जेईई एडवांस्ड-2020 के सभी एक लाख सफल छात्रों को नहीं मिलेगा तीसरा मौका

सीमा शर्मा, नई दिल्ली। Updated Wed, 25 Nov 2020 03:01 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

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आईआईटी प्रबंधन शैक्षणिक सत्र 2019-20 के तहत जेईई एडवांस्ड-2020 के लिए क्वालीफाई करने वाले सभी सफल एक लाख छात्रों को तीसरा मौका नहीं देगा।
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प्रबंधन का तर्क है कि मध्य मार्च तक स्कूल और कोचिंग सेंटर खुले थे और छात्रों के पास तैयारी का पूरा मौका था। यदि इन्हें तीसरा मौका दिया गया तो 2020-21 के सत्र में कोरोना के चलते घर बैठे पढ़ाई कर रहे छात्रों से अन्याय होगा। इस साल छात्र 12वीं बोर्ड, जेईई मेंस और जेईई एडवांस की तैयारी सीमित संसाधनों में कर रहे हैं।



आईआईटी काउंसिल के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, जेईई एडवांस्ड 2020 के लिए सफल एक लाख छात्र तीसरा मौका देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन यह संभव नहीं है। कोविड-19 संक्रमण के बचाव के चलते मध्य मार्च के बाद लॉकडाउन, स्कूल और कोचिंग बंद किए गए। जबकि इन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र पहले से तैयारी में जुटे होते हैं। इसलिए उनकी मांग पूरी नहीं की सकती है।

सीट कम छात्र अधिक होने से दिक्कत
आईआईटी में 16,053 सीटों पर दाखिले होंगे। यदि एक लाख छात्रों को तीसरा मौका दिया जाता है तो जेईई एडवांस्ड-2021 के लिए क्वालीफाई करने वाले टॉप ढाई लाख छात्रों को सीट कैसे मिलेगी। दोनों को मिलाकर साढ़े तीन लाख छात्र होंगे और सीटें सीमित होंगी। इससे जेईई एडवांस्ड 2021 की परीक्षा और कठिन हो जाएगी।

70 फीसदी छात्र पहले मौके में होते हैं पास
आईआईटी के आंतरिक सर्वे के मुताबिक 70 फीसदी छात्र पहले मौके में जेईई एडवांस्ड पास कर लेते हैं। वहीं, 30 फीसदी दूसरे मौके में पास होते हैं।

करीब पांच हजार अधिक छात्रों को तीसरा मौका
आईआईटी प्रबंधन के मुताबिक, जेईई मेंस-2020 में टॉप 2.50 लाख छात्रों ने जेईई एडवांस्ड 2020 के लिए सफल घोषित हुए थे। उसमें से महज 1,60,864 छात्रों ने ही पंजीकरण करवाया था। इसमें से 1,55,551 छात्रों ने ही परीक्षा दी।

करीब पांच हजार छात्रों ने जेईई एडवांस्ड पोर्टल पर पंजीकरण करवाया पर फीस नहीं दी। ऐसे में आईआईटी प्रबंधन ने फैसला किया है कि जिन छात्रों ने पंजीकरण करवाया था सिर्फ उन्हें तीसरा मौका दिया जाएगा। ऐसे में इन पांच हजार छात्रों को ही तीसरा मौका मिलेगा।

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