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पूर्वोदय: राइजिंग गोरखपुर संवाद में बोले लोग: उद्योग और व्यापार के हब के रूप में विकसित हो रहा है गोरखपुर

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 24 Sep 2022 01:24 PM IST
सार

‘पूर्वोदय : राइजिंग गोरखपुर’ संवाद के चौथे दिन शहर के प्रमुख व्यापारियों और उद्यमियों ने अपनी-अपनी बात रखी। सबने कहा कि गोरखपुर की पहचान बदली है। उद्योग और व्यापार के नए हब के रूप में शहर विकसित हो रहा है। अब सारा ध्यान कारोबार की समस्याएं दूर करने पर होना चाहिए। औद्योगिक क्षेत्र गीडा में जबरदस्त बिजली संकट है। इसका समाधान हो तो उत्पादन बढ़ेगा, और भी औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी।

 

‘पूर्वोदय : राइजिंग गोरखपुर’ संवाद
‘पूर्वोदय : राइजिंग गोरखपुर’ संवाद - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

लखनऊ, वाराणसी और पटना के बीच गोरखपुर उद्योग और व्यापार के एक नए हब के रूप में विकसित हो रहा है। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरखपुर का चहुंमुखी विकास हो रहा है। गोरखपुर की औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां विकास को रफ्तार दे रही हैं। हालांकि, मूलभूत सुविधाओं की कमी और ऑनलाइन व्यापार से दिक्कत आ रही है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की पेचीदगियां भी व्यापारियों के सामने अबूझ पहेली बनी हुई हैं। ‘पूर्वोदय : राइजिंग गोरखपुर’ संवाद में उद्योग और व्यापार जगत की प्रमुख हस्तियां एक मंच पर आईं और अपनी बात रखी।



नगर निगम के नवीन सभागार में शुक्रवार को आयोजित संवाद में शहर के व्यापारियों और कारोबारियों ने जीएसटी, अतिक्रमण, गोलघर के सुंदरीकरण से संबंधित समस्याएं साझा कीं। गोलघर में काफी संख्या में ठेले-खोमचे लगे रहने का मामला उठा। शरारत मेंस स्टूडियो गोलघर के मनीष जालान ने कहा कि गोलघर में ठेला-खोमचे वालों की वजह से जाम लगता है। अतिक्रमण की वजह से सड़क संकरी हो जाती है।


एडी माल के निदेशक नीरज दास ने कहा कि कोविड के पहले रीटेल मार्केटिंग का हिस्सा 60 प्रतिशत था, जो अब काफी बदल गया है। ऑफलाइन व्यापार को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। रुंगटा एजेंसीज के आनंद रुंगटा ने कहा कि रिटेल के सामने ऑनलाइन व्यापार के अलावा जीएसटी इनपुट को लेकर भी समस्याएं हैं। जीएसटी के इनपुट में बदलाव करने की आवश्यकता है। नगर निगम अलग-अलग पांच तरह के टैक्स लेता है। उसे बदलकर सिंगल विंडो सिस्टम लागू करना चाहिए।

जालान ट्रांसपोर्ट के सुरेश जालान ने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर के पास यातायात और सफाई की बड़ी समस्या है। कई दिनों तक सफाई नहीं होती है। इसके अलावा व्यापारी टैक्सेशन की समस्या से जूझ रहे हैं। रिटर्न भरने में एक भी दिन देर होने पर कई दिक्कतें आती हैं। ऐसे में विभाग और व्यापारियों को सहयोगी की भूमिका अदा करनी पड़ेगी। ओरियन माल के निदेशक अमित टेकड़ीवाल ने कहा कि आज के समय में व्यापारियों के सामने सबसे बड़ी समस्या ऑनलाइन बाजार है। अब रिटेल को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। सुरेश जालान ने कहा कि ऑनलाइन व्यापार से रिटेल व्यापारियों के सामने मुकाबले का संकट है।
 

जीएसटी पर जागरुकता की जरूरत

‘पूर्वोदय : राइजिंग गोरखपुर’ संवाद
‘पूर्वोदय : राइजिंग गोरखपुर’ संवाद - फोटो : अमर उजाला।
ऐश्प्रा जेम्स एंड ज्वेल्स के निदेशक वैभव सराफ ने कहा कि स्वर्ण आभूषणों की बिक्री के दौरान जीएसटी को लेकर ग्राहकों के साथ काफी दिक्कतें आ रही हैं। अधिकांश ग्राहकों को पता नहीं होता कि सोने पर जीएसटी लगता है। ऐसे में वाणिज्य कर विभाग को इसको लेकर जागरुकता अभियान चलाना चाहिए। परंपरा जेम्स एंड ज्वेल्स के निदेशक संजय अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर होना चाहिए। इसके लिए एक प्लेटफार्म बनाने की जरूरत है। सभी विभाग मिलकर प्लेटफार्म बनाएं। इसका लाभ जरूर मिलेगा।

रवि ट्रेडिंग कंपनी के निदेशक विक्की कुकरेजा ने कहा कि ई-इनवायस को सरल बनाने की आवश्यकता है। जीएसटी रिटर्न फाइल करने को लेकर अब तक समस्याएं बनी हुई हैं। जगमग इंडस्ट्रीज के निदेशक उमेश अग्रहरि ने कहा कि व्यापारियों और उद्यमियों की समस्याओं को संबंधित विभाग के अधिकारियों को प्राथमिकता और मानवीय दृष्टिकोण से हल करना चाहिए। व्यवस्थाएं बदली हैं। अब जरूरत इसका लाभ देने की है।  

गोलघर के व्यापारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद व्यापारियों को उत्पीड़न से मुक्ति मिली है। नगर निगम की सुविधाएं भी बेहतर हुई हैं। प्रशासन अगर व्यापारियों की समस्या को गंभीरतापूर्वक सुनना शुरू कर देगा तो उनकी समस्याएं तुरंत हल हो जाएंगी। गणेश त्रिपाठी ने कहा कि गोलघर में सड़क को अतिक्रमण मुक्त करने की आवश्यकता है। नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाए जाने के तुरंत बाद अतिक्रमण हो जाता है।

 

सड़कें अतिक्रमण मुक्त हों तो बढ़े रोजगार

‘पूर्वोदय : राइजिंग गोरखपुर’ संवाद
‘पूर्वोदय : राइजिंग गोरखपुर’ संवाद - फोटो : अमर उजाला।
खाटू श्याम डिस्ट्रीब्यूटर्स के अमित जगनानी ने कहा कि ई-वे बिल 10 करोड़ तक के लिए लागू होने जा रहा है। वाणिज्यकर विभाग को इसके लिए जागरुकता अभियान चलाना चाहिए। नगर निगम और पुलिस प्रशासन को फिराक चौराहा से बेतियाहाता चौराहा तक अतिक्रमण हटाने की व्यवस्था करनी चाहिए।

चेंबर ऑफ ट्रेडर्स के संरक्षक मनीष चांदवासिया ने कहा कि कालाबाजारी को लेकर हमेशा व्यापारियों पर आरोप लगते हैं। यह सही नहीं है। व्यापारी खरीदे गए माल पर निर्धारित मार्जिन रखकर उत्पाद को बेचते हैं। ऐसे में किसी भी उत्पाद का अधिकतम खुदरा मूल्य तय कर देना चाहिए। इससे कालाबाजारी रुक जाएगी।

चेंबर ऑफ ट्रेडर्स के अध्यक्ष अनूप किशोर अग्रवाल ने कहा कि साहबगंज पूर्वांचल की सबसे बड़ी मंडी है। लेकिन बारिश के दिनों में जलभराव की वजह से दुकानदारों को काफी नुकसान झेलना पड़ता है। इसकी मुख्य वजह सड़कों के निर्माण में डिजाइन की गड़बड़ी है। नियमानुसार सड़क की मरम्मत के पहले सड़क को उखाड़ना जरूरी है, लेकिन यहां सड़क के ऊपर सड़क बना दी जाती है। जिससे सड़कें ऊंची और दुकानें नीची हो जाती हैं और जलभराव होता है। ऐसे में कोई भी सड़क उखाड़ने के बाद ही बनाई जानी चाहिए।

कार्तिकेय त्रिपाठी, मोहित गुप्ता, सागर शुक्ला, नरेश कुमार, राजेंद्र कुमार, अभिषेक गुप्ता, देशदीपक गुप्ता, जगत जायसवाल और रवि गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों से टैक्स का बोझ कम किया जाना चाहिए। शरारत किड्स गोलघर के निदेशक विशाल मंझानी ने कहा कि गोलघर को अतिक्रमण मुक्त बनाना होगा। मल्टीलेवल पार्किंग बन चुकी है। अब जरूरत वाहनों को पार्किंग में खड़ा कराने की है।  

 

लखनऊ के हजरतगंज जैसा बनाएं गोलघर को

‘पूर्वोदय : राइजिंग गोरखपुर’ संवाद
‘पूर्वोदय : राइजिंग गोरखपुर’ संवाद - फोटो : अमर उजाला।
गोलघर व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरीशंकर सरावगी ने कहा कि शहर के विकास के साथ गोलघर और उर्दू बाजार जैसे कई और बाजार बनाए जाने चाहिए। इससे बाजारों पर न सिर्फ दबाव कम होगा बल्कि लोगों को अपने घर के आसपास सुविधाएं मिल जाएंगी।

गोलघर व्यापार मंडल के अध्यक्ष अभिषेक शाही ने कहा कि नगर निगम गोलघर को लखनऊ के हजरतगंज की तर्ज पर बनाने की बात करता है, लेकिन न तो गोलघर को जाम से निजात दिला पा रहे हैं और न ही पार्किंग में गाड़ियां खड़ी करा पा रहे हैं। नगर निगम और पुलिस प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर गोलघर को अतिक्रमण मुक्त कराना चाहिए। किशन अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, सत्यम शुक्ला, मुकुल सिंह, अमित जायसवाल, आकाश अग्रवाल, रजत लाठ, संचित भालोटिया, प्रशांत तुलस्यान, अंकित अग्रवाल और आशीष अग्रवाल ने कहा कि सुरक्षा का माहौल बना है। अब जरूरत व्यापारी हित से जुड़ी योजनाओं को जमीन पर उतारने की है।

उद्यमियों ने उठाया गीडा में जमीन की ज्यादा कीमतों का मुद्दा
चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल ने कहा कि गोरखपुर की प्रगति में यहां की औद्योगिक इकाइयों की बड़ी भूमिका है। अभी काफी संख्या में गीडा में इंडस्ट्री आ रही हैं। लेकिन यहां की औद्योगिक इकाइयों को नई औद्योगिक नीति के तहत एमएसएमई के तहत मिलने वाली 40 प्रतिशत सब्सिडी का फायदा दिए जाने की आवश्यकता है क्योंकि, पहले वाली नीति से उद्योगों को फायदा नहीं हुआ है।

लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष दीपक कारीवाल ने कहा कि गीडा को स्थापित हुए 30 साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन अब तक यहां कॉमन इंफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) स्थापित नहीं हो सका है। इसके अलावा यहां की जमीन की कीमत काफी ज्यादा है। ढाई करोड़ रुपये प्रति एकड़ का दर किसी भी उद्यमी के लिए बहुत ज्यादा होता है। इसके अलावा गीडा प्रशासन ‘‘जहां है जैसा है’’ आधार पर जमीन आवंटित करता है। इससे उद्यमियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। अशोक शॉ ने कहा कि गीडा में सबसे बड़ी समस्या खराब बिजली व्यवस्था की वजह से है। दिन भर में आठ से 10 बार बिजली जाती है। इसमें सुधार की आवश्यकता है।

 

अधिकारी बोले

वाणिज्य कर एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 राजेश सिंह ने कहा कि राष्ट्र के निर्माण में टैक्स का महत्वपूर्ण योगदान होता है। व्यापारी वर्ग इसमें सबसे बड़ी भूमिका अदा करता है। निश्चित तौर पर उनके सामने जीएसटी संबंधी कुछ दिक्कतें आ सकती हैं। वाणिज्य कर विभाग इन समस्याओं को दूर करने के लिए हर समय उपलब्ध है। अगर कोई दिक्कत है तो व्यापारी बंधु मुझसे नि:संकोच संपर्क कर सकते हैं। उनका उचित ढंग से निस्तारण किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर हल ना हो पाने वाली समस्याओं को मुख्यालय भेज कर निस्तारित कराने की कोशिश की जाएगी। कुछ चीजें जो नीतिगत हैं, उन्हें शासन को भेजा जाएगा।

एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि विचार विमर्श किसी भी बेहतरी के लिए बहुत जरूरी है। इस तरह के आयोजन से संवाद स्थापित होता है और समस्याएं उभर कर सामने आती हैं और समाधान भी निकलता है। पुलिस अब सहयोगी की भूमिका में है। किसी भी व्यक्ति की समस्या के समाधान के लिए पुलिस हमेशा तत्पर है। ऐसे में व्यापारी या कारोबारी अपनी किसी भी समस्या को लेकर मुझसे संपर्क कर सकते हैं।

सभी वाजिब समस्याओं को हर हाल में निस्तारित किया जाएगा। शहर की सुरक्षा के लिए त्रिनेत्र योजना में व्यापारियों ने सराहनीय योगदान दिया है। जहां तक गोलघर में ठेला-खोमचे वालों के अतिक्रमण की बात है तो उनके साथ मानवीय दृष्टिकोण के साथ पेश आना चाहिए। उन्हें हटाने के पहले कोई वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराना चाहिए। बैंक रोड के अतिक्रमण का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।  

सहायक नगर आयुक्त डॉ. मणि भूषण तिवारी ने कहा कि शहर का विकास सभी के सहयोग से ही संभव है। नगर निगम का विस्तार हो रहा है। शहर के विकास के लिए नगर निगम लगातार काम कर रहा है। शहर को साफ एवं स्वच्छ रखने के लिए कई परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। बायो सीएनजी प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यहां से निकलने वाले गीले कूड़े में मिथेन गैस पर्याप्त मात्रा में पाई गई है जो इस प्लांट के लिए जरूरी है। गोलघर के सुंदरीकरण के लिए नगर आयुक्त की अनुमति से व्यापार मंडल के साथ विचार विमर्श करके योजना बनाई जाएगी। जहां तक टैक्स के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की बात है यह संभव नहीं है, क्योंकि हरेक मद का बजट अलग अलग होता है। नगर निगम की ओर से इसको सरल बनाया गया है।

 

मंथन के दौरान उठाई गईं प्रमुख मांगें

- गोलघर के सुंदरीकरण में व्यापारियों की भी राय ली जाए
- गोलघर को अतिक्रमण मुक्त करने के साथ ठेले खोमचे से मुक्त करना चाहिए
- ऑनलाइन व्यापार पर अंकुश लगाने की आवश्यकता
- ऑफलाइन ट्रेडिंग को बढ़ावा देने के लिए सुविधाओं को विकसित करनेे की आवश्यकता
- जीएसटी इनपुट में सुधार करने की भी जरूरत
- शहर के विस्तार के साथ नए बाजार को विकसित करने की आवश्यकता
- नगर निगम में टैक्स संबंधी मामलों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करना चाहिए
- ट्रांसपोर्ट नगर में यातायात के साथ सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जाना चाहिए
- गीडा में जल्द से जल्द सीईटीपी की स्थापना की जाए
- गीडा के औद्योगिक भूखंडों की दर कम की जाए

विशेष सहयोग
पूर्वोदय राइजिंग गोरखपुर का वेन्यू पार्टनर नगर निगम है। मेयर सीताराम जायसवाल और नगर आयुक्त अविनाश सिंह का विशेष सहयोग है। हॉस्पिटैलिटी पार्टनर रेड कारपेट बैंक्वेट हॉल एंड रेस्टोरेंट तारामंडल रोड है। निदेशक शिवम सिंह का विशेष सहयोग है।
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