बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
TRY NOW
विज्ञापन
विज्ञापन
साप्ताहिक लव राशिफल 16 से 22 मई : क्या इस सप्ताह आपको मिलेगा अपना जीवन साथी, जानें साप्ताहिक भाग्यफल से
Myjyotish

साप्ताहिक लव राशिफल 16 से 22 मई : क्या इस सप्ताह आपको मिलेगा अपना जीवन साथी, जानें साप्ताहिक भाग्यफल से

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Digital Edition

नोएडा में बोले सीएम योगी: यूपी में युद्धस्तर पर होगा टीकाकरण, गांवों में संक्रमण रोकने का काम जारी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज तीन जिलों के दौरे पर हैं। सीएम योगी गौतमबुद्धनगर जिले में पहुंच गए हैं। हिंडन एयरबेस से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर नोएडा के बॉटनिकल गार्डन हेलीपैड पर उतरा। यहां से सीएम योगी का काफिला इंदिरा गांधी कला केंद्र पहुंचा। नोएडा के सेक्टर छह स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र मीडिया वैक्सीनेशन सेंटर में सीएम योगी ने निरीक्षण किया। 

सीएम योगी की एनटीपीसी सभागार में प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसके बाद सीएम योगी ने कहा कि यूपी में तेजी से टीकाकरण हो रहा है। यूपी में टीकाकरण और तेज करेंगे। यूपी में युद्धस्तर पर टीकाकरण होगा। गांवों में संक्रमण रोकने का काम जारी है। यूपी में कोरोना मामलों में लगातार गिरावट जारी है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सक्रिय मामलों में लगातार कमी हुई है, प्रदेश का पॉजिटिविटी रेट 22 फीदसी तक गया था और आज ये 5 फीसदी से कम है। उत्तर प्रदेश 1.5 करोड़ वैक्सीन प्रदेश के नागरिकों को उपलब्ध करा चुका है। वैक्सीन वेस्टेज 21-22 फीसदी से घटकर 2-3 फीसदी हुआ है। यूपी में एक्टिव केस लगातार कम हो रहे हैं। कोरोना टेस्टिंग के लिए टीम का गठन किया गया है। 

इसके बाद सीएम योगी का दोपहर दो बजे मेरठ पुलिस लाइन स्थित हैलीपैड पर हेलीकॉप्टर उतरेगा। शाम पांच बजे तक वह मेरठ में रहेंगे। कोरोना मरीजों के इलाज और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री प्रदेश भर में दौरे पर हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसके बाद 17 मई (सोमवार) को मुजफ्फरनगर में निरीक्षण करके दोपहर करीब डेढ़ बजे राजकीय विमान से सहारनपुर पुलिस लाइन पहुंचेंगे। वहां से वाया कार सीधे सर्किट हाउस पहुंच जाएंगे।

बता दें कि इससे पहले सीएम योगी आगरा, गोरखपुर, मथुरा समेत कई जिलों का दौरा कर चुके हैं। गुरुवार को अलीगढ़ पहुंचे सीएम योगी ने कहा कि एएमयू में शिक्षकों की हो रही मौत की हकीकत जानने यहां आया हूं। उन्होंने कहा कि एएमयू में 16 में से 10 मौतें कोरोना से हुई हैं। अधिकांश शिक्षकों ने वैक्सीन की पहली डोज नहीं ली थी।

मंडल में 61 वेंटिलेटर चालू  
साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों और एएमयू वीसी व अन्य चिकित्सकों के साथ सीएम योगी ने बैठक की थी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि अलीगढ़ मंडल में एक्टिव केस घट रहे। सभी जनपद में जांच बढ़ा रहे हैं। ऑक्सीजन लगातार भेजी जा रही है। 161 वेंटिलेटर मंडल में चालू हैं। 

कोरोना के खिलाफ चल रही लड़ाई
सीएम योगी ने मथुरा में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई चल रही है, पिछले 12 दिन में पूरे प्रदेश में सक्रिय केसों की संख्या कम हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस की पहली लहर में एल-वन, एल-टू और एलथ्री अस्पताल थे। पहली लहर में एक पॉजिटिव व्यक्ति एल-वन अस्पताल में ही ठीक हो जाता था। लेकिन दूसरी लहर में स्थिति बदली है, अब ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ रही है।
 
... और पढ़ें
सीएम योगी सीएम योगी

राजकुमारी हत्याकांड में आया नया मोड़: पति ही नहीं भाई भी था हत्या करने में शामिल, सच जानकर पुलिस भी हैरान

गाजियाबाद में अपने मायके गांव बयाना में रह रही राजकुमारी उर्फ सीमा (25) की हत्या के मामले में नया मोड़ आया है। उसकी हत्या में उसका पति ही नहीं, बल्कि भाई भी शामिल था। जांच में नया एंगल सामने आने के बाद मसूरी पुलिस ने हत्यारोपी भाई कृष्ण को गिरफ्तार कर लिया। कृष्ण ने बताया कि उसकी बहन राजकुमारी बिना बताए घर से चली जाती थी। बदनामी के चलते उसने बहनोई के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। शनिवार को पुलिस ने आरोपी पति दीपक व भाई कृष्ण को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, इंदरगढ़ी निवासी दीपक किसी प्राइवेट फैक्टरी में काम करता था। पिछले साल उसने गांव बयाना निवासी राजकुमारी उर्फ सीमा से प्रेम विवाह किया था। शादी के पांच-छह महीने बाद वह भी ससुराल में घरजमाई बनकर रहने लगा। गत बृहस्पतिवार तड़के राजकुमारी का लहूलुहान शव कमरे में पड़ा मिला था। पति दीपक ने थाने पहुंचकर अज्ञात लोगों द्वारा राजकुमारी की हत्या करने का आरोप लगाया था।  ... और पढ़ें

#LadengeCoronaSe : दिल्ली सरकार दो घंटे में मरीजों के घर पहुंचाएगी ऑक्सीजन कन्संट्रेटर 

होम आइसोलेशन में इलाज करवा रहे कोरोना संक्रमितों की सहूलियत के लिए दिल्ली सरकार ने ऑक्सीजन कन्संट्रेटर बैंक शुरू किया है। राजधानी के हर जिले में 200-200 कन्संट्रेटर होंगे, जिन्हें जरूरत पड़ने पर दो घंटे के भीतर मरीजों को उनके घर नि:शुल्क मुहैया करवाया जाएगा। हालांकि, यह सुविधा दिल्ली सरकार के चिकित्सकों की सलाह पर दी जाएगी। दिल्ली सरकार की इस योजना में ओला फाउंडेशन और गिव इंडिया सहयोग दे रहा है। कन्संट्रेटर पहुंचाने का काम दो कंपनियों के जिम्मे होगा।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि अमूमन देखा गया है कि संक्रमित मरीजों को तुरंत ऑक्सीजन दे दी जाय, तो उनकी तबीयत ज्यादा नहीं बिगड़ती है, लेकिन अक्सर ऐसा नहीं हो पाता और उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ता है। ऐसे मरीजों के लिए हमनेऑक्सीजन कन्संट्रेटर बैंक (ओसीबी) बनाया है।

केजरीवाल ने बताया कि हर जिले में 200-200 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर का बैंक बनाया है। होम आइसोलेशन में इलाज करवा रहे मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है, तो दो घंटे में हमारी टीम उनके घर पहुंचा देगी। टीम के साथ जाने वाला स्टाफ घर के सभी लोगों को समझा देगा कि इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है। ऐसे लोग जो अस्पताल से ठीक होकर घर जाते हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर उन्हें घर पर ऑक्सीजन लेनी पड़ती है। ऐसे लोगों को भी बैंक से ऑक्सीजन कन्संट्रेटर दिया जाएगा। मरीजों के ठीक होने पर उनसे अक्सीजन कंसंट्रेटर वापस लेकर सबसे पहले सैनिटाइज किया जाएगा और फिर किसी दूसरे मरीज को इस्तेमाल करने के लिए दिया जाएगा।

होम आसोलेशन का हिस्सा बनें मरीज
केजरीवाल ने बताया कि को कोरोना संक्रमित व्यक्ति होम आइसोलेशन का हिस्सा नहीं है, तो वह 1031 पर फोन कर करके इस सुविधा से जुड़ सकते हैं। जब वह ऑक्सीजन कन्संट्रेटर की मांग करेंगे तो चिकित्सकों की सलाह पर उनको यह सुविधा मुहैया कराई जाएगी।

दिल्ली में 38 दिन बाद संक्रमितों का आंकड़ा 6500 से भी कम
राजधानी में कोरोना के दैनिक संक्रमितों की संख्या लगातार घटती जा रही है। शनिवार को संक्रमण के 6,430 नए केस मिले, जबकि 337 लोगों की कोरोना से मौत हो गई। 38 दिन बाद दिल्ली में 6500 से कम मामले आए हैं। साथ ही संक्रमण दर भी घटकर 11.32 फीसदी हो गई है।
... और पढ़ें

नोएडा: झोलाछाप डॉक्टर ने बिना जांच कराए चढ़ा दीं ग्लूकोज की 15 बोतलें, महिला की मौत

ग्रेटर नोएडा के जेवर में एक झोलाछाप ने महिला मरीज की कोविड की जांच किए बिना ही 15 ग्लूकोज की बोतल चढ़ा दीं। ऐसे में उसकी हालत और खराब होती गई और मृत्यु हो गई।

अब जिलाधिकारी के निर्देश पर जेवर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी ने ओरापी के खिलाफ आईपीसी की धाराओं और कोविड महामारी रोकथाम अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी और एसएचओ को पत्र लिखा है, ताकि प्राथमिक दर्ज कार्रवाई की जा सके।

चिकित्सा प्रभारी अधिकारी डॉ. पवन कुमार ने बताया कि जेवर मोहल्ला दाऊजी निवासी 32 वर्षीय अलका की कोविड जांच कराए बिना झोलाछाप ने 15 ग्लूकोज की बोतलें चढ़ा दीं। ऐसे में मरीज की स्थिति लगातार खराब होती गई। परिजन सुबह ई-रिक्शा से महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए थे। यहां मरीज ने दम तोड़ दिया।

वहीं, आरोपी झोलाछाप का कहना है कि मरीज के परिजन बुधवार को इलाज के लिए आए थे। उन्हें अस्पताल लेकर जाने के लिए कहा था, लेकिन परिजन यहीं पर इलाज कराने की जिद करने लगे। तबीयत में सुधार भी आया था, लेकिन बृहस्पतिवार सुबह मौत हो गई।
... और पढ़ें

#LadengeCoronaSe : दिल्ली में दो सप्ताह में 4 फीसदी बढ़ी रिकवरी दर, संक्रमण में भी कमी

प्रतीकात्मक तस्वीर
राजधानी में संक्रमितों की संख्या कम होने के साथ-साथ कोरोना से रिकवरी दर भी बढ़ती जा रही है। पिछले दो सप्ताह में रिकवरी दर में 4 फीसदी का इजाफा हुआ है। अब संक्रमितों के मुकाबले अधिक लोग स्वस्थ हो रहे हैं। इससे यह दर लगातार बढ़ती जा रही है। दूसरी तरफ संक्रमण में भी तेजी से कमी आ रही है। 

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दिल्ली में इस समय संक्रमण के कुल 13,87,411 में से 12,99,872 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। इस हिसाब से फिलहाल रिकवरी दर करीब 94 फीसदी है, जबकि एक मई को 89.90 फीसदी थी। इस लिहाज से देखे को दो सप्ताह में रिकवरी दर में चार प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इससे पहले पिछले माह 20 अप्रैल में यह दर घटकर 88 फीसदी तक  पहुंच गई थी, लेकिन अब बीते एक सप्ताह से संक्रमितों के मुकाबले अधिक लोग स्वस्थ हो रहे हैं। इससे यह संख्या बढ़ रही है। 

एम्स के डॉक्टर विक्रम का कहना है कि मरीजों का तेजी से स्वस्थ होना एक अच्छा संकेत हैं। यह दर्शाता है कि संक्रमण अब कमजोर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कोरोना की चौथी लहर का पीक अब बीत चुका है। ऐसे में आने वाले समय में रिकवरी दर और भी बढ़ेगी। हालांकि अभी यह भी जरूरी है कि घर पर इलाज करा रहे सभी मरीज एहतियात बरते और इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करे। 

ऐसे बढ़ी रिकवरी दर
तारीख- रिकवरी दर
1मई-89.90
3      -90.74
6-    91.32
9-     92.12
12     92.95
15-    94
स्वस्थ होने वालों की संख्या में इजाफा
तारीख- संक्रमित - स्वस्थ हुए
15मई- 6430-11592
14-  8506-14140
13-10489-15189
12-13287-14071
11-12481-13587
10-12651-13306
9-1336-14738
नोट- आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं और दर फीसदी में है

 
... और पढ़ें

एम्स निदेशक का खुलासा: 10 दिन तक ही स्टेरॉयड की जरूरत, ज्यादा देने पर ब्लैक फंगस का खतरा

कोरोना से ठीक होने वाले या संक्रमण के दौरान मरीज ब्लैक फंगस की चपेट में आ रहे हैं। इसके चलते मरीजों की मौत तक हो रही है। एम्स दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा, आमतौर पर पांच से 10 दिन तक ही स्टेरॉयड की जरूरत पड़ती है, इससे ज्यादा दिनों तक मरीज को यह दवाएं दी जाएं तो ब्लैक फंगस की आशंका काफी बढ़ जाती है। 

स्टेरॉयड दे रहे हैं तो मरीज की पूरी निगरानी करना भी स्वास्थ्य कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। ब्लैक फंगस से बचने के लिए मरीज की निगरानी बहुत जरूरी है।

उन्होंने बताया कि एम्स में अब तक 23 मरीज ब्लैक फंगस के चलते भर्ती हुए हैं। इनमें 20 मरीज कोविड संक्रमित है। जबकि तीन हाल ही में कोरोना से ठीक होने के बाद ब्लैक फंगस की चपेट में आए हैं। इसके अलावा देश के कई राज्यों में म्यूकरमाइकोसिस के 500 से भी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा, अगर इससे बचना है तो मरीज, अस्पताल और स्वास्थ्य कर्मचारियों को सतर्कता बरतनी होगी। 

अनियंत्रित मधुमेह, स्टेरॉयड का अधिक एवं बेवजह इस्तेमाल और कोरोना संक्रमण से ब्लैक फंगस जानलेवा हो सकता है। यह संक्रमण पहले से ही भारत में है, लेकिन काफी सीमित मामले सामने आते रहे हैं।
 
... और पढ़ें

दिल्ली: केजरीवाल सरकार ने फिर बढ़ाया सात दिन का लॉकडाउन, 24 मई तक रहेंगी पाबंदियां

शर्मनाक: पहले अस्पताल में दाखिले के लिए भटके, अब तलाश रहे शव, 15 अप्रैल को कोरोना से हुई थी दीपिका की मौत

लोकनायक अस्पताल में लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक भाई अपनी बहन के शव को एक महीने से तलाश रहा है, लेकिन अभी तक उसे शव नहीं मिला है। उसने पुलिस से भी गुहार लगाई लेकिन पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। 

मृतक के भाई ने बताया कि पिछले महीने 12 अप्रैल को मेरी बहन की तबीयत अचानक खराब हुई। उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। 15 अप्रैल को अस्पताल में कोविड जांच की गई, जिसमें कोरोना की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने कोविड अस्पताल जाने को कहा। बहन को एंबुलेंस में लेकर अस्पताल में दाखिला कराने के लिए निकला। 

दिनभर कई अस्पतालों के चक्कर काटे, लेकिन कहीं भी आईसीयू बेड नहीं मिला, देर रात जानकारी मिली कि लोकनायक अस्पताल में बेड खाली है। रात करीब 11 बजे जैसे ही अस्पताल पहुंचने वाले थे। बहन एकदम बेहोश हो गई। जांच में उसे मृत घोषित कर दिया गया। वह समय दिल दहलाने वाला था। दिनभर दरबदर भटकने के बाद रात में इलाज मिलने से पहले ही  बहन दम तोड़ चुकी थी। किसी तरह खुद हो संभाला।

लोकनायक अस्पताल प्रशासन ने कहा कि दो दिन बाद आकर शव ले जाना। माता-पिता और हम दोनों भाई भी कोरोना से संक्रमित हो गए थे। तबीयत ठीक न होने के कारण दो दिन बाद अस्पताल नहीं जा सके। 7 मई को स्वास्थ्य ठीक हुआ और बहन का शव लेने के लिए अस्पताल पहुंचा। 
 
... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us

विज्ञापन