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बदला लेने के लिए किया मर्डर: बेहोशी की हालत में की गई थी त्रिलोचन की हत्या, पुलिस ने एक आरोपी को जम्मू से किया गिरफ्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Wed, 15 Sep 2021 01:57 AM IST

सार

पकड़े गए राजेंद्र ने बताया कि पुलिस से बचने के लिए वह जम्मू स्थित अपनी ससुराल चला गया था। उसने कहा कि इस हत्या का मास्टरमाइंड हरप्रीत सिंह है। हरप्रीत के मामा की हत्या साल 1983 में हुई थी। उसे लगता था कि इस वारदात में त्रिलोचन का हाथ था।
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त्रिलोचन सिंह वजीर (फाइल फोटो)
त्रिलोचन सिंह वजीर (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता त्रिलोचन सिंह वजीर की हत्या के मामले में पश्चिमी जिला पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। हत्याकांड की साजिश में शामिल आरोपी राजेंद्र उर्फ राजू को जम्मू से गिरफ्तार किया गया है। उसने बताया कि त्रिलोचन सिंह को बेहोशी की हालत में गोली मारी गई थी। त्रिलोचन सिंह का जम्मू से सामान राजेंद्र लेकर आया था। हरप्रीत ने अपने मामा की हत्या का बदला लेने के लिए त्रिलोचन सिंह को मारा था।
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पश्चिमी जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिले के स्पेशल स्टाफ, एएटीएस और पंजाबी बाग थाने की पुलिस की पूछताछ में राजेंद्र ने खुलासा किया है कि हत्या में हरप्रीत व हरमीत समेत चार लोग शामिल थे। त्रिलोचन सिंह को खाने में नशीली दवा देकर बेहोश किया गया। इसी हालत में उन्हें गोली मारी गई थी। त्रिलोचन सिंह की हत्या 3 सितंबर को गोली मारकर की गई थी। उनका शव 9 सितंबर को बरामद हुआ था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अन्य आरोपियों के गिरफ्त में आने के बाद ही राजेंद्र के खुलासे की पुष्टि होगी।


पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुंबई में टैक्सी ड्राइवर का काम करने वाला राजेंद्र त्रिलोचन सिंह का सामान दो सितंबर को जम्मू से बस से लेकर आया था। खुद त्रिलोचन सिंह हवाई जहाज से दिल्ली आए थे। उसे त्रिलोचन सिंह का सामान लाने के लिए हरप्रीत ने भेजा था। राजेंद्र हरप्रीत सिंह खालसा का दोस्त है। बीते अगस्त महीने में हरप्रीत ने उसे काम दिलाने के नाम पर दिल्ली बुलाया था। राजेंद्र ने बताया कि त्रिलोचन सिंह की हत्या तीन सितंबर को की गई थी।

राजेंद्र ने पुलिस को बताया कि त्रिलोचन की हत्या के समय घर में हरप्रीत सिंह खालसा, हरमीत सिंह, बिल्ला और वह मौजूद थे। हत्या उन्होंने 3 सितंबर की रात गोली मारकर की थी। शव बाथरूम में रखकर वे एक-एक कर घर से निकलकर फरार हुए थे।

राजेंद्र ने बताया कि पुलिस से बचने के लिए वह जम्मू स्थित अपनी ससुराल चला गया था। उसने कहा कि इस हत्या का मास्टरमाइंड हरप्रीत सिंह है। हरप्रीत के मामा की हत्या साल 1983 में हुई थी। उसे लगता था कि इस वारदात में त्रिलोचन का हाथ था। इसका बदला लेने के लिए उसने हरमीत, राजू और अपने दोस्त बिल्ला के साथ मिलकर वारदात की।

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