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पहल: राज्य के हर जिले में खुलेगा इंग्लिश मीडियम कॉलेज, 10 दिन में तैयार होगी कार्य योजना

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Thu, 18 Aug 2022 11:36 PM IST
सार

Swami Atmanand English Medium Model Colleges: इस कदम का उद्देश्य उन माता-पिता पर वित्तीय बोझ को कम करना है, जिनके बच्चों को 12वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ता है।

Chhattisgarh CM Bhupesh Baghel
Chhattisgarh CM Bhupesh Baghel - फोटो : ANI
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विस्तार

छत्तीसगढ़ सरकार ने अगले तीन वर्षों में राज्य के सभी जिलों में अंग्रेजी माध्यम के कॉलेज स्थापित करने का फैसला किया है, जिसका उद्देश्य मूल छात्रों को राज्य में ही उच्च अध्ययन करने की सुविधा प्रदान करना है, राज्य सरकार के एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के मुख्य सचिव को इस संबंध में 10 दिनों के भीतर कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य उन माता-पिता पर वित्तीय बोझ को कम करना है, जिनके बच्चों को 12वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ता है।
 

स्वामी आत्मानंद के नाम पर होगा नामकरण

सीएम बघेल ने मुख्य सचिव को भेजे सर्कुलर में कहा है कि अगले तीन वर्षों में सभी जिला मुख्यालयों में इंग्लिश मीडियम मॉडल कॉलेज के रूप में संस्थान स्थापित किए जाएंगे। इन संस्थानों का नामकरण स्वामी आत्मानंद पर होगा। सीएम बघेल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों को मिले अच्छे रिस्पॉन्स को देखने के बाद यह निर्णय लिया गया है।  
 

शुरुआत में 10 अंग्रेजी माध्यम के कॉलेज खोले जाएंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरुआत में जून 2023 से शुरू होने वाले अगले शैक्षणिक सत्र से राज्य के प्रमुख शहरों में 10 अंग्रेजी माध्यम के कॉलेज खोले जाएंगे। बाद में इसे अगले तीन वर्षों में सभी जिला मुख्यालयों में चरणबद्ध तरीके से दोहराया जाएगा। 
 

उच्च शिक्षा के लिए जाना पड़ता है बाहर

वर्तमान में, राज्य में कोई अंग्रेजी माध्यम का सरकारी कॉलेज नहीं है और छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए महानगरीय कॉलेजों में प्रवेश लेना पड़ता है, बघेल ने कहा कि इनके खुलने के बाद अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में कक्षा 12वीं पढ़ने वाले छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों और उनके अभिभावकों को भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है क्योंकि उन्हें दूसरे राज्यों में स्थित कॉलेजों में प्रवेश लेना पड़ता है।
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