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Gorakhpur: स्वच्छता सर्वेक्षण में गोरखपुर 37 पायदान चढ़ा, तीन से 10 लाख आबादी वाले नगरों में मिली 74वीं रैंक

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: अनुराग सक्सेना Updated Sun, 02 Oct 2022 01:09 PM IST
सार

केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से कराए जाने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण में कई श्रेणियों में शहरों को बांटकर रैंकिंग दी जाती है। गोरखपुर नगर निगम की रैंकिंग पिछले चार साल से सुधर रही थी, लेकिन 2021 में गिरावट आ गई थी।

स्वच्छता सर्वेक्षण में गोरखपुर की लंबी छलांग
स्वच्छता सर्वेक्षण में गोरखपुर की लंबी छलांग - फोटो : अमर उजाला- फाइल फोटो
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विस्तार

स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में इस बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह नगर गोरखपुर ने 37 पायदान की छलांग लगाई है। तीन से 10 लाख की आबादी वाली श्रेणी में गोरखपुर शहर को 74वीं रैंक मिली है। पिछले साल इस श्रेणी में 111वीं रैंक मिली थी। वहीं, प्रदेश स्तर पर भी रैंकिंग में सुधार हुआ है। इस बार गोरखपुर को सातवीं रैंक मिली है, जबकि पिछली बार शहर नौवें पायदान पर था। दूसरी तरफ, राष्ट्रीय स्तर पर एक लाख से कम आबादी वाले शहर में गोरखपुर की रैंकिंग 96 रही है। 



केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से कराए जाने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण में कई श्रेणियों में शहरों को बांटकर रैंकिंग दी जाती है। गोरखपुर नगर निगम की रैंकिंग पिछले चार साल से सुधर रही थी, लेकिन 2021 में गिरावट आ गई थी। साल 2020 में रैंकिंग 82वीं थी, मगर 2021 में 111 हो गई। इस बार रैंकिंग में बड़ा उछाल आया है। साल 2019 में शहर 226वें स्थान पर था। साल 2017 में जब स्वच्छता रैंकिंग की शुरुआत हुई थी, तो गोरखपुर को 314वीं रैंक हासिल हुई थी।

स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के नोडल अधिकारी डॉ. मणिभूषण तिवारी का कहना है कि 37 पायदान ऊपर चढ़कर गोरखपुर 74वें स्थान पर आया है। इसके लिए नगर आयुक्त के मार्गदर्शन में निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी विशेष रूप से सफाई कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण-2023 की प्रक्रिया अप्रैल 2022 से शुरू हो चुकी है। हमारे पास अक्तूबर से दिसंबर तक अपनी क्षमता को दिखाने का समय रह गया है। 

सॉलिड वेस्ट प्लांट नहीं होने से बिगड़ी रैकिंग

नगर निगम ने पिछले वर्ष गोरखपुर शहर को गारबेज फ्री सिटी घोषित कर फाइव स्टार रेटिंग का दावा किया था, लेकिन अब रैकिंग जारी होने के बाद हकीकत सामने आई है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अभाव में स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में अपेक्षित सुधार नहीं आया है। शहर से 600 मीट्रिक टन से ज्यादा कचरा निकलता है। इसका सही ढंग से निस्तारण नहीं होने से रैंकिंग पर असर पड़ा।

रैंकिंग में सुधार के लिए सफाई कर्मचारियों के साथ नगर निगम की पूरी टीम बधाई की पात्र है। उम्मीद है कि अगली बार की रैंकिंग में और सुधार आएगा। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट शुरू होने से सार्थक परिणाम मिलेगा। गोरखपुर को नंबर एक बनाने के लिए लगातार काम करते रहेंगे। मुख्यमंत्री की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।
- अविनाश सिंह, नगर आयुक्त

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में शहर में स्वच्छता के संबंध में चलाए जा रहे अभियान का असर है कि स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग अच्छी आई है। इसमें और सुधार होगा। स्वच्छता के मामले में शहर देश में एक पहचान बनाएगा।
- सीताराम जायसवाल, मेयर
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