NEET PG EWS QUOTA : नीट आरक्षण मामले में केंद्र का सुप्रीम कोर्ट में जवाब, कहा- आठ लाख की आय सीमा के पुनर्निर्धारण पर चार सप्ताह में रिपोर्ट देगा पैनल

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Thu, 25 Nov 2021 04:05 PM IST

सार

NEET PG EWS QUOTA : केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वह ईडब्ल्यूएस श्रेणी के निर्धारण के लिए मानदंड का पता लगाने के लिए समिति का गठन करेगा और पैनल को इसके लिए चार सप्ताह का समय चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट में नीट मसला
सुप्रीम कोर्ट में नीट मसला - फोटो : Social Media
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विस्तार

स्नातकोत्तर मेडिकल शिक्षा पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट पीजी एग्जाम में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के आरक्षण की ऊपरी आय सीमा मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अपना जवाब दाखिल करते हुए चार सप्ताह का समय मांगा है।
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गुरुवार, 25 नवंबर की सुनवाई में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सूचित किया कि केंद्र सरकार ने EWS श्रेणी के निर्धारण के लिए निर्धारित आठ लाख रुपये की वार्षिक आय की सीमा पर फिर से विचार करने का निर्णय किया है। साथ ही एक समिति भी बनाई जाएगी, जो इस पर विचार करेगी। 

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समिति चार सप्ताह में करेगी विचार
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केंद्र NEET में आरक्षण के लिए EWS श्रेणी के निर्धारण के लिए निर्धारित 8 लाख रुपये की वार्षिक आय की सीमा पर फिर से विचार करेगा। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि वह ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत आरक्षण निर्धारण के लिए सही मानदंड का पता लगाने के लिए एक समिति का गठन करेगा और पैनल को इसके मानदंड निर्धारित करने के लिए चार सप्ताह का समय चाहिए होगा। 

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नीट पीजी काउंसलिंग भी टली
केंद्र सरकार की ओर से मेहता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को पहले दिए गए आश्वासन के अनुसार, जब तक समिति ईडब्ल्यूएस श्रेणी के निर्धारण के लिए मानदंड तय नहीं करती है, तब तक नीट काउंसलिंग को चार सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया जाता है। 
 
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