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इस बुजुर्ग का किस्सा सुन छलक उठेंगी आंखें, सक्षम बेटों ने भगाया तो मजदूर बेटा कर रहा सेवा

डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 05 Mar 2020 02:35 PM IST

सार

  • डीआईजी की चौखट पर पहुंचे बुजुर्ग फूट-फूट कर रोए, की फरियाद
  • पाई-पाई जुटाकर कर बेटों को पढ़ाया, दो बेटे पुलिसकर्मी, एक बैंक में
  • दो मकानों पर कब्जा करके बेघर कर दिया, झोपड़ी में कर रहा हूं गुजारा
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इनसेट में बुजुर्ग रामकेवल।
इनसेट में बुजुर्ग रामकेवल। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में महादेव झारखंडी, भैरोपुर निवासी रामकेवल डीआईजी कार्यालय के बाहर मायूस खड़े मिले। जब डीआईजी के पास गए तो रो पड़े। रुंधे गले से कहा संपन्न व सक्षम बेटे 75 वर्ष के पिता का पालन-पोषण नहीं कर रहे हैं। उल्टे सक्षम बेटों ने मकान पर कब्जा कर लिया। मजदूरी करने वाला बेटा उन्हें अपने साथ रखे है। उसी के साथ झोपड़ी में रहकर गुजारा कर रहे हैं।
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भैरोपुर निवासी रामकेवल की उम्र 75 साल के करीब हो गई है। उनके चार बेटे और चार बेटी हैं। बेटा घनश्याम बस्ती के वाल्टरगंज थाने में सिपाही और राजू गोंडा में दीवान है। एक बेटा बैंक में कर्मचारी है। सबसे छोटा बेटा बलदेव बेरोजगार है। वह मजदूरी करके अपना व पिता का पेट पालता है। डीआईजी के पास शिकायती पत्र लेकर आए रामकेवल ने कहा कि खेती-किसानी करके सबको पढ़ाया-लिखाया। बेटियों की शादी की।


बेटे बड़े हुए और सरकारी नौकरी में आ गए लेकिन बुजुर्ग पिता को साथ नहीं रख सके। दो बेटे पुलिस व एक बेटा बैंक कर्मचारी है, फिर भी बुजुर्ग पिता को झोपड़ी में रहना पड़ रहा है। रामकेवल बताते हैं कि तीन साल पहले पत्नी की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही बेटों ने उनसे बदसलूकी शुरू कर दी। उनका खर्च नहीं उठाते हैं। घर से बेघर करके बेटों ने दो मकानों पर कब्जा कर लिया।

सबसे छोटा बेटा बलदेव मजदूरी करके जो लाता है उससे ही जीवन चल रहा है मगर उसकी जिंदगी आगे कैसे चलेगी, यह सोचकर ज्यादा परेशान हूं। इससे पहले एसएसपी को भी प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाया मगर कार्रवाई को पुलिस आगे आती ही नहीं। एमएमएमयूटी चौकी इंचार्ज  दीपक सिंह ने कहा कि इस मामले में बेटों को कई बार बुलाया जा चुका है। वह घर में रखने को तैयार हैं मगर यह छोटे बेटे के नाम घर करना चाहते हैं, इस वजह से बात नहीं बन पाती है।
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बेटों ने क्या कहा...

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