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गोरखपुर में बोले सांसद रवि किशन: PFI आतंकवादी संगठन पर लगे प्रतिबंध, यह देश के लिए है खतरा

अमर उजाा ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 27 Sep 2022 01:23 PM IST
सार

PFI एक कट्टरपंथी संगठन है। 2017 में NIA ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर इस संगठन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। NIA जांच में इस संगठन के कथित रूप से हिंसक और आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने के बात आई थी। NIA के डोजियर के मुताबिक यह संगठन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।

गोरखपुर सांसद रवि किशन।
गोरखपुर सांसद रवि किशन। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

पुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) को प्रतिबंधित करने के लिए पूरे देश में आवाज उठ रही है। ऐसे में गोरखपुर सांसद रवि किशन ने भी इसे बैन करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पीएफआई पर प्रतिबंध लगाना जरूरी है। यह एक आतंकवादी संगठन है, जो देश के लिए खतरा है।



उन्होंने कहा कि जहां भी कम्युनिस्ट की सरकार है, वहां पीएफआई मजबूती से काम कर रही है। इसका गढ़ केरल है। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि भारत अब 2014 से पहले का वाला देश नहीं है। पीएम मोदी की अगुवाई में यहां एक मजबूत सरकार है। पीएफआई के लोग आरएसएस व भाजपा नेताओं की हत्या की धमकी दे रहे हैं। इनके साथ भारतीय मुसलमान नहीं है।


उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यहां न तो कमान, न कोई तीर है, बस नाम का आलाकमान है। इन लोगों को भारत जोड़ों की जगह कांग्रेस जोड़ों की यात्रा निकालनी चाहिए। राहुल को चाहिए कि केरल से जल्दी लौटें और कांग्रेस को बचाएं।

 

क्या है पीएफआई

बता दें कि PFI एक कट्टरपंथी संगठन है। 2017 में NIA ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर इस संगठन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। NIA जांच में इस संगठन के कथित रूप से हिंसक और आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने के बात आई थी। NIA के डोजियर के मुताबिक यह संगठन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। यह संगठन मुस्लिमों पर धार्मिक कट्टरता थोपने और जबरन धर्मांतरण कराने का काम करता है।  

पुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई का गठन 17 फरवरी 2007 को हुआ था। ये संगठन दक्षिण भारत के तीन मुस्लिम संगठनों का विलय करके बना था। इनमें केरल का नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट, कर्नाटक फोरम फॉर डिग्निटी और तमिलनाडु का मनिथा नीति पसराई शामिल थे। पीएफआई का दावा है कि इस वक्त देश के 23 राज्यों यह संगठन सक्रिय है। देश में स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट यानी सिमी पर बैन लगने के बाद पीएफआई का विस्तार तेजी से हुआ है। कर्नाटक, केरल जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में इस संगठन की काफी पकड़ बताई जाती है। इसकी कई शाखाएं भी हैं। गठन के बाद से ही पीएफआई पर समाज विरोधी और देश विरोधी गतिविधियां करने के आरोप लगते रहते हैं
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