लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur ›   NABARD to help prepare drone pilots in MMMUT

MMMUT: ड्रोन पायलट तैयार करने में मदद करेगा नाबार्ड, एमएमएमयूटी में संचालित होगा कोर्स

संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 10 Aug 2022 03:06 PM IST
सार

यह सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए मिट्टी की नमी और उसकी गुणवत्ता की जानकारी देगा। किसान मिट्टी की गुणवत्ता जानकर उसके मुताबिक फसल बो सकेंगे। सिस्टम कम समय से अधिक क्षेत्र में कीटनाशक का छिड़काव कर देगा।

सांकेतिक तस्वीर।
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : pixabay
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की ओर से तैयार किए गए ड्रोन आधारित एग्रीकल्चर मॉनिटरिंग सिस्टम (एएमएस) को किसानों के खेतों तक पहुंचाने के लिए नाबार्ड भी मदद करेगा। ड्रोन पायलट और ड्रोन टेक्नीशियन तैयार करने के लिए नाबार्ड 50 से 100 युवाओं को प्रशिक्षित कराएगा।



विश्वविद्यालय से इस कोर्स को करने वाले युवाओं का 60 प्रतिशत शुल्क वहन करेगा। जल्द ही विश्वविद्यालय और नाबार्ड के बीच समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा।

एमएमएमयूटी के विद्यार्थियों ने किसानों की मदद के लिए ड्रोन आधारित एएमएस तैयार किया है। अब विश्वविद्यालय के सामने ड्रोन के संचालन की समस्या सामने आने लगी है। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने किसानों को ड्रोन संचालन में मदद करने के लिए ड्रोन पायलट और ड्रोन टेक्नीशियन का कोर्स शुरू करने की योजना बनाई है।


अनुमति के लिए डीजीसीए (डायरेक्टर जनरल आफ सिविल एविएशन) कार्यालय में आवेदन कर दिया है। नाबार्ड के जिला प्रबंधन ने विश्वविद्यालय से संपर्क साधा है। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक संचित सिंह ने विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क कर कोर्स के संचालन में आर्थिक मदद का प्रस्ताव रखा है।

 

खेती को आसान बनाएगा ड्रोन
एग्रीकल्चर मॉनीटरिंग सिस्टम किसानों की खेती को आसान बनाएगा। इससे किसानों को कम खर्च और कम मेहनत में अधिक फसल पैदा करने में आसानी होगी। आमदनी भी बढ़ेगी।

ऐसे करेगा काम
यह सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए मिट्टी की नमी और उसकी गुणवत्ता की जानकारी देगा। किसान मिट्टी की गुणवत्ता जानकर उसके मुताबिक फसल बो सकेंगे। सिस्टम कम समय से अधिक क्षेत्र में कीटनाशक का छिड़काव कर देगा।

ड्रोन पायलट और ड्रोन टेक्नीशियन तैयार करने में नाबार्ड ने विश्वविद्यालय को मदद का प्रस्ताव दिया है। इसका फायदा कोर्स करने वाले युवाओं को मिलेगा। युवा कम खर्च में कोर्स को पूरा करेंगे और किसानों के मददगार बनेंगे।
- प्रो. जेपी पांडेय, कुलपति, एमएमयूटी
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00