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होली के दिन, किए-कराए बुरी नजर आदि से मुक्ति के लिए कराएं कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा : 9- मार्च-2020
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होली के दिन, किए-कराए बुरी नजर आदि से मुक्ति के लिए कराएं कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा : 9- मार्च-2020

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गोरखपुर

शुक्रवार, 28 फरवरी 2020

यूपी बोर्ड: कक्ष निरीक्षक व केंद्र व्यवस्थापक गिरफ्तार, सामूहिक रूप से नकल कराने का आरोप

नकल माफियाओं पर नकेल कसने को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है, परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसके बावजूद भी कुछ विद्यालयों में नकल कराया जा रहा है। इसी तरह का एक मामला क्षेत्र के राम प्यारे चौधरी इंटर कॉलेज रेहरवा में बुधवार को उस समय उजागर हुआ, जब नकल की सूचना पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा ने विद्यालय में छापेमारी की।

स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तहरीर पर नकल कराने के आरोप में कक्ष निरीक्षक, केंद्र व्यवस्थापक सहित 38 छात्रों पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। बृहस्पतिवार को पुलिस ने सामूहिक नकल कराने के आरोप में कक्ष निरीक्षक विनोद कुमार व केंद्र व्यवस्थापक कृष्ण कुमार चौधरी  को गिरफ्तार कर लिया।

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की छापेमारी के दौरान विद्यालय में इंटरमीडिएट की दूसरी पाली में अंग्रेजी विषय की परीक्षा चल रही थी। इस दौरान विद्यालय में अफरातफरी मच गई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सूचना मिली थी कि उक्त विद्यालय में सामूहिक नकल कराई जा रही है और यहां कापियां भी लिखाई जा रही हैं।

छापेमारी के दौरान जब पड़ताल शुरू गई तो उन्होंने सीसीटीवी फुटेज देख परीक्षा दे रहे छात्रों की कापियों का मिलान स्त्रकिया, तो सामूहिक नकल कराने की बात सामने आई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के निर्देश पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट मनोज कुमार चतुर्वेदी ने कप्तानगंज पुलिस को तहरीर उक्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

थानाध्यक्ष कप्तानगंज सौदागर राय ने केंद्र व्यवस्थापक व कक्ष निरीक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया है, शेष कार्रवाई की जा रही है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि केंद्र व्यवस्थापक को बदलकर किसान इंटर कॉलेज भानपुर के सहायक अध्यापक अरविंद कुमार को नए केंद्र की जिम्मेदारी दी गई है।
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ट्रकों से वसूली मामला: एसआईटी की जांच तेज, आरोपितों से खुलवा लिए 12 मोबाइल फोन के लॉक

ओवरलोड ट्रकों को पास कराने के नाम पर वसूली करने वालों की जांच एसआईटी ने तेज कर दी है। गोरखपुर के एक आरोपित की तलाश में पुलिस की दो अलग-अलग टीमों ने कई जगहों पर दबिश दी है। उधर, एफएसएल ने आरोपित व गैंग के सरगना धर्मपाल समेत छह के 12 मोबाइल फोन के लॉक भी आरोपितों से खुलवा लिए हैं। इन फोन में मौजूद ऑडियो और अन्य डाटा की जांच के लिए शुक्रवार को एफएसएल भेज दिया गया। पहले एफएसएल ने लॉक तोड़ने पर डाटा के डिलीट होने का खतरा बता कर लौटा दिया था।

जानकारी के मुताबिक, मुख्य आरोपित धर्मपाल व उसके साथियों ने पूछताछ में बताया था कि मोबाइल में कई अफसरों से बातचीत की रिकॉर्डिंग मौजूद है। इसी आधार पर मोबाइल को एसआईटी ने एफएसएल भेजा था। मगर, लॉक तोड़ने पर डाटा उड़ने का संदेह जाहिर करते हुए पुलिस को मोबाइल लौटा दिया गया था। एसआईटी ने कोर्ट से अनुमति मांगी थी।

कोर्ट से अनुमति मिलते ही बृहस्पतिवार की शाम एसआईटी प्रभारी सीओ सुमित शुक्ला जेल गए और आरोपित धर्मपाल से मोबाइल का लॉक खुलवाया। खबर है कि पुलिस जिस आरोपित की तलाश में है, उसकी रिकॉर्डिंग मोबाइल में मिली है। पुलिस ने उस आधार पर जांच तेज कर दी है। एक बार रिकॉर्डिंग से छेड़छाड़ न होने की पुष्टि के बाद जांच और तेज कर दी जाएगी।
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नाबालिग से दुष्कर्म और नवजात की हत्या मामला, अब डीएनए सैंपल बदलकर बचना चाह रहा है विभाष्म

पीपीगंज में नाबालिग का दुष्कर्म कर मां बनाने, फिर नवजात की हत्या के मामले में आरोपित विभाष्म के परिवार वाले उसे बचाने की हर कोशिश कर रहे हैं। वे डीएनए जांच के लिए एकत्र किए गए विभाष्म के सैंपल को बदलना चाह रहे हैं।

इसके लिए विभाष्म के एक करीबी ने एक पुलिसकर्मी से संपर्क कर सैंपल का लॉट नंबर जानने की कोशिश भी की। इसके बाद पुलिस सतर्क हो गई है। सैंपल को अब गोपनीय तरीके से लैब में भेजा जाएगा। इसकी जानकारी महज एक पुलिसकर्मी और अफसर को होगी।

जानकारी के मुताबिक आरोपित विभाष्म सिंह और नाबालिग मां का बुधवार को डीऑक्सी राइबो न्यूक्लिक एसिड (डीएनए) जांच के लिए ब्लड सैंपल लिया गया है। विभाष्म का ब्लड सैंपल जेल के अस्पताल में लिया गया तो नाबालिग मां का ब्लड सैंपल जिला महिला अस्पताल में लिया गया।

अब इसी सैंपल में खेल कराने को लेकर आरोपित के जानने वाले थाने से लेकर लखनऊ तक पैरवी में लगे हैं। खबर है कि बुधवार की रात बारह बजे के बाद विभाष्म का एक करीबी थाने भी पहुंचा था और सिपाही की मदद से उन्होंने लाट नंबर जानने की कोशिश की। लेकिन उसे भनक तक नहीं लग पाई। अब क्योंकि यह जानकारी थानेदार और अफसरों तक पहुंच गई है, इस वजह से पुलिस और सतर्क हो गई है।

उधर, नाबालिग मां के वैजाइनल स्मियर के सैंपल को जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बृहस्पतिवार को भी उसकी कुछ जांचें कराई गईं हैं। सभी सैंपल को आगे की जांच के लिए फोरेंसिक लैब लखनऊ भेजा जाएगा। एसओ निर्भय नारायण सिंह ने बताया कि पुलिस हर पहलू पर सतर्क है, आरोपित बचने ना पाए ऐसे साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे।
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गोरखपुर के इस मंदिर में पहुंचे अंडर-19 क्रिकेट विश्वकप के हीरो यशस्वी, सुनाई अपनी संघर्ष की दास्तां

यशस्वी जायसवाल गगहा में स्थिति देवी मंदिर में अपने कोच के साथ आए थे। यशस्वी जायसवाल गगहा में स्थिति देवी मंदिर में अपने कोच के साथ आए थे।

गोरखपुर: अमन की दुआ के साथ जुमे की नमाज अदा, दिल्ली हिंसा के बाद पुलिस थी अलर्ट

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर दिल्ली में भड़की हिस्सा को देखते हुए गोरखपुर पुलिस भी अलर्ट है। शुक्रवार को एसपी, सीओ सड़कों पर मौजूद रहेंगे तो साइबर सेल सोशल मीडिया की निगरानी कर रही थी। इस बीच पुलिस की सख्ती के बाद अमन की दुआ के साथ जुमे की नमाज अदा की गई। नमाज को लेकर सभी अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है।

गौरतलब है कि 20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद गोरखपुर में भी बवाल भड़का था, जिसको देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती गई है। डीआईजी राजेश डी मोदक ने रेंज के चारों जिलों के एसपी को पत्र भेजकर संवेदनशील जगहों पर सतर्क रहने का आदेश दिया है ताकि कोई भी उत्पाती कहीं पर भी माहौल को खराब ना कर पाए। साइबर सेल को एक्टिव किया गया है। ताकि सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट आते ही आरोपित की गिरफ्तारी कर ली जाए।

जुमे की नमाज को लेकर पुलिस को सतर्क किया गया है। अफसर संवेदनशील जगहों पर एक्टिव रहेंगे। यदि किसी ने भी भड़काऊ पोस्ट डाली या माहौल बिगाड़ने की कोशिश की तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। : राजेश डी मोदक, डीआईजी

बीस दिसंबर को पुलिस से भिड़ गए थे उपद्रवी
बीस दिसंबर को गोरखपुर बड़ी मस्जिद से निकले नमाजी सीएए को लेकर उग्र हो गए थे और फिर रेती के पास पुलिस से उनकी भिड़ंत हो गई थी। पुलिस को उपद्रवियों को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े थे। इस मामले में 26 लोगों पर नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी, जांच में 13 नाम बढ़े थे, जिसमें चार की गिरफ्तारी भी की गई थी। अन्य आरोपित आज भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
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महिला ने सीएम से लगाई गुहार, कहा- शादी के 20 साल बाद पति बोल रहा बच्चे उसके नहीं, चेक करा दें DNA

साहब! शादी के 20 साल बाद अब पति कह रहा है कि बच्चे उसके नहीं हैं। इसकी वजह से बच्चों का नाम किसी भी कागज पर दर्ज नहीं हो पा रहा है। वह सजायाफ्ता अपराधी है। बच्चों की डीएनए जांच करा दीजिए, ताकि उसका शक दूर हो जाए। यह गुहार खोराबार थाना क्षेत्र की एक महिला ने मुख्यमंत्री के पोर्टल पर लगाई है। अब मामला सीएमओ तक पहुंचा है, उन्होंने महिला को कानूनी सलाह लेने की बात कह जांच से मना कर दिया है।

महिला ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करते हुए बताया है कि उसकी शादी 20 साल पूर्व उसी थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। महिला का आरोप है कि उसके पति ने झूठ बोलकर उससे कोर्ट मैरिज की थी, जबकि वह पहले से ही तीन शादियां कर चुका था।

बताया कि शादी के बाद सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। दो बेटियों का जन्म हुआ। इस बीच वह तीसरी बार गर्भवती हुई तो पति ने बुरी तरह से मारपीट कर भगा दिया। डर के कारण वह मायके आ गई और एक बेटे को जन्म दिया। इस बीच पति ने कोई खोज-खबर नहीं ली। अब वह बच्चों को स्वीकार नहीं कर रहा है। ऐसे में पति का शक दूर करने के लिए डीएनए जांच करा दी जाए।

पति और उसका एक बेटा है सजायाफ्ता
महिला ने शिकायती पत्र में यह भी जानकारी दी है कि पति और उसकी पहली पत्नी का पुत्र दोनों सजायाफ्ता हैं। दोनों के डर के कारण कोई भी कर्मचारी सरकारी कागजात में उसका या उसके बच्चों का नाम नहीं दर्ज कर रहा है। इसकी वजह से बच्चों का भविष्य खराब हो रहा हैं।

सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा कि डीएनए जांच कराने के लिए महिला को कानूनी मदद लेनी होगी। बिना पुलिस केस हुए डीएनए जांच संभव नहीं है। जिला अस्पताल में डीएनए जांच की सुविधा भी नहीं है।
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भोजपुरी फिल्म 'अनाड़ी ऑटोवाला' का प्रीमियर, DDU में संगोष्ठी, देखें आज के रियल टाइम अपडेट

सांकेतिक तस्वीर।

माफिया के इशारे पर शूटर ने मारी थी प्रापर्टी डीलर गोली, पुलिस को मिला अहम सुराग

15 दिसंबर 2019 की रात मेडिकल कॉलेज चौकी के पास प्रापर्टी डीलर आशीष उर्फ छोटू प्रजापति तथा उसके दोस्त को गोली मारने की सुपारी एक माफिया ने दी थी। आरोपित शूटर को क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने कई राज उगले हैं। खबर है कि क्राइम ब्रांच जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर सकती है।

जानकारी के मुताबिक, 15 दिसंबर 2019 को बीआरडी मेडिकल कॉलेज चौकी के सामने रात में 9:30 बजे बाइक सवार तीन बदमाशों ने झुंगिया बाजार के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर आशीष उर्फ  छोटू प्रजापति को गोली मार दी थी। घायल आशीष को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।

सीने में गोली लगने से हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ में लंबे समय तक चले इलाज के बाद वह खतरे से बाहर हैं। उनके बयान के आधार पर पुलिस ने तीन नामजद युवकों पर केस दर्ज किया था उनमें से दो को पुलिस ने पकड़ लिया है जबकि तीसरा फरार है।

क्राइम ब्रांच इस मामले में लगी थी इस बीच तीन और युवकों के नाम सामने आए। पता चला कि उन्होंने आशीष के साथ ही उसके दोस्त की भी हत्या की सुपारी ली थी। एक माफिया ने उन्हें यह सुपारी दी थी। माफिया की नजर में आशीष और उसके दोस्त पिछले कुछ दिनों से खटक रहे थे। पकड़ा गया शूटर इससे पहले शाहपुर इलाके में एक चर्चित मर्डर में शामिल रह चुका है। क्राइम ब्रांच अभी उससे पूछताछ कर रही है।
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बस्ती: बटन की तलाश में कई प्रदेशों में एसटीएफ ने बिछाया जाल, जल्द होगी गिरफ्तारी

आईसीआईसीआई बैंक लूट कांड के मास्टर माइंड फिरोज पठान के एनकाउंटर के बाद एसटीएफ के निशाने पर सिद्धार्थनगर जिले के बतौरिया निवासी 25 हजार का इनामी सलमान उर्फ बटन है। इसकी तलाश में एसटीएफ ने कई प्रदेशों में जाल बिछाया है।

बटन महराजगंज के फरेंदा में 17 अक्तूबर 2019 को एचडीएफसी बैंक में हुई लूटकांड में वांछित है। गिरफ्तारी को लेकर एसटीएफ की टीम बटन के ठिकाने को ढूंढ चुकी है, मगर अभी इसका खुलासा नहीं हो सका है। लूटकांड से जुड़े बदमाशों के धन को भी एसटीएफ खंगालने में जुटी है कि आखिर लूट का धन बदमाशों ने कहां खपाया है।

मालवीय मार्ग स्थित भीड़-भाड़ वाले इलाके में बदमाशों ने छह दिसंबर 2019 को आईसीआईसीआई बैंक से चालीस लाख रुपये से अधिक की लूट कर पुलिस को खुली चुनौती दे दी। इसके बाद एसटीएफ व जिले की पुलिस संयुक्त रूप से अध्ययन कि तो फरेंदा के एचडीएफसी बैंक व आंबेडकर नगर के टांडा की लूट एक जैसी लगी।
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पूर्व कमिश्नर की जमीन बेंचने वाले आरोपितों का पोस्टर जारी, पांच महीने से खोज रही पुलिस

पूर्व कमिश्नर की जमीन बेचने वाले जालसाजों का पुलिस ने पोस्टर जारी किया है। आरोपितों ने 2014 में पूर्व कमिश्नर सैयद सिद्दीकी हसन की पत्नी शहरआरा और लखनऊ, हजरतगंज में रहने वाले पोते सैयद हसन के नाम की गुलरिहा के खुटहन की जमीन बेच दी थी।

 2019 में जानकारी होने पर उनके कर्मचारी ने आरोपितों के खिलाफ  मुकदमा दर्ज कराया। 1980 में गोरखपुर के कमिश्नर रहे सैयद सिद्दीकी हसन ने पत्नी शहरआरा और लखनऊ के हजरतगंज में रहने वाले पोते सैयद हसन के नाम से गुलरिहा के खुटहन में जमीन खरीदी थी।

जिसकी देखभाल करने वाले ने कोतवाली के शाहमारूफ  निवासी शमशुल हक ने केस दर्ज कराया था। इस मामले में 11 लोग नामजद हैं।
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रामगढ़ताल: 10 हजार घरों के भविष्य पर फैसला आज, एनजीटी में होगी सुनवाई

रामगढ़ताल वेट लैंड के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में सुनवाई 28 फरवरी को होगी। इस दौरान रामगढ़ताल क्षेत्र के पांच सौ मीटर के दायरे में आने वाले करीब 10 हजार घरों के भविष्य का फैसला होगा। प्राधिकरण की तरफ से कराए गए सर्वे में इस दायरे में जीडीए के ही करीब 5 हजार आवास आए हैं।

बता दें कि एनजीटी की तरफ से गठित हाई पावर कमेटी ने ताल के पांच सौ मीटर के दायरे में आने वाली सभी निर्माणों को ध्वस्त करने की संस्तुति की थी। कमेटी की रिपोर्ट को ट्रिब्यूनल ने स्वीकार करते हुए सुनवाई की तारीख तय कर दी। उधर, एनजीटी की हाई पावर कमेटी से मिले झटके के बाद जीडीए ने एन्वॉयरमेंटल क्लीयरेंस के लिए अब तेजी दिखानी शुरू कर दी है।

निर्माण के वर्षों बाद कांशीराम आवासीय योजना का भी ईसी लेने की कवायद शुरू कर दी गई है। देवरिया बाईपास स्थित लोहिया एन्क्लेव का ईसी हासिल करने के लिए आवेदन करने के बाद अब अन्य योजनाओं के लिए भी कंसलटेंट की तलाश शुरू कर दी गई है। प्राधिकरण, तारामंडल क्षेत्र की वसुंधरा एन्क्लेव आवासीय योजना, लेक व्यू अपार्टमेंट योजना, कांशीराम आवासीय योजना, राप्तीनगर विस्तार योजना में प्रधानमंत्री आवासीय योजना एवं पत्रकारपुरम योजना के लिए भी ईसी प्रमाण पत्र प्राप्त करने में भी जुट गया है।
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कृपया, रक्तदान कीजिए! मौत से लड़ रहे मरीजों की आखिरी उम्मीद आप हैं

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में ब्लड की कमी हो गई है। इससे मरीजों के तीमारदारों को परेशान होना पड़ रहा है। प्रतिमाह करीब 700 यूनिट का खर्च है। इसके सापेक्ष 50 प्रतिशत ब्लड ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन को मिल पा रहा है। ऐसे में ब्लड बैंक प्रशासन ने स्वयंसेवी संस्थाओं से रक्तदान की अपील की है।

मेडिकल कॉलेज में जननी सुरक्षा योजना, कैदी, थैलेसीमिया, कैंसर और एचआईवी के मरीजों को बिना रक्तदाता के ही निशुल्क ब्लड उपलब्ध कराया जाता है। हर महीने इस तरह के 100 से 150 मरीज आते हैं। ऐसे में अक्सर ब्लड की कमी हो जाती है। ब्लड बैंक में ए, एबी निगेटिव के ब्लड की बहुत मारामारी रहती है। मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. राजेश कुमार राय ने बताया कि प्रति माह मेडिकल कॉलेज में 700 यूनिट का खर्च है। कभी-कभी यह यूनिट बढ़ भी जाता है।

लेकिन इसके सापेक्ष ब्लड कम मिल रहा है। इसके बाद भी मरीजों को हर हाल में ब्लड उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वयं सेवी संस्थाएं सहित रक्तदाता अगर आगे आएंगे तो ब्लड की कमी दूर हो जाएगी। इसके लिए लोगों को जागरूक करना होगा।

रक्तदान के लिए सुविधा उपलब्ध कराएगा ब्लड बैंक
मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. राजेश कुमार राय ने बताया कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन के पास ब्लड कनेक्शन एवं ट्रांसपोर्टेशन वैन भी उपलब्ध है। अगर कोई स्वयंसेवी संस्था आगे आती है, तो उसे यह वैन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि लोग किसी भी जगह ब्लड डोनेट कर सकें।
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