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Delhi: दरिंदगी का शिकार हुए 10 साल के बच्चे की अस्पताल में मौत, कुकर्म के बाद बेरहमी से पीट भागे थे वहशी

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Sat, 01 Oct 2022 10:15 AM IST
सार

18 सितंबर को सीलमपुर के ही तीन नाबालिग लड़कों ने मासूम के साथ बेरहमी से कुकर्म किया था। बच्चे ने जब इसका विरोध जताकर परिजनों से शिकायत करने की बात की तो आरोपियों ने उसके निजी अंग में लोहे की रॉड डाल दी थी।

एलएनजेपी अस्पताल
एलएनजेपी अस्पताल - फोटो : सोशल नेटवर्क
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विस्तार

सीलमपुर इलाके में लगभग निर्भया जैसी हैवानियत का शिकार हुआ 11 साल का मासूम जिंदगी की जंग हार गया। शनिवार तड़के एलएनजेपी अस्पताल में मल्टी ऑर्गन फेलियर की वजह से मासूम की मौत हो गई। 18 सितंबर को सीलमपुर के ही तीन नाबालिग लड़कों ने मासूम के साथ बेरहमी से कुकर्म किया था। बच्चे ने जब इसका विरोध जताकर परिजनों से शिकायत करने की बात की तो आरोपियों ने उसके निजी अंग में लोहे की रॉड डाल दी थी। इसके बाद उसकी बुरी तरह पिटाई कर काफी ऊंचाई से नीचे फेंक दिया था।


घटना के बाद चार दिनों तक मासूम ने डर की वजह से किसी को कुछ नहीं बताया था। बाद में तबीयत बिगड़ने पर 22 सितंबर को बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मासूम की मौत के बाद से उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दोपहर के समय गुस्साए परिजनों ने जीरो-पुश्ता रोड जाम भी कर दिया। बाद में पुलिस ने समझा-बुझाकर लोगों को हटाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद मासूम का शव परिवार के हवाले कर दिया है। आरोपी तीसरे नाबालिग आरोपी की तलाश कर रही है।


जानकारी के अनुसार मासूम अपने परिवार के साथ सीलमपुर इलाके में रहता था। इसके परिवार में माता-पिता के अलावा एक 11 साल की जुड़वा बहन, दो शादीशुदा बहनें व एक शादीशुदा और भाई है। मासूम का भाई परिवार से अलग रहता है। उसका पिता बीमार रहने की वजह से कुछ काम नहीं करता है। बच्चे की मां ही घरों में झाड़ू-पोछा कर घर का गुजार कर रही है। एक परिजन ने बताया कि उनका बच्चा पास के सरकारी स्कूल में पांचवीं कक्षा का छात्र था।

18 सितंबर की शाम को वह दोस्तों के साथ खेलने के लिए घर से निकला हुआ था। इस बीच देर शाम घर पहुंचा तो उसके पैर में चोट लगी थी। मां ने पूछा तो उसने दीवार से गिरने की बात की। परिजनों ने उसे आसपास के डॉक्टरों को दिखाया और दवाई लेते रहे। इस बीच उसकी टांगों और निजी अंग में दर्द होने लगा। पूछने पर मासूम ने कुछ भी बताने से मना करने लगा। बच्चे को डर था कि अगर उसने कुछ बताया कि उसके साथ गलत करने वाले लड़के उसके माता-पिता व उसे मार देंगे। मासूम का भरोसा जीतने के बाद परिजनों ने उससे पूछा तो उसने सारी बात बताई। इसके बाद परिजनों के होश उड़ गया।

मासूम के निजी अंग में गंभीर संक्रमण हुआ था। परिवार उसे पहले जग प्रवेशचंद अस्पताल ले गए, जहां से उसे एलएनजेपी अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में भर्ती होने के बाद ही पुलिस को खबर मिली। शुरुआत में परिवार ने बयान देने से मना कर दिया था। काउंसलिंग कराने पर 24 को बयान देने पर पुलिस ने पॉक्सो, कुकर्म व अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर दो नाबालिग लड़कों को हिरासत में लेकर उनको जेजे बोर्ड में पेश किया। जहां से दोनों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया। परिजनों के आरोप में वारदात में शामिल मुख्य नाबालिग आरोपी फरार है। उसका परिवार घर पर ताला लगातार फरार है। तभी से पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही है। इधर अस्पताल में भर्ती मासूम के निजी अंग से संक्रमण उसके शरीर में फैलता चला गया। भर्ती होने के दो दिन बाद ही उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। शनिवार सुबह 6 बजे उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के हवाले कर दिया।

बड़ा होकर पुलिस का अफसर बनना चाहता था मासूम
मासूम की मौत के बाद से उसके परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है। बड़ी बहन ने बताया कि उनका भाई पढ़ने में बेहद होशियार था। क्लास में वह हमेशा अव्वल आता था। उसके पिता काफी दिनों से बीमार हैं। खुद उसका भाई बड़ा होकर पुलिस अफसर बनना चाहता था। अक्सर वह सड़क पर गश्त करने वाले पुलिस कर्मियों से यह भी पूछता था कि पुलिस कैसे बना जाता है। दोपहर बाद जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद मासूम का शव घर पहुंचा तो घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने आरोपी लड़कों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की।

22 सितंबर को मासूम ने खुद का बनाया था एक वीडियो
घटना के बाद 22 सितंबर को मासूम ने खुद ही अपना एक वीडियो बनाया था। बाद में धीरे-धीरे यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। करीब एक मिनट 35 सेकंड के वीडियो में मासूम खुद के साथ हुई हैवानियत के बारे में बता रहा है। पुलिस ने वीडियो को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। वीडियो में मासूम यह भी बता रहा है कि उसके साथ जबरदस्ती की गई। विरोध करने पर उसके साथ और हैवानियत हुई।

परिजनों ने जीरो पुश्ता पर लगा दिया जाम
घटना के बाद से 13-14 साल का किशोर परिवार के साथ फरार है। परिजनों का कहना था कि पुलिस की लापरवाही की वजह से आरोपी लड़का फरार है। इसी लड़के ने मासूम के साथ सबसे ज्यादा हैवानियत की थी। उसे पास की डिस्पेंसरी ले गए। वहां काफी ऊंची दीवार से इसे नीचे फेंक दिया गया था। गुस्साए परिजनों ने दोपहर करीब दो बजे जीरो पुश्ता रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस को सूचना मिली तो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाद में लोगों को समझा-बुझाकर उनको हटाया गया। पुलिस ने आरोपी लड़के को जल्द ही पकड़ने का आश्वासन दिया है।
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