे स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज ने भी परिवार से इस हादसे को लेकर दुख जताया।

आरोपी को गांव से मुश्किल से निकाला
उधर, पुलिस ने बोह में किशोर को गिरफ्तार करने के बाद उसे बमुश्किल क्षेत्र से निकाला। रात को ही बोह में लोग हाथों में तलवारें, गंडासी, डंडे और अन्य हथियार लेकर घूम रहे थे। वह अपहरणकर्ताओं की तलाश में आसपास क्षेत्र की छानबीन भी कर रहे थे। उन्हें जैसे ही रात में पता चला कि नौकर के साले किशोर छात्र ने वैष्णवी की हत्या की है तो वह क्रोधित हो गए। गली में स्थित जिस कमरे में किशोर को पकड़ा गया वहां से पुलिस उसे लोगों के बीच से बमुश्किल निकाल लेकर गई।

क्या कहते हैं अधिकारी
किशोर ने कुछ दिन पहले ही फिल्म देखी थी जबकि वह सावधान इंडिया आदि नाटक भी देखता था। यहीं से उसके दिमाग में अपराध की सनक चढ़ी। उसने 20 लाख फिरौती के लिए फोन किया था, मगर बाद में जब वह फंसने लगा और उसे लगा कि वह पकड़ा जाएगा, उसने बच्ची की निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसे पकड़ने में सफलता हासिल की। यह घटना दुखद है और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो इसको लेकर अभिभावकों को बच्चों पर खास नजर रखने की जरूरत है। -सुरेश कौशिक, डीएसपी, अंबाला कैंट।

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