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दिल्ली: ट्रक चालकों को दिया गया टायर सुरक्षा प्रशिक्षण

अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: प्राची प्रियम Updated Thu, 01 Oct 2020 03:47 PM IST
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प्रशिक्षण लेते चालक
प्रशिक्षण लेते चालक - फोटो : अमर उजाला

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हरियाणा के गुरुग्राम और करनाल स्थित इंडियन ऑयल के बोटलिंग प्लांट से घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की आपूर्ति करने वाले वाणिज्यिक वाहनों के चालकों को टायर की देखभाल एवं सुरक्षा के संबंध में गुरुवार को प्रशिक्षित किया गया। चालकों एवं लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं को टायर सुरक्षा के संबंध में प्रशिक्षित करने के लिए ऑटोमोटिव टायर मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (एटीएमए) और उसकी तकनीकी इकाई इंडियन टायर टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी (आईटीटीएसी) ने इंडियन ऑयल से हाथ मिलाया है। 
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ये चालक इंडियन ऑयल के इंडेन कुकिंग गैस की आपूर्ति करते हैं। इंडियन ऑयल के दोनों बोटलिंग प्लांट पर दो दिन चले प्रशिक्षण कार्यक्रम में 150 से ज्यादा वाणिज्यिक चालकों, क्लीनर्स एवं फ्लीट मैनेजरों को टायर सुरक्षा का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। 

इंडियन ऑयल के गुरुग्राम बोटलिंग प्लांट के सुजीत कुमार और करनाल प्लांट के नवीन मुखीजा ने प्रशिक्षण कायक्रमों की अगुआई की। आईटीटीएसी के चेयरमैन टॉम थॉमस ने कहा, 'एलपीजी सिलेंडर को लाना-ले जाना बहुत जिम्मेदारी का काम है। परिवहन सेक्टर में अहम भूमिका निभाने वाले वाणिज्यिक वाहनों के चालकों को सुरक्षा के सभी मानकों के प्रति सतर्क एवं जागरूक होना चाहिए। 

इसमें भी कुकिंग गैस की आपूर्ति करने वाले चालकों के मामले में सुरक्षा को लेकर सतर्कता और भी जरूरी हो जाती है। एटीएमए और आईटीटीएसी ने इन चालकों के लिए विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया है। सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता की दिशा में हमारा साथ देने के लिए हम इंडियन ऑयल की सराहना करते हैं।

वाणिज्यिक चालकों को टायर पर बने ट्रेड वियर इंडीकेटर्स (टीडब्ल्यूआई) को लेकर विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया। टीडब्ल्यूआई की मदद से चालक आसानी से समझ सकते हैं कि टायर कितना घिस चुका है। इस बारे में जानकारी होने पर चालक केंद्रीय मोटर वाहन नियम के तहत ट्रेड को लेकर तय मानक के भीतर ही टायर बदल सकते हैं।

एटीएमए के डायरेक्टर जनरल  राजीव बुधराजा ने कहा, 'बड़े पैमाने पर चालकों को टायर ट्रेड के बारे में जानकारी नहीं होती है। घिसे हुए टायर ब्रेक लगाने के बाद भी ज्यादा दूर जाकर रुकते हैं, जिससे सुरक्षा को खतरा हो सकता है। प्रशिक्षण के दौरान चालकों को टीडब्ल्यूआई के बारे में, टायर पर विभिन्न निशान के बारे में और उनके महत्व के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें इस बारे में जागरूक किया गया कि टायर की बेहतर देखभाल के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।

वाणिज्यिक वाहनों के नए टायर में 16 से 18 मिलीमीटर तक ट्रेड की गहराई होती है। ट्रेड वियर इंडीकेटर (टीडब्ल्यूआई) को ट्रेड के इन्हीं खांचों के बीच 1.6 मिलीमीटर की गहराई पर बनाया गया होता है, जो वैधानिक रूप से ट्रेड के लिए तय न्यूनतम गहराई है। जैसे ही टायर घिसकर टीडब्ल्यूआई के स्तर तक पहुंच जाए, उसे बदल देना चाहिए। टायर के किनारों पर निशान बने होते हैं, जो टीडब्ल्यूआई की ओर संकेत करते हैं।

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