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दिल्ली में पहली बार होगी वन्यजीवों की गणना, तेंदुओं की संख्या पर रहेगा जोर 

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 08 Apr 2021 05:04 AM IST

सार

  • असोला भाटी सेंक्चुअरी में वन विभाग जुलाई से शुरू करेगा पहल
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तेंदुआ...
तेंदुआ... - फोटो : सोशल मीडिया

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दिल्ली सरकार का वन विभाग जुलाई में असोला भाटी वाइल्डलाइफ सेंक्चुअरी में वन्यजीवों की गणना शुरू करने जा रहा है। यह पहली बार है जब दिल्ली में वन्यजीवों की संख्या की गणना हो सकेगी। खास बात यह है कि इस दौरान सेंचुरी में तेंदुओं की गिनती पर विभाग का अधिक जोर रहेगा। विभाग का दावा है कि सिंतबर तक सभी वन्यजीवों की गणना पूरी हो जाएगी और वर्ष के अंत तक परिणाण भी आ जाएंगे।
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वन विभाग के दक्षिणी डिवीजन के उपवन संरक्षक अमित आनंद के मुताबिक, वन विभाग की इस पहल को हर साल जारी रखने की कोशिश है। इससे प्रत्येक वर्ष वन्यजीवों की संख्या में होने वाले बदलाव के बारे में भी विभाग के जानकारी हो सकेगी। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य वनक्षेत्र में वन्यजीवों की कुल प्रजातियों का पता लगाना है। साथ ही इससे यह भी पता चलेगा कि वन्यीजीवों का किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 


उन्होंने उदारहण देते हुए कहा कि कई बार देखने में आता है कि भेड़िए एक क्षेत्र तक ही सीमित रह जाते हैं। इस तरह की समस्याओं से निपटने के लिए भी वैज्ञानिक सलाह ली जाएगी। अधिकारी ने कहा कि गणना करने के लिए वन विभाग के पास पर्याप्त स्टॉफ है। इसके अतिरिक्त स्कूल व कॉलेज से भी छात्रों को वालंटियर के रूप में शामिल किया जाएगा। गणना के लिए ग्रिड बनाई जाएगी व प्रत्येक ग्रिड के लिए एक टीम को तैनात किया जाएगा। साथ ही टीम को प्रशिक्षण के लिए बांबे इतिहास सोसायटी व वाइल्डलाइफ प्रशिक्षण संस्थान भेजा जाएगा। 

अधिकारी ने बताया कि गणना के लिए विभाग कैमरों की व्यवस्था कर रहा है। इसकी मदद से वन्यजीवों की आसानी से गणना हो सकेगी। उम्मीद है कि इसके परिणाम भी इस वर्ष के अंत तक जारी हो सकते हैं।  

गौरतलब है कि असोला वाइल्डलाइफ सेंक्चुअरी दक्षिणी दिल्ली के 32.71 वर्ग मीटर में फैली हुई है। यह दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर अरावली पहाड़ी पर स्थित है। इसका कुछ हिस्सा फरीदाबाद व गुरुग्राम के उत्तरी क्षेत्र में भी लगता है जो विशेषकर तेंदुओं  के लिए जाना जाता है। यह हिस्सा राजस्थान के सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान से भी जुड़ा हुआ है।  

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