विज्ञापन
विज्ञापन

बीमार अस्पताल से स्वस्थ समाज का सपना

अमर उजाला ब्यूरो, कौशांबी Updated Sat, 15 Jun 2019 01:02 AM IST
अजुहा न्यू पीएचसी
अजुहा न्यू पीएचसी - फोटो : kaushambi
नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अजुहा खुद इलाज को मोहताज है। जिले के बार्डर पर स्थित इस अस्पताल में 22 फरवरी से चिकित्सक नहीं आ रहे हैं। फार्मासिस्ट के भरोसे नीम-हकीमों की तर्ज पर लोगों को दवाएं दी जा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर पंचायत अजुहा कौशाम्बी और फतेहपुर के बार्डर पर है। छह बेड के इस अस्पताल में लोगों को भर्ती करके इलाज करने की व्यवस्था है। यहां रोजाना 20 से 25 मरीज इलाज के लिए आते हैं। अस्पताल में डॉ. हासिम को नियुक्त किया गया है। यह चिकित्सक पिछले 22 फरवरी से अस्पताल नहीं आ रहे हैं। अस्पताल में फार्मासिस्ट गोवर्द्धन किसी तरह से आने वाले मरीजों का इलाज कर रहा है।

चिकित्सक के नहीं होने के कारण अस्पताल बदहाली का शिकार हो गया है। बेडों पर चादर तक नहीं डाली गई है। शौचालय में गंदगी फैली है। फार्मासिस्ट गोवर्द्धन का कहना है कि यहां पर तैनात चिकित्सक को जेल में अटैच किया गया है। इस वजह से अस्पताल में कोई व्यवस्था देखने वाला नहीं है। खास बात यह है कि बार्डर पर अस्पताल होने के कारण यहां पर फतेहपुर के सीमावर्ती मरीज भी आते हैं।

धाता के मेड़ीपुर निवासी दयाराम का कहना है कि उनके यहां कोई भी बीमार होता है तो वह उसे लेकर अजुहा के अस्पताल लाते हैं। मजबूरी में सीएचसी सिराथू में जाकर इलाज कराना होता है। शुक्रवार को इलाज कराने रूपरानी, ममता देवी आदि का कहना है कि यह अस्पताल शोपीस बनकर रह गया है। लोग बेहतर इलाज की मंशा पाल कर यहां आते हैं लेकिन मजबूरी में निजी अस्पताल जाकर इलाज कराना पड़ रहा है।

एक साल से नहीं हो रहा टीकाकरण
अजुहा। अस्पताल में पिछले एक साल से न्यू पीएचसी अजुहा में टीकाकरण नहीं हो रहा है। लोग टीकाकरण कराने आते हैं लेकिन मायूसी हाथ लगती है। शुक्रवार धुमाई गांव की करिश्मा अपने बच्चे को टीका लगवाने के लिए आई थी। अस्पताल में मौजूद फार्मासिस्ट ने वैक्सीन नहीं होने की बात कहकर वापस कर दिया।

सात की तैनाती, मौके पर दो
अजुहा। अमर उजाला टीम के न्यू पीएचसी अजुहा की पड़ताल के दौरान पाया कि यहां सात लोगों की तैनाती है। इसके बावजूद यहां फार्मासिस्ट गोवर्द्धन और वार्ड ब्वाय पोखराज गुप्ता के अलावा कोई नहीं था। पांच लोग बिना किसी सूचना के गायब थे। सिर्फ एलए सुखपाल का अवकाश के लिए आवेदन पत्र मौके पर मिला। 

Recommended

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए
Lovely Professional University

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए

लाख प्रयास के बावजूद  नहीं मिल रही नौकरी? कराएं शनि-केतु शांति पूजा- 29 जून 2019
Astrology

लाख प्रयास के बावजूद नहीं मिल रही नौकरी? कराएं शनि-केतु शांति पूजा- 29 जून 2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

पीएम मोदी पर ओवैसी ने साधा निशाना कहा- ‘शाहबानो याद है पर तबरेज और अखलाक को भूल गए’

पीएम मोदी पर ओवैसी ने साधा निशाना कहा शाहबानो याद है पर तबरेज और अख्लाक को भूल गए। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि मुसलमानों को पिछड़ेपन के नाते आरक्षण देना चाहिए। ओवैसी ने आगे ये भी कहा कि बाबरी मस्जिद गिराने के लिए नरसिम्हा राव जिम्मेदार हैं।

26 जून 2019

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
सबसे तेज अनुभव के लिए
अमर उजाला लाइट ऐप चुनें
Add to Home Screen
Election